Rajasthan Crime News: परिवादी ने लाखों रूपए की लूट के लिए महिला मित्र के साथ रच दी साजिश,फिर यूं चढ़ा हत्थे

Rajasthan News: राजस्थान के अजमेर में पुलिस ने एक ऐसी अनसुलझी गुत्थी को महज 24 घंटे में सुलझा लिया जिसमें लाखों की लूट को अंजाम देने वाला खुद परिवादी ही निकला।

अजमेर पुलिस ने करीब 9 लाख 71 हजार रूपए की लूट का आरोप लगाने वाले परिवादी को उसकी महिला मित्र के साथ महज 24 घंटे में ही दबोच कर खुलासा कर दिया।

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अजमेर की गेगल थाना पुलिस व अजमेर पुलिस की स्पेशल टीम ने बीते दिन 9 लाख 71 हजार रुपए की झूठी लूट के मामले मे महज 24 घंटे में खुलासा करते हुए परिवादी व उसकी महिला मित्र को गिरफ्तार किया है, पुलिस ने दोनों के कब्जे से पूरी राशि भी बरामद की है ।

नेशनल हाईवे 8 पर हुई बीते दिन हुई लूट के मामले मे एडिशनल एसपी ग्रामीण दीपक कुमार ने गुरुवार को खुलासा कर दिया। आरोपी टेंपो चालक ने अपने खुद का कर्ज उतारने के लिए लूट की झूठी कहानी रच दी।

ग्रामीण एडिशनल एसपी दीपक कुमार ने बताया कि लूट के गंभीरता को देखते हुए थाने और स्पेशल टीम के द्वारा घटनास्थल का बारीकी से निरीक्षण किया गया। पीड़ित टेंपो चालक के अजमेर से किशनगढ़ जाकर माल देकर रुपए लेकर आने तक सभी जगह के लगभग 500 से अधिक सीसीटीवी खंगाले गए।

एएसपी दीपक कुमार ने बताया कि पीड़ित के लोडिंग टेंपो के किशनगढ़ से अजमेर की तरफ टोल प्लाजा पार करते समय टेंपो के आगे पीछे वाले सभी वाहनों के बारे में घटना में बताई गई ईको वैन के संबंध में जानकारी प्राप्त कर पूछताछ की गई। टोल से निकली करीब 10 से 15 गाड़ियों की जानकारी जुटाकर पूछताछ की गई।

पीड़ित के द्वारा बताई गई घटना को बारीकी से चेक किया तो बाद में पीड़ित टेंपो चालक की भूमिका संदिग्ध होना पाया गया। टेंपो चालक से पूछताछ की गई तो उसने अपनी महिला मित्र के साथ वारदात करना स्वीकार किया गया।

पुलिस टीम ने कार्रवाई करते हुए हाथीखेड़ा अजमेर निवासी अर्जुन सिंह (48) पुत्र रामपाल सहित उसकी महिला मित्र वैशाली नगर निवासी शारदा देवी (42) पत्नी मनोहर सिंह को गिरफ्तार किया गया।

पुलिस ने दोनों आरोपियों से 9 लाख 71 हजार रुपए नगदी भी बरामद की है। एएसपी दीपक कुमार ने बताया की कार्रवाई में जिला स्पेशल टीम के हेड कांस्टेबल आशीष गहलोत, देवेंद्र सिंह सहित कांस्टेबल अभय सिंह, राजाराम और मनोज सिंह का विशेष योगदान रहा है।

पुलिस पूछताछ में सामना आया कि आरोपी टेंपो चालक अर्जुन सिंह ने कुछ समय पहले ही अपनी बेटी की शादी की थी। बेटी की शादी करवाने के लिए उसने कर्ज लिया था। साथ ही वाहन लोन की क़िस्त भी चल रही थी। कर्ज ज्यादा होने के कारण वह परेशान चल रहा था, जिसके बाद आरोपी ने लूट की झूठी कहानी रची थी ।

एएसपी दीपक कुमार ने बताया कि मंगलवार को जब वह अपने मालिक की रकम लेकर अजमेर आ रहा था तभी उसने अपनी महिला मित्र शारदा के साथ लूट के झूठी कहानी बनाई।

महिला शारदा देवी ने अपने नाबालिग पुत्र के साथ मोटरसाइकिल पर अजमेर से रवाना होकर घुघरा में एक दुकान से मिर्ची पाउडर लिया और अपने मित्र अर्जुन सिंह से बात कर गगवाना पुलिया पर आकर उसे रुपयों की थैली लेकर घर जाकर अपने पास रख लिए।

आरोपी टेंपो चालक ने अपनी महिला मित्र द्वारा लाए मिर्च पाउडर को टेंपो में बिखेर दिया और अपने टेंपो के शीशे को पड़े लोहे के रोड से तोड़ दिया। बाद में लूट की झूठी कहानी बताई थी।

एएसपी दीपक कुमार ने बताया कि पुलिस जांच में सामने आए कि आरोपी टेंपो चालक ने 2 महीने पहले ही एक नया मोबाइल और सिम खरीदी थी। इसके बाद ही आरोपी ने लूट की झूठी कहानी रचने की प्लानिंग बनाना शुरू कर दिया था। आरोपी अर्जुन सिर्फ बड़ी रकम आने का इंतजार कर रहा था। मंगलवार को जब उसके पास बड़ी रकम पहुंची तो उसने लूट की झूठी कहानी बना डाली।

पुलिस लूट की झूठी कहानी को रियल मानते हुए तब जांच कर रही थी। इस बीच जब आरोपी के द्वारा बताई गई घटना के तथ्य सही नहीं पाए गए तब पुलिस को पीड़ित पर ही शक होने लगा था।

पुलिस ने पीड़ित टेंपो चालक की कॉल डिटेल खंगाली तो उसमें आखरी कॉल टेंपो चालक के द्वारा अपनी महिला मित्र से करना सामने आया।

पुलिस ने पीड़ित के सामने जब उसकी महिला मित्र का नाम लिया तो वह घबरा गया और उसने डर के मारे लूट की झूठी कहानी बयां कर दी।

साथ ही जांच में पुलिस के सामने यह भी आया कि आरोपी ने मिर्ची का पाउडर टेंपो के सामने से नहीं फेंका था। मिर्ची पाउडर पुलिस को सिर्फ टेंपो के अंदर ही बिखरा हुआ मिला। जिसके कारण पीड़ित पर ही पुलिस को शक बढ़ने होने लग गया था।

लूट की झूठी कहानी का खुलासा करने वाली टीम मे गेगल थानाप्रभारी भवानी सिंह, एसआई विश्राम लाल, हेड कांस्टेबल सोदान चौधरी, कांस्टेबल रिशवेंद्र सिंह, प्रेमचंद नवल मीणा, कमला व लक्ष्मी वहीं जिला स्पेशल टीम के हेड कांस्टेबल आशीष गहलोत, देवेंद्र सिंह, कांस्टेबल अभय सिंह, राजाराम, मनोज सिंह व जिला साइबर टीम के एएसआई दुर्गेश सिंह, कांस्टेबल आजाद व सुरेंद्र रावत शामिल थे।

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