Rajasthan PTI: राजस्थान में कौन हैं ये 54 युवक-युवतियां, जिनकी लगी लगाई सरकारी नौकरी चली गई
शिक्षक व एसआई भर्ती परीक्षाओं के पेपर के लिए चर्चा में रहने वाले राजस्थान में अब फर्जी दस्तावेजों के जरिए सरकारी नौकरी हासिल करने का मामला सामने आया है, जिसमें 54 अभ्यर्थियों की नौकरी चली गई है और 248 की नौकरी पर तलवार लटकी है। मामला राजस्थान शारीरिक शिक्षक भर्ती परीक्षा से जुड़ा है, जिसमें राजस्थान कर्मचार चयन बोर्ड ने सख्त कार्रवाई की है।
राजस्थान कर्मचारी चयन बोर्ड ने शारीरिक शिक्षक भर्ती (पीटीआई) में फर्जी दस्तावेज लगाने वाले 54 अभ्यर्थियों को अपात्र घोषित कर दिया है। ये अभ्यर्थी नियुक्ति का इंतजार कर रहे थे। जबकि 248 ऐसे अभ्यर्थियों के बारे में शिक्षा विभाग से नौकरी मुक्त करने की अनुशंसा की गई है, जो नियुक्ति पा चुके थे।

मीडिया से बातचीत में राजस्थान कर्मचारी चयन बोर्ड अध्यक्ष आलोक राज ने बताया कि फर्जी दस्तावेज लगाने वाले अभ्यर्थियों की सूची एसओजी को भी भेजी गई है। पूरी पीटीआई भर्ती परीक्षा में 1200 अभ्यर्थियों को जांच के दायरे में लिया गया है। इनके दस्तावेजों की गहनता से जांच की जा रही है। बोर्ड ने इनमें 400 को फर्जीवाड़ा पकड़ लिया है।
राजस्थान कर्मचारी चयन बोर्ड की मानें तो पीटीआई भर्ती परीक्षा में कई अभ्यर्थियों ने आवेदन करते वक्त बीपीएड डिग्री होने की जानकारी नहीं दी जबकि बाद में उन्होंने मूल दस्तावेजों की जांच के दौरान यूपी, चूरू समेत अन्य जगहों के विश्वविद्यालयों से साल 2019 की डिग्री लगा दी। पीटीआई भर्ती परीक्षा में ऐसी डिग्री की संख्या बड़ी संख्या में होने के कारण बोर्ड को फर्जीवाड़े की आशंका हुई।
उल्लेखनीय है कि राजस्थान शारीरिक शिक्षक भर्ती परीक्षा में बोर्ड ने 300 अभ्यर्थियों का परिणाम भी रोका था। इनकी डिग्रियों में खामियां मिली। द्वितीय श्रेणी शिक्षक भर्ती परीक्षा पेपर लीक आरोपी भूपेंद्र सारण ने बीपीएड की डिग्रियां बैकडेट में ली थी। बोर्ड ने करीब एक दर्जन विश्वविद्यालय की डिग्री पर सवाल खड़े किए हैं।












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