पीएम मोदी ने किया Rising Rajasthan Summit का उद्घाटन, कहा- राजस्थान, राईजिंग भी, रिलाएबल भी है
Rising Rajasthan Summit Modi: राजस्थान की राजधानी जयपुर में आज से तीन दिवसीय 'राइजिंग राजस्थान' शिखर सम्मेलन की शुरुआत हुई। प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने इस सम्मेलन का उद्घाटन किया और समिट के दौरान आयोजित प्रदर्शनी का अवलोकन किया। यह समिट जयपुर एक्सिबिशन कन्वेंशन सेंटर (JECC) सीतापुरा में आयोजित हो रही है, जिसमें देश-विदेश से 5000 से अधिक निवेशक, कारोबार जगत के प्रतिनिधि, और अन्य डेलीगेट्स शामिल हुए हैं।
इस अवसर पर मुख्यमंत्री भजनलाल शर्मा, डिप्टी सीएम दीया कुमारी, केंद्रीय मंत्रिमंडल और राज्य मंत्रिमंडल के कई सदस्य, और उद्योगपति गौतम अडानी, आनंद महिंद्रा समेत अन्य दिग्गज भी मौजूद रहे।

पीएम् मोदी ने भाषण में कहीं कई खास बातें
कार्यक्रम शुभारंभ के दौरान पीएम मोदी ने विभिन्न क्षेत्रों, जैसे मिनरल्स, प्राकृतिक गैस, पर्यटन, शिक्षा, चिकित्सा, और ऑटोमोबाइल में निवेश की अपार संभावनाओं पर जोर दिया। इस मौके पर उन्होंने कहा कि आजादी के बाद की सरकारों ने न तो देश के विकास को प्राथमिकता दी और न ही देश की विरासत को संरक्षित किया, जिसका नुकसान राजस्थान ने उठाया है।
प्रधानमंत्री मोदी ने कहा, आज हमारी भाजपा की सरकार 'विकास भी, विरासत भी' के मंत्र पर चल रही है, और इसका बहुत बड़ा लाभ हमारे राजस्थान को हो रहा है।उन्होंने यह भी कहा कि यह सदी पूरी तरह से तकनीक और डेटा संचालित है, और भारत ने यह दिखा दिया है कि कैसे डिजिटल और तकनीकी का प्रजातंत्रीकरण हर क्षेत्र और समाज के हर वर्ग को लाभ पहुंचा सकता है।
पीएम मोदी ने कहा कि आज दुनिया को एक ऐसी व्यवस्था की आवश्यकता है, जो बड़े से बड़े संकट के दौरान भी मजबूती से चलती रहे, उसमें रुकावट ना आए। इस संदर्भ में उन्होंने राजस्थान के महत्व को रेखांकित करते हुए कहा, राजस्थान, राईजिंग तो है ही, रिलाएबल भी है। राजस्थान रिसेप्टिव भी है और समय के साथ खुद को रिफाइन करना भी जानता है।
पीएम मोदी ने कांग्रेस पर साधा निशाना
प्रधानमंत्री मोदी ने राजस्थान की समृद्ध विरासत और विकास की दिशा में राज्य सरकार द्वारा किए गए प्रयासों की सराहना करते हुए कहा कि राजस्थान चुनौतियों से टकराने का नाम है, नए अवसरों को बनाने का नाम है। उन्होंने कांग्रेस पर निशाना साधते हुए कहा,'आजादी के बाद की सरकारों की प्राथमिकता न तो देश का विकास था और न ही देश की विरासत को बचाना था, और इसका नुकसान राजस्थान ने उठाया है।'
प्रधानमंत्री मोदी ने समिट के उद्घाटन के दौरान राजस्थान के विकास के लिए केंद्र और राज्य सरकारों के सामूहिक प्रयासों की महत्वपूर्ण भूमिका पर भी बल दिया। उनका कहना था कि अब राजस्थान न केवल एक विकासशील राज्य है, बल्कि यह एक भरोसेमंद और समय के साथ खुद को सुधारने वाला राज्य भी बन चुका है।
प्रधानमंत्री मोदी ने इस अवसर पर डिजिटल प्रौद्योगिकी, मैन्युफैक्चरिंग, और राज्य के औद्योगिक विकास के लिए उठाए गए कदमों को प्रमुखता से रखा और राजस्थान को एक निवेश के लिए आकर्षक गंतव्य के रूप में पेश किया। समिट में प्रधानमंत्री ने यह भी कहा कि भारत में व्यापक मैन्युफैक्चरिंग बेस का होना बहुत जरूरी है,और राजस्थान इस दिशा में अहम भूमिका निभा सकता है।
'राइजिंग राजस्थान' समिट के उद्घाटन सत्र में पीएम मोदी के भाषण ने राज्य के विकास की दिशा में नई उम्मीदों को जगाया और भविष्य में राजस्थान को एक प्रमुख निवेश गंतव्य के रूप में स्थापित करने के लिए सरकार की प्रतिबद्धता को दोहराया।
पीएम ने प्रदर्शनी कक्षों का किया अवलोकन
प्रधानमंत्री मोदी ने इस अवसर परसमिट में आए विभिन्न प्रदर्शनी कक्षों का भी अवलोकन किया और राज्य की औद्योगिक संभावनाओं पर जोर दिया। समिट में विभिन्न क्षेत्रों जैसे मिनरल्स, प्राकृतिक गैस, पर्यटन, शिक्षा, चिकित्सा, और ऑटोमोबाइल में निवेश के अवसरों पर चर्चा की गई।
मुख्यमंत्री भजनलाल शर्मा का निवेश पर जोर
मुख्यमंत्री भजनलाल शर्मा ने समिट के उद्घाटन के मौके पर कहा, "राइजिंग राजस्थान समिट केवल एक कार्यक्रम नहीं, बल्कि राजस्थान की औद्योगिक समृद्धि की आधारशिला है। यहां निवेश की अपार संभावनाएं हैं। सीआईआई ने इस समिट के आयोजन में अहम भूमिका निभाई है और यह राज्य सरकार और निवेशकों के बीच एक मजबूत सेतु का काम कर रहा है।"
उन्होंने यह भी बताया कि समिट में अब तक 30 लाख करोड़ रुपये से अधिक के एमओयू (मेमोरंडम ऑफ अंडरस्टैंडिंग) किए जा चुके हैं, जो राज्य में निवेशकों के विश्वास का प्रतीक हैं। उन्होंने कहा कि राज्य सरकार ने निवेश आकर्षित करने के लिए पॉलिसी फ्रेमवर्क में महत्वपूर्ण बदलाव किए हैं। हाल ही में लांच की गई 'रिप्स 2024' के बाद 4 दिसंबर को 9 और नीतियां लांच की गई हैं।
राजस्थान में औद्योगिक विकास की नई पहल
मुख्यमंत्री भजनलाल शर्मा ने यह भी बताया कि राज्य में औद्योगिक विकास के लिए पांच नए औद्योगिक क्षेत्रों का विस्तार किया गया है, जिनका नामकरण 'श्रीराम जानकी औद्योगिक क्षेत्र' किया गया है। ये औद्योगिक क्षेत्र सत्तासर (बीकानेर), बलारिया (सवाई माधोपुर), जटलाव (सवाई माधोपुर), रामसर (बाड़मेर) और राजास (नागौर) जिलों में खोले गए हैं।
इसके अलावा, आठ और औद्योगिक क्षेत्रों की स्थापना का काम भी शुरू कर दिया गया है, जिनमें बिचुन-जयपुर, दुब्बी-बिदरखा (सवाई माधोपुर), चडुआल-आबूरोड, झाक-सेकेंड (जोधपुर), बबाई-झुंझुनूं, गणेश्वर-सीकर, पालरा विस्तार-अजमेर और रामनगर थोब-बालोतरा शामिल हैं।
राज्य में सड़कों और ऊर्जा क्षेत्र में भी तेज़ी से विकास हो रहा है। 53 हजार किलोमीटर लंबी सड़कों और 9 ग्रीनफील्ड एक्सप्रेसवे के साथ, राज्य सरकार ने ऊर्जा क्षेत्र में 30 गीगावाट से बढ़कर 125 गीगावाट के लक्ष्य को प्राप्त करने के लिए तेजी से कदम बढ़ाए हैं।
निवेशकों के लिए एक सुनहरा अवसर
समिट में निवेशकों और व्यापारियों के लिए राजस्थान में निवेश के नए अवसरों का पता चला है। 'राइजिंग राजस्थान' समिट के दौरान व्यापारिक साझेदारी, निवेश और औद्योगिक विकास को बढ़ावा देने के लिए एक मजबूत प्लेटफॉर्म तैयार किया गया है।
राजस्थान सरकार की ओर से निवेशकों के लिए किए गए प्रयासों के कारण, राज्य अब औद्योगिक विकास की दिशा में महत्वपूर्ण कदम बढ़ा रहा है। राइजिंग राजस्थान ग्लोबल इन्वेस्टमेंट समिट 2024' को लेकर समिट के तीन दिनों के कार्यक्रम में राजस्थान के विकास की दिशा और भविष्य को लेकर महत्वपूर्ण निर्णय लिए जाएंगे, जिससे राज्य के औद्योगिक और आर्थिक विकास को नई दिशा मिलेगी।












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