Rajasthan News: राजस्थान कांग्रेस में अध्यक्ष बदलने की सुगबुगाहट तेज, इन नेताओं को मिल सकती है जिम्मेदारी
Rajasthan News: राजस्थान में भाजपा में संगठन में बदलाव के साथ ही कांग्रेस संगठन में परिवर्तन की सुगबुगाहट शुरू हो गई है। प्रदेश कांग्रेस में अध्यक्ष बदलने की चर्चा शुरू हो गई है। कांग्रेस में सचिन पायलट का प्रभाव बढ़ता जा रहा है। ऐसे में माना जा रहा है कि पार्टी में अध्यक्ष पद को लेकर बदलाव हो सकते हैं। पार्टी में किसी नए चेहरे को अध्यक्ष पद की कमान सौंपी जा सकती है। राजस्थान में भाजपा के सत्ता और संगठन में बदलाव के बाद अब कांग्रेस भी चेहरे बदलने पर विचार कर रही है। माना जा रहा है कि पार्टी को जल्दी ही अध्यक्ष के तौर पर नया चेहरा मिल सकता है।
ब्राह्मण या आदिवासी चेहरे को मिलेगी तरजीह
राजस्थान कांग्रेस में अध्यक्ष के तौर पर किसी ब्राह्मण या आदिवासी चेहरे पर दांव खेल सकती है। राजस्थान में भाजपा की सरकार बनने के बाद ब्राह्मण चेहरे के तौर पर भजनलाल शर्मा को मुख्यमंत्री बनाया गया। अब कांग्रेस ब्राह्मणों को साधने के लिए किसी ब्राह्मण चेहरे को आगे कर सकती है।

चर्चा है कि ब्राह्मण समुदाय को साधने के लिए पूर्व विधानसभा अध्यक्ष सीपी जोशी या पूर्व कैबिनेट मंत्री रघु शर्मा को पार्टी का प्रदेश अध्यक्ष बनाया जा सकता है। पूर्व विधानसभा अध्यक्ष सीपी जोशी राहुल गांधी, अशोक गहलोत और सचिन पायलट के नजदीक माने जाते हैं। केंद्रीय मंत्री भी रह चुके हैं। राजस्थान में भी मंत्री और विधानसभा अध्यक्ष रह चुके हैं। इसके अलावा पूर्व मंत्री रघु शर्मा पार्टी हाईकमान, अशोक गहलोत और सचिन पायलट के करीबी माने जाते हैं। रघु शर्मा केकड़ी से दो बार विधायक रह चुके हैं। पूर्ववर्ती गहलोत सरकार में वे चिकित्सा मंत्री थे। संगठन के कामकाज पर वे गहरी पकड़ रखते हैं। रघु शर्मा गुजरात के प्रभारी भी रह चुके हैं।
पार्टी अगर आदिवासी चेहरे को सामने लाती है तो अर्जुन बामनिया के नाम की चर्चा की जा रही है। आदिवासी चेहरे को अध्यक्ष बनाने के पीछे दक्षिण राजस्थान में भारतीय आदिवासी पार्टी के बढ़ते प्रभाव को रोकना कांग्रेस का मकसद है। अर्जुन बामनिया तीसरी बार विधायक हैं। अशोक गहलोत की सरकार में वे मंत्री रह चुके हैं। पूर्व मंत्री महेन्द्रजीत मालवीय के भाजपा में शामिल होने के बाद दक्षिणी राजस्थान में वे कांग्रेस का बड़ा चेहरा हैं।
लोकसभा चुनाव के बाद कांग्रेस में उत्साह
राजस्थान में पूर्व मुख्यमंत्री अशोक गहलोत और सचिन पायलट के बीच गुटबाजी हावी है। ऐसे में पार्टी किसी नए चेहरे को मौका देना चाहती है। पार्टी प्रदेश में बदले हुए सियासी समीकरणों को भी साधना चाहती है। हाल ही में लोकसभा चुनाव में कांग्रेस को 11 सीट मिली थी। इसके बाद से कांग्रेस में उत्साह है। राज्य में पांच विधानसभा सीटों पर उपचुनाव होने हैं। राजस्थान में उपचुनाव में कांग्रेस का परफॉर्मेंस अच्छा रहा है। ऐसे में कांग्रेस में अभी से उत्साह नजर आ रहा है।
राजस्थान कांग्रेस में सचिन पायलट का बढ़ता कद
राजस्थान में लोकसभा चुनाव के बाद से सचिन पायलट का कद बढ़ता जा रहा है। संघर्ष के दौर में उनसे अलग हुए साथी नेता भी अब उनसे फिर से जुड़ने की कोशिश करने लगे हैं। प्रदेश में धीरे-धीरे सचिन पायलट का कुनबा बढ़ता जा रहा है। सियासी गलियारों में इस बात की चर्चा तेज हो गई है कि राजस्थान में आने वाला दौर सचिन पायलट का होगा। ऐसे में संगठन में होने वाले बदलाव को सचिन पायलट से भी जोड़कर देखा जा रहा है।












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