Rajasthan: जाट आंदोलन शुरू होते ही राजपूतों ने भी मांग लिया आरक्षण, फॉर्म में आए देवी सिंह भाटी
Rajput Andolan Rajasthan: लोकसभा चुनाव 2024 से राजस्थान में आरक्षण का जिन्न बोतल से बाहर आ गया है। एक तरफ जाट तो दूसरी और राजपूत भी केंद्र से आरक्षण मांग रहे हैं।
भरतपुर-धौलपुर के जाटों ने भरतपुर जिले की उच्चैन तहसील के गांव जयचौली में जाटों ने दिल्ली मुम्बई रेलवे ट्रैक के पास 17 जनवरी 2024 से महापड़ाव शुरू कर दिया है। जाट केंद्रीय सेवाओं में आरक्षण की मांग कर रहे हैं।

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इधर, राजस्थान में बीकानेर की कोलायत सीट से सात बार विधायक रहे देवी सिंह भाटी ने केंद्रीय सेवाओं में ईडब्ल्यूएस आरक्षण लागू करने की मांग उठाई है।
मीडिया रिपोर्ट्स के अनुसार राजस्थान में भाजपा के दिग्गज नेता देवीसिंह भाटी ने कहा कि अब केंद्र व राज्य में भाजपा की सरकार है। दोनों सरकारों को राजस्थानों के राजपूतों को आरक्षण दिए जाने पर विचार किया जाना चाहिए। देवीसिंह भाटी का बयान उस समय आया है जब राजस्थान में जाट आंदोलन शुरू हुआ है। देवीसिंह भाटी ने राजपूत आरक्षण के लिए गेंद पार्टी के वरिष्ठ नेताओं के पाले में डाल दी है।
पहले खुद, अब पोता विधायक
देवीसिंह भाटी बीकानेर की कोलायत सीट से सात बार विधायक रहे हैं। वसुंधरा राजे सरकार में कैबिनेट मंत्री रहे। फिर लंबे समय से भाजपा से दूरी बनाए रखी। सितंबर 2023 में भाजपा में वापसी की। फिर पोते अंशुमान भाटी को चुनाव लड़वाया। अब इनका पोता विधायक है।
जाट आरक्षण आंदोलन राजस्थान क्या है?
दरअसल, पूरे राजस्थान में जाटों को ओबीस का आरक्षण मिला है। सिर्फ भरतपुर व धौलपुर के जाट इससे वंचित हैं। पहले की सरकारों ने यहां की जाटों को भी आरक्षण दिया, मगर फिर खत्म भी हुआ। ऐसे में जाटों ने भरतपुर के गांव जयचौली में 17 जनवरी 2024 से महापड़ाव शुरू कर दिया है। कह रहे हैं कि 22 जनवरी 2024 को राम मंदिर प्राण प्रतिष्ठा समारोह तक आंदोलन शांतिपूर्ण ढंग से चलेगा। इसके बाद उग्र आंदोलन किया जाएगा।












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