Rajasthan: कांग्रेस आलाकमान से पंगा लेने वाले धारीवाल, जोशी और राठौड़ का अब चुनाव में क्या होगा?
Rajasthan Congress Candidate List: राजस्थान विधानसभा चुनाव 2023 में कांग्रेस की दूसरी सूची में भी कैबिनेट मंत्री शांति धारीवाल, महेश जोशी व आरटीडीसी चेयरमैन धर्मेंद्र सिंह राठौड़ को टिकट नहीं दिया गया है।
Shanti Dhariwal, Mahesh Joshi, Dharmendra Singh Rathore: राजस्थान विधानसभा चुनाव 2023 के लिए कांग्रेस ने 43 नामों की दूसरी सूची भी जारी कर दी है। इसमें भी उन तीनों नेताओं के नाम शांति धारीवाल, महेश जोशी व धर्मेंद्र सिंह राठौड़ शामिल नहीं किए गए, जो राजस्थान चुनाव में चर्चा का विषय बने हुए हैं।
वजह ये है कि राजस्थान सियासी संकट के समय में शांति धारीवाल, महेश जोशी व धर्मेंद्र सिंह राठौड़ ने सचिन पायलट की कथित ताजपोशी रोकने में न केवल सीएम अशोक गहलोत का साथ दिया बल्कि कांग्रेस आलाकमान तक को आंखें दिखाई थीं।

अब राजस्थान चुनाव 2023 में प्रत्याशी घोषित करने में कांग्रेस आलाकमान इन तीनों नेताओं को आंखें दिखा रहा है। पिछले साल 25 सितंबर को इन्होंने आलाकमान को हल्के में लिया था। खुलकर बगावत कर डाली थी। अब टिकट वितरण में आलाकमान में इन्हें अपनी ताकत का एहसास करवा रहा है।
राजस्थान में कांग्रेस ने दो सूची जारी करके 200 सीटों में से 76 पर प्रत्याशी घोषित कर दिए हैं। शांति धारीवाल, महेश व धर्मेंद सिंह राठौड़ के नामों का कोई अता-पता नहीं। इस बार के राजस्थान चुनाव इनके टिकट काटे जाएंगे या आखिरी वक्त तक तरसाकर टिकट दे दिए जाएंगे। कुछ कहा नहीं जा सकता।

दरअसल, सीएम अशोक गहलोत व सचिन पायलट के बीच सत्ता को लेकर 2020 से ही सियासी संग्राम चल रहा था। मामले का पटाक्षेप करने के लिए लिए 25 सितंबर 2022 को कांग्रेस आलाकमान ने दिल्ली से तत्कालीन प्रदेश प्रभारी अजय माकन और ऑब्जर्वर के रूप में मल्लिकार्जुन खड़गे को जयपुर भेजा था।
दिल्ली से आए नेताओं ने सीएम आवास पर विधायक दल की बैठक बुलाई थी, जिसमें सचिन पायलट व उनके खेमे के विधायक तो पहुंच गए थे, मगर अशोक गहलोत खेमे के विधायकों ने उस बैठक के पैरेलल बैठक गहलोत के करीबी व यूडीएच मंत्री शांति धारीवाल के आवास पर बुलाई और वहां गहलोत खेमे के विधायक पहुंचे।
फिर गहलोत खेमे के इन विधायकों ने सीएम आवास पर होने वाली बैठक का विरोध जताया और दावा किया कि कांग्रेस हाईकमान ने दिल्ली से इन नेताओं को सचिन पायलट को विधायक दल का नेता चुनने के लिए जयपुर भेजा है। इसलिए वे सीएम आवास वाली बैठक में हिस्सा नहीं लेंगे और गहलोत खेमे के इन 80 विधायकों ने रात को विधानसभा अध्यक्ष के पास पाकर सामूहिक इस्तीफे सौंप दिए थे।

अशोक गहलोत सरकार के समय में राजस्थान के इस बड़े सियासी ड्रामे की पूरी पटकथा गहलोत समर्थक मंत्री शांति धारीवाल, महेश जोशी व धर्मेंद्र सिंह राठौड़ ने लिखी थी। धारीवाल ने तो उस समय कांग्रेस हाईकमान को ही चुनौती दे डाली थी। बाद में कांग्रेस हाईकमान ने तीनों नेताओं को अनुशासनहीनता के आरोप में नोटिस भी जारी किए थे।
दरअसल, उस समय कांग्रेस के राष्ट्रीय अध्यक्ष के चुनाव चल रहे थे। अशोक गहलोत का नाम भी प्रत्याशियों की दौड़ में सबसे आगे था। इधर, अशोक गहलोत के कांग्रेस अध्यक्ष बनने की स्थिति राजस्थान में सीएम का पद खाली होने जा रहा था।
ऐसे में पायलट को अगला मुख्यमंत्री बनाए जाने की चर्चाओं ने जोर पकड़ लिया था। इस बीच गहलोत समर्थकों की बगावत का झंडा शांति धारीवाल, महेश जोशी व धर्मेंद्र सिंह राठौड़ ने उठाया। पूरे सियासी घटनाक्रम की कारण दिल्ली से आए ऑब्जर्वर और प्रदेश प्रभारी को बैरंग लौटना पड़ा था।

अब टिकट के समय हाईकमान सख्त
25 सितंबर को कांग्रेस हाईकमान का आंख दिखाने वाले तीनों नेताओं शांति धारीवाल, महेश जोशी व धर्मेंद राठौड़ को टिकट देने में हाईकमान भी आंख दिखा रहा है। बीते दिनों कांग्रेस केंद्रीय चुनाव समिति की बैठक में राजस्थान की टिकटों पर मंथन हुआ तो आलाकमान ने तीनों नेताओं की टिकटों को होल्ड पर डाल दिया। पहली और दूसरी में सूची में गहलोत सरकार के 28 में से 21 मंत्रियों को टिकट दिया जा चुका है, मगर इन तीनों का नाम अभी तक नहीं आया।
कौन हैं ये तीनों कांग्रेसी नेता?
- शांति धारीवाल की जीवनी: राजस्थान में शांति कुमार धारीवाल को सीएम अशोक गहलोत के सबसे करीबी नेताओं में से एक माना जाता है।
- राजस्थान सरकार में शांति धारीवाल कैबिनेट के नंबर दो मंत्री के तौर पर जाने जाते हैं।
- 29 अक्टूबर 1943 को कोटा में जन्मे शांति धारीवाल वर्तमान में गहलोत सरकार में शहरी विकास एवं आवास मंत्री हैं।
- कोटा उत्तर सीट से विधायक चुने वाले शांति धारीवाल की पत्नी का नाम कोमल धारीवाल है। इनके एक बेटा व एक बेटी है।
- शांति धारीवाल राजस्थान की 11वीं, 13वीं और 15वीं विधान सभा के सदस्य हैं। 1984 में कोटा के सांसद भी चुने गए थे।
- महेश जोशी की जीवनी: जयपुर की पुरानी बस्ती के रहने वाले महेश जोशी का जन्म 14 सितंबर 1954 को मूलचंद जोशी व कौशल्या देवी के घर हुआ।
- सामाजिक विज्ञान में पीएचडी महेश जोशी की शादी कौशल जोशी के साथ हुई है। इनके बेटे का नाम रोहित जोशी है।
- महेश जोशी 15वीं लोकसभा में 2009 से 2013 तक जयपुर के सांसद भी रहे हैं।
- 2018 में जयपुर की हवामहल सीट से विधायक बने महेश जोशी को राजस्थान विधानसभा में कैबिनेट मंत्री रैंक का मुख्य सचेतक नियुक्त किया गया।
- महेश जोशी वर्तमान में अशोक गहलोत सरकार में जन स्वास्थ्य अभियांत्रिकी विभाग एवं भूजल विभाग के मंत्री भी हैं।
- महेश जोशी के बारे में यह भी कयास लगाए जा रहे हैं कि विधानसभा चुनाव में उनको टिकट नहीं देकर उन्हें साल 2024 में होने वाले लोकसभा चुनाव में कोई मौका दिया जा सकता है।
- धर्मेंद्र सिंह राठौड़ की जीवनी: अलवर के बानसूर इलाके के बिलाली में 2 अप्रैल 1968 को जन्मे धर्मेंद्र सिंह राठौड़ गहलोत सरकार में राज्य मंत्री का दर्जा प्राप्त नेता हैं।
- धर्मेंद्र सिंह राठौड़ को फरवरी 2022 में राज्स्थान पर्यटन विकास निगम का अध्यक्ष बनाया गया था।
- इससे पहले 2008 से 2013 तक राज्स्थान राज्य बीज निगम लिमिटेड के अध्यक्ष भी रहे।
- धर्मेंद्र सिंह राठौड़ राजस्थान विधानसभा चुनाव में अजमेर उत्तर व पुष्कर सीट से दावेदारी कर रहे थे।
- पुष्कर से कांग्रेस ने नसीम अख्तर इंसाफ को टिकट दिया है। जबकि अजमेर उत्तर से सचिन पायलट समर्थक महेंद्र रलावता भी दावेदारी जता रहे हैं।












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