Rajasthan: पकड़ा गया 'सफारी वाला बाबा', कोरोना से मरने वालों के परिजनों को यूं फंसा लेता था अपने जाल में
राजस्थान की नागौर पुलिस ने सफारी वाला बाबा (Safari Wala Baba) को पकड़ा है। यह कोरोना में जान गंवाने वालों के परिजनों को तंत्र विद्या के नाम ठगता था।
Safari Wala Baba Rajasthan: पहले फेसबुक व अन्य सोशल मीडिया से यह पता लगाता कि किस व्यक्ति की कोरोना से मौत हुई। फिर उसके गांव-शहर जाकर घर की रैकी करता। आस-पास के लोगों से उसकी सारी डिटेल लेता और आखिरी तंत्र विद्या के नाम पर लोगों रुपए ठग लेता।
यह कहानी सफारी वाले उस बाबा की है, जो ठगी के आरोप में राजस्थान की नागौर पुलिस के हत्थे चढ़ा है। पुलिस ने इसके पास सफारी कार, कलश और वॉकी-टॉकी जैसे सामान जब्त किए हैं।

राजस्थान में पकड़े गए सफारी वाले बाबा का असली नाम ठग अशोक है, जो गुजरात के अहमदाबाद के भीमजपुरा का रहने वाला है। साल 2018 से जोधपुर के पीपाड़ सिटी में रह रहा है।
कोरोना महामारी आने से पहले 32 वर्षीय अशोक खुद को तांत्रिक बताकर अटके काम निकलवाने के नाम पर तांत्रिक क्रियाएं करवाता था। यह जानता था कि लोगों में किस अंधविश्वास भरा हुआ है। इसे अशोक ने कोरोना महामारी के बाद ठगी का हथियार बना लिया।
मीडिया से बातचीत में नागौर थानाधिकारी रमेंद्र सिंह हाड़ा ने बताया कि कथित तांत्रिक ऊर्फ सफारी वाले बाबा ने लोगों को ठगने के लिए सोशल मीडिया और डर का सहारा लिया। फेसबुक पर इसने 'बाबा 1008', 'मुक्ति धाम' और 'संकट हारे' नाम से पेज बना रखे थे। घर में सुख-शांति और प्रेत-आत्माओं के संकट को दूर करने जैसी पोस्ट शेयर करता था।
कोरोना महामारी के दौरान कथित तांत्रिक अशोक ने कोरोना से मुक्ति दिलाने वाली पोस्ट डाली थी। उस पोस्ट को लाइक करने वालों को यह फेसबुक पर पर्सनली मैसेज करके सारी परेशानी ठीक करने का दावा करता था। कई लोगों को झांसे में लिया। इसके पास से ऐसी लिस्ट भी मिली है।
नागौर जिले के डेगाना के टंकीपुरा निवासी मनोज (45) इसके सोशल मीडिया अकाउंट संभालता था। लोगों की पर्सनल जानकारी जुटाने में भी बाबा की मदद करता था। दोनों संबंधित व्यक्ति के इलाके में पहले उसकी पूरी जानकारी जुटा लेते फिर ठगी के लिए जाल बिछाते।
इसी तरह से डेगाना पुलिस थाना इलाके के महेंद्र शर्मा ने आठ सितंबर को पुलिस को शिकायत दी कि उसके पास जून 2023 अशोक का कॉल आया था। अशोक ने उसे बताया कि तुम्हारे पिता की कोरोना की वजह से मौत हुई थी। उनकी आत्मा की शांति के लिए यज्ञ करवाने की जरूरत है ताकि घर में सुख शांति बनी रहे। यज्ञ नहीं करवाया तो घर में एक और मौत होगी।
महेंद्र शर्मा का परिवार डर गया और पिता की कोरोना से मौत वाली बात सुनकर ठग अशोक पर यकीन भी कर लिया। वह 5 जून को अपने साथियों को लेकर महेंद्र के घर आया और दिन में तीन घंटे तक यज्ञ किया। इसी दौरान हाथ की सफाई से घर में गड्ढा खोदकर उसमें से एक तांबे का कलश निकाला। उसमें लोहे के सिक्के भरे थे।
तब तांत्रिक बाबा अशोक ने दावा कि घर में और भी खजाना है। उनमें सोने के सिक्के हैं। उसे निकालने के लिए और भी पूजा करनी होगी। अंधविश्वास पैदा करके 51 हजार रुपए लिए। इसी तरह से कई परिवारों को भी झांसे में लिया। कुल 20 लाख रुपए की ठगी की।












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