सैनी आरक्षण आंदोलन सातवां दिन, आंदोलनकारी मोहन सिंह के शव को 36 घंटे से पोस्टमार्टम का इंतजार
राजस्थान के भरतपुर में सैनी आरक्षण आंदोलन चल रहा है। सातवें दिन भी आंदोलनकारी डटे रहे। आत्महत्या करने वाले मोहन सिंह के शव का गुरुवार को भी पोस्टमार्टम हो सका।

12 प्रतिशत आरक्षण समेत कई मांगों को लेकर राजस्थान के भरतपुर में माली, सैनी काछी (कुशवाह) आरक्षण संघर्ष समिति का आंदोलन सातवें दिन गुरुवार को भी जारी रहा। उधर, आत्महत्या करने वाले मोहन सिंह के शव का सातवें दिन भी पोस्टमार्टम नहीं हो सका।
मोहन सिंह के परिजन एक करोड़ की आर्थिक सहायता व आश्रित को सरकारी नौकरी की मांग कर रहे हैं। मांगे नहीं माने जाने तक आंदोलन जारी रखने का फैसला किया गया है।
मोहन सिंह के परिवार की मदद के समर्थन नहीं करने वाले दोनों दी दलों के नेताओं के खिलाफ रोष व्यक्त किया गया। यह भी कहा कि अगर जिले से कोई भी ऐसा नेता आंदोलन स्थल पर आता है तो वह एक बार सोच कर आए।
सैनी आरक्षण आंदोलन के संयोजक मुरारीलाल सैनी ने कहा कि मोहन सिंह ने माली आरक्षण आंदोलन 2023 की मांग को लेकर आत्महत्या की, लेकिन यह आत्महत्या नहीं शहादत है। राज्य सरकार को जिला कलेक्टर आलोक रंजन के माध्यम से अवगत करवाया जा चुका है।
आंदोलन के छठे दिन वैर एसडीएम के साथ छह सदस्यीय प्रतिनिधमंडल की वार्ता हुई, लेकिन इसमें कोई सहमति नहीं बन सकी। देर शाम छह सदस्यीय प्रतिनिधमंडल कलेक्टर आलोक रंजन से वार्ता करने के लिए पहुंचा, जहां कोई सहमति नहीं बनी। वहीं, नदबई विधायक व देवनारायण बोर्ड के अध्यक्ष जोगिंदर सिंह आवाना ने मोहन सिंह के बेटे को दो लाख रुपए नकद देकर सांत्वना दी।
माली, सैनी, कुशवाह आरक्षण संघर्ष समिति की ओर से बुधवार को कलेक्ट्रेट के सामने धरना देकर 12 फीसदी आरक्षण की मांग की गई। प्रतिनिधिमंडल ने चार सूत्री मांगों को ज्ञापन कलेक्टर को सौंपा।












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