Sadhvi Prem Baisa Last Rites: पैतृक गांव परेऊ में होगा अंतिम संस्कार, पिता की भूमिका पर क्यों उठे सवाल?
Sadhvi Prem Baisa Last Rites: राजस्थान की चर्चित कथावाचक और युवा साध्वी प्रेम बाईसा के निधन से श्रद्धालु सदमे में हैं। शुक्रवार को उनका अंतिम संस्कार पैतृक गांव में किया जाएगा। उनकी पार्थिव देह बाड़मेर जिले के पैतृक गांव परेऊ पहुंची, तो माहौल बेहद भावुक हो गया। 25 वर्षीय साध्वी का बुधवार को जोधपुर में संदिग्ध परिस्थितियों में निधन हो गया था। शिव शक्ति धाम आश्रम में पूरे विधि-विधान के साथ उनका अंतिम संस्कार और समाधि देने की प्रक्रिया होगी।
साध्वी प्रेम बाईसा के प्रति श्रद्धा व्यक्त करने के लिए परेऊ कस्बे में व्यापारियों ने अपने प्रतिष्ठान बंद रखे हैं। साईयों की ढाणी स्थित शिव शक्ति धाम में हजारों श्रद्धालु अंतिम दर्शन के लिए उमड़ पड़े। अपनी शिष्या की पार्थिव देह देखकर गुरु और पिता वीरमनाथ बेसुध हो गए।

Sadhvi Prem Baisa Last Rites: पैतृक गांव में अंतिम संस्कार
- बाड़मेर जिले के पैतृक गांव परेऊ में साध्वी प्रेम बाईसा का अंतिम संस्कार किया जाएगा। जिले के अलग-अलग हिस्सों से लोग इसमें शामिल होने के लिए पहुंचे हैं।
- परेऊ ही नहीं मारवाड़ में शोक की लहर है और व्यापारी संगठनों ने दुकानें और व्यावसायिक प्रतिष्ठान बंद रखने का फैसला किया है। भारी संख्या में पुलिस बल भी तैनात किया गया है।
Sadhvi Prem Baisa News: पिता की भूमिका भी संदिग्ध!
साध्वी प्रेम बाईसा के निधन मामले में उनके पिता पर भी संदेह जताया जा रहा है। सूत्रों के मुताबिक, अस्पताल प्रशासन की सलाह के बावजूद पिता वीरमनाथ बिना पोस्टमार्टम कराए शव को आश्रम ले गए थे। देर रात श्रद्धालुओं के विरोध और एसीपी छवि शर्मा के बीच-बचाव करने के बाद मामला शांत हुआ। शव को महात्मा गांधी अस्पताल की मोर्चरी भेजा गया। मेडिकल बोर्ड ने पोस्टमार्टम कर दिया है, लेकिन मौत की असली वजह अब विसरा रिपोर्ट आने के बाद ही स्पष्ट होगी।
मंगलवार को अजमेर में कथा समाप्त कर जोधपुर के आरती नगर स्थित आश्रम लौटी थीं। बुधवार सुबह उन्हें सांस लेने में परेशानी हुई थी। इसके बाद एक कंपाउंडर ने उन्हें इंजेक्शन लगाया। हालत बिगड़ने पर उन्हें पाल रोड स्थित एक निजी अस्पताल ले जाया गया, जहां शाम करीब 5:50 बजे डॉक्टरों ने उन्हें मृत घोषित कर दिया।
साध्वी प्रेम बाईसा के मोबाइल फोन की जांच
पुलिस जांच का एक बड़ा सवाल साध्वी का मोबाइल फोन भी है। पुलिस के मुताबिक, मौत के बाद मोबाइल बंद मिला, जबकि रात करीब 9:30 बजे उनके इंस्टाग्राम अकाउंट से 'अलविदा' पोस्ट किया गया था। यह पोस्ट किसने किया, इसे लेकर पुलिस IP एड्रेस और लोकेशन की जांच की जा रही है। जोधपुर पुलिस ने पाल स्थित उस आश्रम के कमरे को सील कर दिया है, जहां साध्वी ठहरी हुई थीं। एफएसएल टीम ने मौके से साक्ष्य जुटाए हैं। पिछले एक साल से साध्वी कई वजहों से लगातार विवाद में थीं और कहा जा रहा है कि वह गहरे तनाव के दौर से भी गुजर रही थीं।












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