सरकारी नौकरियों की खान है यूनिक भांभू, 6 साल में भाई, पत्नी व बुआ के 2 बेटों समेत 500 को दिलवाई नौकरी
Unique Bhambu Government Jobs Rajasthan: यूनिक भांभू उर्फ पंकज भांभू। इनका नाम ही यूनिट नहीं बल्कि काम भी यूनिक है। ये वो शख्स है, जिसने 500 लोगों को सरकारी नौकरी लगवा दी।
खुद नकल करके वनपाल पद पर नौकरी हासिल करने वाले यूनिक भांभू ने पत्नी, भाई व बुआ के दो बेटों को भी लाभ पहुंचाया। यह सरकारी नौकरियों में पिछले छह साल से फर्जीवाड़ा कर रहा था।

यूनिट भांभू के कारनामों का खुलासा SOG की जांच में हुआ है। राजस्थान पेपर लीक केस सरगना जगदीश बिश्नोई से भी यूनिक भांभू के तार जुड़े हुए थे। 500 लोगों का फर्जीवाड़ा से चयन करवा दिया। इनमें से 250 से ज्यादा अभ्यर्थी तो इनके परिवार व रिश्तेदारी में हैं।
बता दें कि एसओजी की एंटी चीटिंग सेल ने 10 से ज्यादा भर्तियों में पेपर लीक के तार जोड़ते हुए जिन 97 लोगों को पकड़ा है, उनसे पूछताछ में पेपर माफिया यूनिक उर्फ पंकज भांभू के नेटवर्क का भी खुलासा हुआ है। फिलहाल यूनिक भांभू एसओजी की पकड़ से बाहर है।
पुलिस सूत्रों के अनुसार यूनिक भांभू खुद नकल करके वन विभाग में वनपाल लगा यूनिक भांबू करीब 8 साल से नकल गिरोह के संपर्क में है। पहले वह छोटे स्तर पर दलाली करता था, लेकिन साल 2018 में वह नकल माफिया जगदीश बिश्नोई के संपर्क में आ गया।
पेपर लीक के इस गिरोह से जुड़ गया। इसके बाद से उसने एसआई भर्ती परीक्षा पेपर लीक तक करीब दस भर्तियों में फर्जीवाड़ा कर लोगों को नौकरी लगवाया। इसके लिए फर्जी डिग्रियां तक बनवाई। शुरुआत में उसने शेखावाटी के झुंझुनूं व चूरू के लोगों को नौकरी लगाया।
किसको कहां लगवाई नौकरी
-झुंझुनूं निवासी बुआ के बेटे नवीन को बिजली विभाग में तकनीकी सहायक, दूसरे बेटे अनिल को ग्रेड थर्ड टीचर
-अपने भाई विवेक भांभू को फौज से रिटायरमेंट दिलवाकर एसआई भर्ती परीक्षा 2021 में पास करवाया।
-चूरू की पूनिया कॉलोनी निवासी एकता राहत व भूदा का बास मलसीसर के रोहिताश खींचड़ को एसआई भर्ती परीक्षा में पास करवाया।
-मालीगांव के राकेश भांभू की एसआई भर्ती परीक्षा में 13वीं रैंक दिलाई।
-पत्नी को सेकंड ग्रेड शिक्षिका बनवाया। साला नरेंद्र व उसकी पत्नी वनपाल लगवाया।
-मौसी आंगनबाड़ी में महिला सुपरवाइजर हैं। मौसी के दोनों बेटे और चाचा मनीराम व उनके बेटे को नौकरी दिलवाई।
इनको भी यूनिक भांभू ने दिलाई नौकरी
चूरू के सुरेंद्र खराडिया को पटवारी, उनकी बहन प पत्नी को महिला सुपरवाइजर, चूरू के गोपीराम के बेटे विजेंद्र को लैब असिस्टेंट, एएसपी ओमप्रकाश गोदारा के बेटे करणपाल को एसआई, अजमेर के रवि भाटी को पटवारी, चूरू के रमेश कालेर की पत्नी व भांजी को आंगनबाड़ी में महिला सुपरवाइजर, झुंझुनूं के सत्यवीर सिंह को वनपाल, चूरू के श्रवण सिंह राठौड़, उदयपुरवाटी के दिनेश कुमार, बाटेड के नरेंद्र कुमार धतरवाल, शेखपुर के प्रदीप कुमार, अलसीसर के राजेश कुमार, बीनासर के सुरेंद्र कुमार पूनिया आदि भी नौकरी लगवाई है।












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