ऋषिराज सिंह देवड़ा की अंतिम उड़ान: शादी की तैयारी कर रहे थे माता-पिता, बेटा चूरू फाइटर जेट क्रैश में शहीद
Rishiraj Singh Deora: राजस्थान के चूरू जिले की रतनगढ़ तहसील के गांव भानुदा में 9 जुलाई 2025 में भारतीय वायुसेना के लड़ाकू विमान जगुआर हादसे में शहीद हुए फ्लाइट लेफ्टिनेंट ऋषिराज सिंह देवड़ा का अंतिम संस्कार आज गुरुवार को किया जा जाएगा। शहीद ऋषिराज सिंह देवड़ा राजस्थान के पाली जिले के गांव खिवांदी के रहने वाले थे।
चूरू फाइटर जेट जगुआर हादसे में शहीद फ्लाइट लेफ्टिनेंट ऋषिराज सिंह देवड़ा की पार्थिव देह गुरुवार को उनके घर पहुंचने वाली है। पैतृक गांव खिवांदी में उनका अंतिम संस्कार किया जाएगा।

Churu fighter plane Jaguar crash: सूरतगढ़ एयरबेस से भरी थी उड़ान
ऋषिराज सिंह ने 2023 में भारतीय वायुसेना ज्वॉइन की थी और सूरतगढ़ एयरबेस पर तैनात थे। बुधवार को वे एक नियमित प्रशिक्षण मिशन पर थे, जब दोपहर 12:40 बजे रतनगढ़ क्षेत्र के भानुदा गांव के पास उनका विमान दुर्घटनाग्रस्त हो गया। तकनीकी खराबी के चलते पायलट और को-पायलट इजेक्ट नहीं कर सके। दोनों की मौके पर ही जान चली गई।
बचपन से ही थी देश सेवा की लगन
पाली डेयरी फेडरेशन के अध्यक्ष प्रताप सिंह बिठिया के अनुसार, ऋषिराज बचपन से ही होनहार छात्र थे। जोधपुर से 12वीं तक पढ़ाई करने के बाद वे पुणे स्थित नेशनल डिफेंस एकेडमी गए और वहां से सैन्य जीवन की ओर रुख किया। एनडीए से साढ़े तीन साल की ट्रेनिंग पूरी करने के बाद उन्होंने फ्लाइट लेफ्टिनेंट के तौर पर 2023 में वायुसेना में ज्वाइनिंग दी थी।

परिवार में छाई गहरी शोक की लहर
हाल ही में ऋषिराज के माता-पिता और दादी एक धार्मिक कार्यक्रम में शामिल होने गांव आए थे। कार्यक्रम खत्म होते ही वे जोधपुर लौटे थे। लेकिन उन्हें नहीं पता था कि लौटते वक्त उनका बेटा हमेशा के लिए अलविदा कह चुका है। परिजन इस समय गहरे शोक में हैं। ऋषिराज दो भाइयों में बड़े थे और अविवाहित थे।

तकनीकी खामी बनी जानलेवा
भारतीय वायुसेना के सूत्रों के मुताबिक, प्रारंभिक जांच में यह हादसा तकनीकी खराबी की वजह से हुआ माना जा रहा है। विमान सूरतगढ़ एयरबेस से उड़ा था और ट्रेनिंग मिशन पर था। हादसे की असल वजह की पुष्टि जांच पूरी होने के बाद ही की जा सकेगी।












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