succsess story: मजदूर का बेटा लगा सरकारी नौकरी, 7 बार फेल होकर भी नहीं मानी हार
Kirtaram Meghwal Motivational Story: भारत पाकिस्तान सीमा पर स्थित छोटे से गांव के किरताराम मेघवाल की सक्सेस स्टोरी उन लोगों के लिए प्रेरणादायी है, जो शुरुआती अफसलताओं के बाद मेहनत करना छोड़ देते हैं।
किरताराम मेघवाल ने बचपन में गरीबी देखी। मां-बाप ने मजदूरी करके पढ़ाया और फिर प्रतियोगी परीक्षाओं में भाग्य आजमाया तो एक के बाद एक असफलता मिली।

अपने पहाड़ जैसे हौसलों और कड़ी मेहनत के दम पर असफलता का मात देकर आठवें प्रयास में किरताराम मेघवाल ने सरकारी व्यख्याता बनने में सफलता हासिल की है।
जानकारी के अनुसार भारत-पाकिस्तान सीमा पर राजस्थान के बाड़मेर जिले के गांव नागड़दा में मजदूर गोरधन राम व लुणी देवी ने सड़क पर मजदूरी व बड़े भाई जोगाराम ने कपड़े सिलाई करके किरमाराम मेघवाल को खूब पढ़ाया लिखाया।
किरताराम मेघवाल ने पढ़ाई पूरी करके प्रतियोगी परीक्षाओं की तैयारी शुरू की और ग्राम सेवक, एलडीसी, REET, सेकेंड ग्रेड भर्ती समेत सात प्रतियोगी परीक्षाओं में हिस्सा लिया, मगर हर बार फेल हुए।
27 वर्षीय किरताराम मेघवाल का अक्टूबर 2023 में तृतीय श्रेणी अध्यापक भर्ती परीक्षा में चयन हुआ था और अब दिसंबर 2023 में ही भूगोल विषय मे प्राध्यापक बने है। किरताराम की इस असफलता के बाद माता-पिता की खुशी का कोई ठिकाना नहीं है।












Click it and Unblock the Notifications