Aakhir Palaayan Kab Tak: सोहनी कुमारी ने बचपन में पिता को खोया, गांव से मुम्बई पहुंच बनीं फिल्म निर्माता
Sohani Choudhary Aakhir Palaayan Kab Tak: राजस्थान के बाड़मेर जिले के गुड़ामालानी के छोटे से गांव मोखवा की बेटी सोहनी कुमारी उर्फ सोहनी चौधरी बॉलीवुड में छाई हुई हैं।
फिल्म निर्माता सोहनी कुमारी द्वारा बनाई गई फिल्म 'आखिर पलायन कब तक' 16 फरवरी 2024 को सिनेमाघरों में रिलीज हो रही है। जानिए फिल्म की कहानी व सोहनी कुमारी के संघर्ष और सक्सेस के बारे में।

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सोहनी कुमारी ने बचपन में ही अपने पिता को खो दिया था। फिर मां गवरी देनी ने सोहनी देवी व उसके दो बहनों व दो भाइयों को पाला। सोहनी कुमारी ने 12वीं की पढ़ाई के बाद मुम्बई जाकर बॉलीवुड में करियर बनाने की इच्छा जताई।
शुरुआत में तो सोहनी चौधरी का परिवार उसे बाड़मेर से मुम्बई भेजने से मना कर दिया। बाद में बेटी की जिद को देखते हुए मां ने उसे मुम्बई भेजा। महज 2 हजार की आबादी वाले गांव से मुम्बई आकर सोहनी को खूब संघर्ष करना पड़ा।

मीडिया से बातचीत में सोहनी कुमारी कहती हैं कि मुम्बई से पहले उन्होंने जयपुर व जोधपुर में करियर तलाशा, मगर सफल नहीं हुई। फिर मुम्बई की राह पकड़ी और 9 साल के लंबे संघर्ष के बाद अब फिल्म निर्माता बनने में सफल हुई है।
सोहनी कुमारी कहती हैं कि 'आखिर पलायन कब तक' फिल्म सक्सेस रही तो इस दिशा में आगे बढ़ेंगी। आने वाले दिनों में सामाजिक मुद्दों पर फिल्में बनाती रहेंगी।
सोहनी के मुंबई जाने के बाद गांव वालों ने बेटी को लेकर मां गवरी देवी को खूब सुनाया कि बेटी मुंबई में है, उसने भागकर किसी के साथ शादी कर ली, नाम खराब कर दिया। लेकिन उसे अपनी बेटी पर पूरा भरोसा था, उसी का नतीजा है कि आज उनकी बेटी ने संघर्ष करते-करते ये मुकाम हासिल किया है। आज सोहनी के पड़ोसी भी उसे रोल मॉडल मानते हैं।












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