Rajasthan News: जिलों पर धर्म सियासत कैसे हुई शुरू, क्यों धर्मगुरू ने कहा "राजनीतिक संकट बहुत गहरे होंगे"
Religion politics of districts in Rajasthan News: राजस्थान में पूर्ववर्ती गहलोत सरकार के बनाए जिलों पर शुरू हुई सियासत अब धर्म सियासत तक पहुंच गई है। प्रदेश के भीलवाड़ा से अलग कर बनाए नवीन जिले शाहपुरा में एक धर्मगुरू ने यहां तक कहां कि शाहपुरा को किसी की नजर ना लगे, यह जिला बना रहे।
प्रदेश में सांचौर, केकड़ी, दूदू और शाहपुरा सहित नवीन गठित जिलों पर संकट के बादल मंडराने के बाद शुरू हुई सियासत अब धर्म सियासत तक पहुंच गई है। सांचौर में जहां पूर्व मंत्री आमरण अनशन पर बैठे है तो केकड़ी में भी शहरवासियों ने धरना प्रदर्शन शुरू कर दिया।
इधर भजनलाल सरकार ने नवीन जिलों के समीक्षा को लेकर बनाई कमेटी में बिते दिनों संशोधन कर दूदू से विधायक और उपमुख्यमंत्री प्रेमचंद बैरवा को हटाकर बागड़ोर मदन दिलावर को सौंपने के बाद कयासों का दौर थमने का नाम नहीं ले रहा है।

Recommended Video
शाहपुरा जिला बनाए रखने की मांग को लेकर स्थानीय विधायक के बाद अब जगतगुरु रामदयाल जी महाराज भी मुखर हुए हैं जहां उन्होंने अपने अवतरण दिवस पर कहा कि राजनीति में चाहे जो परपंच हो लेकिन शाहपुरा जिला बना रहना चाहिए इस पर किसी की नजर ना लगे ऐसी में प्रभु रामचरण जी महाराज से प्रार्थना करता हूं।
पूर्ववर्ती गहलोत सरकार ने प्रदेश में कई नये जिले बनाए थे लेकिन प्रदेश में सत्ता परिवर्तन के साथ ही वर्तमान सरकार ने कुछ जिले का क्षेत्रफल कम होने व छोटे जिले को हटाने को लेकर सरकार गठन के बाद ही उपमुख्यमंत्री प्रेमचंद बेरवा के नेतृत्व में कमेटी का गठन किया था ।
वहीं वर्तमान में कैबिनेट मंत्री मदन दिलावर को कमेटी का संयोजक बनाया है जहां मदन दिलावर प्रदेश में गहलोत सरकार द्वारा बनाये गये जिले के सीमांकन व जिला परिवर्तन, हटाने को लेकर जानकारी जुटा रहे हैं।
ऐसे में अब भीलवाड़ा जिले से ही शाहपुरा को नया जिला बनाया था जहां अब शाहपुरा क्षेत्र वासियों को जिला खत्म होने का अंदेशा सता रहा है ऐसे में स्थानीय विधायक लालाराम बैरवा के बाद अब जगतगुरु रामदयाल जी महाराज भी मुखर हुए हैं ।
जहां शाहपुरा जिला मुख्यालय पर स्थित अंतर्राष्ट्रीय रामस्नेही संप्रदाय के पीठाधीश्वर जगतगुरु स्वामी श्री रामदयाल जी महाराज ने कहा कि हे धरती मां स्वतंत्रता के मंगलाचरण में सबसे पहले शाहपुरा को जिला बनने का सौभाग्य प्राप्त हुआ था और 2 साल तक शाहपुरा जिला रहा। मगर उस समय नियति का ऐसा खेल चला की एक छोटे से भीलो के गांव भीलवाड़ा को जिला बना दिया गया।
वर्तमान में कई वर्षों बाद फिर शाहपुरा को जिला बनने का सौभाग्य मिला है ऐसे मे शासन व प्रशासन चाहे जो समाधान करें लेकिन शाहपुरा जिला रहना चाहिए।
जहा पीठाधीश्वर ने कहा कि देश मे उत्तरदाई शासन की स्थापना करने वाला शाहपुरा देश की पहली रियासत थी वही पूर्व मे संयुक्त राजस्थान के गठन के समय रियासतों के विलीनीकरण पर रियासतों को जिला मुख्यालय बनाया गया था मगर उस समय शाहपुरा जिला नहीं बनाया गया।
जबकि स्वतंत्रता के बाद में लगभग 2 वर्ष शाहपुरा जिला रहा था अब पूर्ववर्ती सरकार ने शाहपुरा को जिला बनाया है तो इसे नहीं तोड़ा जाना चाहिए।
शाहपुरा में जिला बनने के बाद यह मेरा पहला चातुर्मास है व पहला अवतरण दिवस मनाया जा रहा है इस चातुर्मास व अवतरण दिवस को पीठाधीश्वर जिले को समर्पित करते हुए राज्य व केंद्र सरकार से पुरजोर तरीके से कहा कि राजनीति के चाहे जो परपंच हो मगर शाहपुरा जिले का समाधान होना ही चाहिए और शाहपुरा जिला रहना चाहिए क्योंकि शाहपुरा की सफलता इसी में है।
जहां पीठाधीश्वर ने शाहपुरा जिले को लेकर कहा की मैं यह भी परिणाम जानता हूं कि राजनीतिक संकट बहुत गहरे होंगे, परिस्थितियां बड़ी विचित्र होगी साथ ही लाचारी नीचे से ऊपर तक आयेगी लेकिन शाहपुरा जिला बना रहे । शाहपुरा जिले को किसी की नजर ना लगे ऐसी मैं प्रभु राम चरण जी महाराज से प्रार्थना करता हूं।












Click it and Unblock the Notifications