Rajasthan : 2 दिन में 4 साल की 2 बेटी बोरवेल में गिरी, एक को 'जुगाड़' से बचाया, दूसरी की मौत
Rajasthan News in Hindi, जोधपुर/अलवर। राजस्थान में दो दिन से बोरवेल के मामले में सुर्खियों में है। प्रदेश के जोधपुर व अलवर में 4-4 साल की दो बेटी बोरवेल में गिर गई। 350 फीट गहरे बोरवेल में गिरी बेटी की सांसों की डोर टूट गई, वहीं दूसरी बेटी को जुगाड़ के जरिए बचा लिया गया है। यह बेटी 40 फीट गहरे बोरवेल में गिरी थी। एक मामला अलवर जिले के नोगवा थाना इलाके के गांव नीकच तो दूसरा मामला जोधपुर जिले के खेड़ापा थाना इलाके के गांव मैलाणा का है।

जोधपुर: बोरवेल में घुटा बेटी सीमा का दम
( Borewell Case Jodhpur ) जोधपुर के खेड़ापा थाना अंतर्गत मैलाणा गांव में सोमवार शाम करीब 5:30 बजे एक कृषि फार्म पर बने 350 फीट गहरे बोरवेल में गिरी 4 साल की सीमा पुत्री पूनाराम जाट को आखिर नहीं बचाया जा सका है और उसका शव सुबह 8 बजे बाहर निकाल लिया गया है। बाद में उसके शव को एम्बुलेंस की मदद से उसके घर ले जाया गया और फिर गमगीन माहौल में अंतिम संस्कार कर दिया गया।

शाम 6.30 बजे से सुबह 7.45 तक जारी रहा रेस्क्यू ऑपरेशन
सीमा को बाहर निकालने के लिए पुलिस, प्रशासन, एसडीआरएफ व एनडीआरएफ के साथ सेना का रेस्क्यू ऑपरेशन सोमवार शाम 6.30 बजे से लेकर मंगलवार सुबह 7.45 तक जारी रहा। लगातार करीब 13 घंटे तक किए गए प्रयासों के बावजूद भी बच्ची सीमा को बचाया नहीं जा सका और लगभग 8 बजे उसका शव बोरवेल से बाहर निकाल लिया गया। हालांकि इसमें पुलिस, प्रशासन, एसडीआरएफ, एनडीआरएफ व सेना के जवानों ने तमाम प्रयास किए, लेकिन बच्ची का शव निकालने में जुगाड़ तकनीक ही काम आई और यहां के किसानों के साथ मथानिया से आए प्रशिक्षित किसान केवलराम गहलोत ने जुगाड़ तकनीक के सहारे बच्ची के शव को पानी के अंदर से बाहर निकाला।

अलवर: नलकूप में गिरी बेटी सुमैया को स्कूल बैग से बचाया
( Borewell Case alwar) इधर, हरियाणा के फिरोजपुर के पाटखोहरी निवासी जुनैद खान की बेटी चार वर्षीय बेटी सुमैया राजस्थान के अलवर जिले के नोगवा थाना इलाके के नीकच गांव में अपने नाना सत्तार खां के पास आई हुई थी। रविवार शाम को वह खेलते खेलते 40 फीट गहरे बोरवेल में गिर गई। सुमैया के बोरवेल में गिरने का पता लगने पर परिजनों समेत गांव के अनेक लोग मौके पर एकत्रित हो गए और उसे निकालने के प्रयास में जुट गए, मगर सफलता नहीं मिली। इस बीच सूचना पाकर नोगवा थानाधिकारी विजेन्द्र सिंह भी मय जाप्ता घटनास्थल पर आ गए।

पैर फिसलने के कारण बोरवले में गिरी
पैर फिसलने के कारण बोरवले में गिरने के बाद सुमैया रोने लगी। उसके रोने की आवाज बाहर भी सुनाई दे रही थी। परिजनों ने रस्सी के जरिए उस तक खाने की चीजें पहुंचाई तब वह चुप हुई। फिर उसे रस्सी पकड़ने को कहा ताकि बाहर निकाला जा सके, लेकिन उसने रस्सी नहीं पकड़ी। ऐसे में मौके पर जेसीबी भी मंगवा ली गई और बोरवेल के पास खुदाई शुरू कर दी।

स्कूल बैग को बोरवेल में उतारा गया, बच्ची उसमें बैठ गई
बोरवेल में फंसी बेटी को निकालने के लिए अलवर पुलिस ग्रामीणों के सहयोग से जुटी हुई थी। इसी दौरान थानाधिकारी विजेन्द्र सिंह ने एक स्कूल बैग मंगवाया और उसे नीचे फाड़कर देसी जुगाड़ की टोकरी बना ली। इसके बाद स्कूल बैग को बोरवेल में उतारा गया और सुमैया को उसमें बैठने को कहा तो वह उसमें बैठ और उसे सकुशल बाहर निकाल लिया गया। इस तरह जुगाड़ से 40 फीट के बोरवेल में से बच्ची को बाहर निकाल लेने का यह मामला खासा चर्चा में है।












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