Rajasthan में शुरू हुआ पहला AI ट्रैफिक सिग्नल, कैसे करेगा काम, क्‍या होगा लोगों को फायदा?

Rajasthan First AI Traffic Signal: राजस्थान ने अपने पहले आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस (AI) संचालित ट्रैफिक सिग्नल की शुरुआत कर दी है, जो किसी लेन पर वाहनों की वास्तविक समय की स्थिति के आधार पर लाइटों को बदलता है। यह अत्‍याधुनिक ट्रैफिक सिग्नल उदयपुर जिले के फतेहपुरा चौराहे पर लगाया गया है। इस पहल का उद्देश्य शहरी ट्रैफिक को अधिक सुचारु और कुशल बनाना है।

कैसे करता है ये काम

ट्रैफिक सिग्नल पर हाई-डेफिनिशन कैमरे और सेंसर लगे होते हैं। ये कैमरे सड़क पर मौजूद वाहनों की कतार की लंबाई को मापते हैं और सड़क पर मौजूदा ट्रैफिक की निगरानी करता है और सबसे अधिक वाहनों वाली तरफ की लाइट को ऑटोमैटिक बदल देता है।

Rajasthan First AI Traffic Signal

रियल-टाइम सेंसर और कैमरे

हाई क्‍वालिटी वाले सीसीटीवी कैमरे वाहनों की संख्या गिनने और उसी के अनुसार ट्रैफिक लाइट बदलने के लिए लगाए गए हैं। यह सिस्‍टम पुरानी फिक्स्ड-टाइमिंग लाइटों की तुलना में 10 से 60 सेकंड में ट्रैफिक को साफ कर देती है, जिससे वाहन जल्द आगे बढ़ पाते हैं।

ऑटोमैटिक सिस्‍टम से क्‍या होगा फायदा?

पारंपरिक सिग्नल एक तय समय (जैसे 60 सेकंड) पर चलते हैं, चाहे सड़क खाली हो या भरी। लेकिन AI सिस्टम यह देखता है कि किस तरफ ट्रैफिक ज्यादा है। जिस तरफ वाहनों की भीड़ अधिक होगी, वहां की हरी लाइट (Green Light) खुद-ब-खुद ज्यादा समय के लिए जल जाएगी।

इमरजेंसी व्हीकल प्रायोरिटी

यह सिस्टम एम्बुलेंस या फायर ब्रिगेड जैसी आपातकालीन गाड़ियों की पहचान कर सकता है और उनके लिए तुरंत रास्ता साफ करने के लिए सिग्नल को ग्रीन कर सकता है।

ट्रैफिक नियम तोड़ने वालों की खैर अब खैर नहीं

इस नए सिस्‍टम को लगातार बेहतर और अधिक स्मार्ट बनाया जा रहा है। इसमें कई नई सुविधाएं भी जोड़ी गई हैं, जैसे चौराहे पर हथियार लेकर जा रहे किसी भी व्यक्ति का पता लगाना। ये AI कैमरे न केवल ट्रैफिक मैनेज करते हैं, बल्कि बिना हेलमेट, ट्रिपलिंग या रेड लाइट जंप करने वालों का ऑटोमैटिक चालान भी काट सकते हैं।

लोगों को क्या फायदा होगा?

  • लाल बत्ती पर बेवजह खड़े रहने की जरूरत नहीं होगी। अगर सड़क खाली है, तो सिग्नल तुरंत बदल जाएगा और लोगों के समय की बजत होगी।
  • ट्रैफिक जाम कम होने से गाड़ियों का ईंधन बचेगा और पर्यावरण में कार्बन उत्सर्जन भी कम होगा।
  • व्यस्त घंटों (Peak Hours) के दौरान यह सिस्टम ट्रैफिक के दबाव को खुद मैनेज करेगा, जिससे बड़े जाम नहीं लगेंगे।

चार महीने तक किया गया ट्रायल

इस एआई-ट्रैफिक सिस्टम की टेस्टिंग पिछले चार महीनों से सफलतापूर्वक चल रहा था। उदयपुर की एक स्थानीय कंपनी द्वारा विकसित इस प्रणाली ने परीक्षण अवधि के दौरान लगभग 50 लाख वाहनों को प्रबंधित किया। कंपनी ने इस संबंध में पुलिस विभाग को एक रिपोर्ट सौंपी है, और जल्द ही इस हाई-टेक सिस्टम को पूरे राज्य में लागू करने पर निर्णय लिया जाएगा।

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