केंद्रीय मंत्री शेखावत ने क्यों कहा अशोक गहलोत किया जनता के साथ पाप ?
rajastha news: केंद्रीय जल शक्ति मंत्री गजेंद्र सिंह शेखावत आज जोधपुर पहुंचे। जहां मीडिया से बातचीत में कहा कि ईआरसीपी योजना शीघ्र धरातल पर उतरेगी,दोनों राज्यों के लिए मील का पत्थर होगी साबित ।
केंद्रीय जल शक्ति मंत्री गजेंद्र सिंह शेखावत ने कहा कि केन्द्र, राजस्थान और मध्यप्रदेश सरकार के मध्य एम.ओ.यू. पर हुए हस्ताक्षर दोनों राज्यों के विकास के लिए कारगर होगी परियोजना।

केंद्रीय मंत्री शेखावत आज जोधपुर पहुंचे जहां कार्यकर्ताओं ने पुष्प वर्षा कर जोरदार स्वागत किया। केंद्रीय मंत्री शेखावत ने अशोक गहलोत पर निशाना साधते हुए कहा कि ईआरसीपी पर राजनीति कर जनता के साथ पाप किया है।
इसी पाप की कांग्रेस को सजा मिली है। दोनों राज्यों में इसी के चलते भाजपा की सरकार बनी है। सरकारें बनने से दोनों ही राज्यों ने इसका समाधान निकाला।
Rajasthan news: @gssjodhpur ने जब कहा गहलोत ने किया पाप,देखिए वीडियो pic.twitter.com/ZM5tN3l6tf
— PURSHOTTAM KUMAR (@pkjoshinews) January 29, 2024
स्वर्गीय अटल जी के समय में नदियों से नदियों को जोड़ने की योजनाएं तैयार की गई थी। अशोक गहलोत सरकार की हठधर्मिता के चलते ईआरसीपी परियोजना का काम नहीं हो पाया।
पूर्व मुख्यमंत्री गहलोत इस पर राजनीतिक गोटियां सेंकते रहे। राजस्थान और मध्यप्रदेश के लाखों लोगों के लिए बहुप्रतिक्षित पूर्वी राजस्थान नहर परियोजना ईआरसीपी शीघ्र ही मूर्तरूप लेगी। केन्द्र, राजस्थान और मध्यप्रदेश सरकार के बीच परियोजना की संयुक्त डीपीआर बनाने के लिए श्रम शक्ति भवन त्रिपक्षीय एमओयू पर हस्ताक्षर हुए।
केन्द्रीय जलशक्ति मंत्री गजेन्द्र सिंह शेखावत, राजस्थान के मुख्यमंत्री भजनलाल शर्मा और मध्यप्रदेश के मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव के बीच ईआरसीपी को लेकर समझौता पर हस्ताक्षर किए है।
ईआरसीपी राजस्थान और मध्यप्रदेश की एक महत्वाकांक्षी परियोजना है। किसानों के लिए महत्वपूर्ण इस परियोजना को लेकर प्रधानमंत्री बहुत गंभीर है। प्रदेश में हमारी सरकार के गठन के साथ ही इस अहम् परियोजना को पूरा करने के लिए राजस्थान और मध्यप्रदेश सरकार के बीच सहमति बनाने के लिए बैठक आयोजित की गयी।
प्रधानमंत्री की इच्छाशक्ति एवं कार्यशैली का परिणाम है कि आज इस प्रोजेक्ट को लेकर केन्द्र सरकार और दोनों राज्यों के बीच एमओयू पर हस्ताक्षर हुए हैं।
उन्होंने कहा कि पार्वती-कालीसिंध-चम्बल लिंक परियोजना से मध्यप्रदेश एवं राजस्थान का सर्वांगीण विकास होगा एवं एक स्वर्णिंम युग का उदय होगा। दोनों राज्यों के विकास के लिए यह परियोजना मील का पत्थर साबित होगी।
राजस्थान के 13 जिलों झालावाड़, बारां, कोटा, बूंदी, सवाई माधोपुर, करौली, धौलपुर, भरतपुर, दौसा, अलवर, जयपुर, अजमेर एवं टोंक में पेयजल उपलब्ध होगा। उन्होंने कहा कि इस परियोजना से 13 जिलों के लगभग 25 लाख किसान परिवारों को सिंचाई जल एवं राज्य की लगभग 40 प्रतिशत आबादी को पेयजल उपलब्ध हो सकेगा।












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