GROUND REPORT: ईसरदा बांध प्रोजेक्ट का निर्माण, क्वालिटी पर प्रोजेक्ट मैनेजर ने दी जानकारी, जानिए
Isarda Dam Project: राजस्थान में आमजन के घर-घर तक पानी पहुंचाने के लिए राज्य सरकार कई योजनाएं धरातल पर उतारने की कोशिश कर रही है। उनमें से ही एक बहुप्रतिक्षित योजना है ईसरदा बांध परियोजना।
ईसरदा बांध का निर्माण टोंक जिले के बनेठा के पास बनास नदी पर बनाया जा रहा है। आपकों बता दें कि ईसरदा बांध का निर्माण जलदाय विभाग की ओर करवाया जा रहा है। वाटर रिसोर्स डवलपमेंट विभाग इसकी मॉनिटरिंग एजेंसी है और इस बांध का निर्माण ओम इंफ्रा लिमिटेड की ओर से किया जा रहा है।
वन इंडिया हिंदी की टीम ने ग्राउंड जीरो पर पहुंच कर बांध के निर्माण कार्यों का जायजा लिया। जहां सेवा प्रदाता कंपनी ओम इंफ्रा लिमिडेट और मॉनिटरिंग एजेंसी वाटर रिसोर्स डवलपमेंट विभाग के अधिकारियों से खास बातचीत कर पूरे प्रोजेक्ट को लेकर जानकारी।

इस दौरान ओम इंफ्रा लिमिटेड के प्रोजेक्ट मैनेजर आशीष जैन ने बताया कि यह जलदाय विभाग की योजना है और इसे वाटर रिसोर्स डवलपमेंट विभाग बनवा रहा है। हमारी कम्पनी इसका निर्माण कर रही है। हमारी कोशिश है कि साल 2025 तक इसका निर्माण पूरा हो जाएगा।
बांध निर्माण के डूब क्षेत्र केे इलाकों के ग्रामीणों की समस्याओं को लेकर आशीष जैन ने बताया कि इन परिवारों के लिए अलग से सरकारी विभाग काम कर रहा है। इनके पुनर्वास को लेकर विभाग ने अलग- अलग कॉलोनियां तैयार की जा रही है और उनकों तमाम सुविधाएं दी जा रही है।
बांध निर्माण में सामग्री की क्वालिटी को लेकर हुई शिकायतों पर आशीष जैन ने साफ शब्दो में कहा कि हमारी कम्पनी किसी भी सूरत में क्वालिटी से कोई समझौता नहीं कर रही है। हम एक-एक स्तर पर क्वालिटी कंट्रोल टीम की ओर की जाती है। अलग-अलग स्तर पर इसकी क्वालिटी की जांच पड़ताल की जाती है उसी के बाद उस निर्माण को आगे बढ़ाया जाता है।
निर्माण कार्यों में समझौते के सवालों पर कहा कि हमारी कंपनी ने काली सिंध पर बाँध बनाया आज 10साल बाद भी बांध के निर्माण में कोई शिकायत नहीं है।
ईसरदा बांध के निर्माण की तारीखों में लगातार बदलाव और समय सीमा बढ़ाने के सवालों पर भी आशीष जैन ने बताया कि इसकी दो बार पूर्ण निर्माण कार्य की तारीखें बदली गई है अब इसके निर्माण की अंतिम तारीख जनवरी 2025 तय की गई है। हमारी कंपनी अब इस निर्धारित तारीख तक इस बांध के निर्माण को पूरा कर लेगी।
आपकों बता दे पहले इसे 31 दिसंबर 2021 तक पूरा किया जाना था, इसके बाद कोरोना की वजह से फरवरी 2023 तक पूरा होने की तारीख तय की गई लेकिन अब एक बार फिर इसकी तारीख बढ़ाकर जनवरी 2025 कर दी गई है।
वर्तमान में बांध का 80फीसदी कार्य पूरा कर लिया गया है तथा तेज गति से कार्य जारी है। प्रोजेक्ट से जुड़े अभियंताओं ने बताया कि बांध निर्माण को लेकर कुल 12 गांव को विस्थापित किया जाना है।
इनमें से 8 गांव टोंक जिले के तथा 4 गांव सवाईमाधोपुर जिले में चौकड़ी,रायपुर, सोलपुर तथा ईसरदा का कुछ भाग शामिल है। अधीक्षण अभियंता ईसरदा प्रोजेक्ट जितेंद्र लुहाड़िया ने बताया कि बांध का निर्माण दो फेज में किया जाएगा हांलाकि निर्माण कार्य एक ही फेज में होगा जिसमें बांध की भराव क्षमता अलग-अलग फेज में बढ़ाई जाएगी।
पहले फेज में बांध की भराव क्षमता 256 आरएल मीटर तय की गई जब पहले फेज के प्रभावित किसानों, परिवारों को मुआवजा वितरित कर दिया जाएगा तो उसके बाद दूसरे फेज में 262 आरएल मीटर की भराव में डूब क्षेत्र में आने वाले परिवारों को मुआवजा वितरित किया जाएगा। इस बांध का पहले चरण में करीब 80 फीसदी निर्माण कार्य पूरा हो चुका है।












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