शहीद का बेटा बना मेजर जनरल: झुंझुनूं के भिर्र गांव में हर दिल में तिरंगा, हर घर में फौजी
Sajjan Singh Mann Major General: जिस मिट्टी ने शहीद को जन्म दिया, उसी मिट्टी ने अब मेजर जनरल को भी जन्म दिया है। राजस्थान के झुंझुनूं जिले के बुहाना उपखंड के छोटे से गांव भिर्र के लिए यह पल गौरव, गर्व और गहराई से भरी देशभक्ति का प्रतीक बन गया, जब यहां के बेटे सज्जन सिंह मान को भारतीय सेना में मेजर जनरल के पद पर हाल ही पदोन्नति मिली।
सज्जन सिंह मान कोई साधारण अधिकारी नहीं हैं। वे साल 1971 की जंग में देश के लिए शहीद हुए सूबेदार हरफूल सिंह के बेटे हैं। साल 1989 में एनडीए के माध्यम से सेना में भर्ती हुए सज्जन सिंह आज न केवल अपने पिता के सपनों को ऊंचाई पर ले जा रहे हैं, बल्कि पूरे भिर्र गांव की उम्मीदों और जज्बे का प्रतिनिधित्व कर रहे हैं।

मीडिया की खबरों के अनुसार जैसे ही गांव में यह शुभ समाचार पहुंचा, लोग अपने-अपने घरों से बाहर निकले, मिठाइयों से मुंह मीठा किया और एक-दूसरे को गले लगाकर बधाइयां दीं। गांव जश्न में डूब गया। सूबेदार ईश्वर सिंह मान ने भावुक होकर कहा, "ये सिर्फ हमारे परिवार की नहीं, पूरे गांव की जीत है। यह उस मिट्टी का सम्मान है, जो तिरंगे के लिए जीती है।"
गांव भिर्र बना देश की रक्षा का किला
झुंझुनूं में बुहाना को फौजियों वाली तहसील और गांव भिर्र को फौजियों की फैक्ट्री कहा जाता है। भिर्र की गिनती देश के उन गांवों में होती है, जहां देशसेवा कोई विकल्प नहीं, परंपरा है। यहां से अब तक 1,000 से अधिक लोग सेना से सेवानिवृत्त हो चुके हैं और करीब 900 जवान अलग-अलग सुरक्षा बलों में तैनात हैं। भिर्र गांव 1962, 1965, 1971 और कारगिल युद्धों का गवाह रहा है, जहां के सैनिकों ने रणभूमि में पराक्रम दिखाकर इतिहास रचा है। यहां तीन-तीन पीढ़ियों ने फौज की वर्दी पहनी है।
सुबह शुरू होती है राष्ट्रसेवा की तैयारी से
हर सुबह भिर्र गांव की मिट्टी गूंज उठती है "भारत माता की जय", "वंदे मातरम्", "जो बोले सो निहाल..." जैसे नारों से। गांव के युवा मैदान में जुटते हैं, दौड़ते हैं, अभ्यास करते हैं। अग्निवीर से लेकर आर्मी अफसर बनने तक की तैयारी करते हैं। फौज में जाने की प्रेरणा उन्हें अपने ही घरों से मिलती है।
झुंझुनूं के भिर्र गांव में हर दिल में तिरंगा, हर घर में फौजी
दादा सैनिक, पिता सैनिक, अब बेटा सैनिक। यही है भिर्र गांव की पीढ़ियों में बहती देशभक्ति की परंपरा। सज्जन सिंह मान की पदोन्नति के मौके पर मास्टर धर्मवीर सिंह, सूबेदार राजवीर सिंह, कैप्टन जयसिंह, सरपंच शीशराम ने कहा कि उनकी पदोन्नति से गांव के हर युवा को एक नई ऊर्जा मिली है।












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