वसुंधरा राजे की गौरव यात्रा पर खर्चे का ब्यौरा देने के बाद फिर आफत में फंसी भाजपा
जयपुर। भाजपा ने राजस्थान हाईकोर्ट को मुख्यमंत्री वसुंधरा राजे की राजस्थान गौरव यात्रा पर हो रहे खर्चे का ब्यौरा दे दिया, लेकिन राजस्थान सरकार व पार्टी की आफत अभी कम नहीं हुई है। अब सरकार और पार्टी को हाईकोर्ट में एक और अर्जी का सामना करना होगा। इस अर्जी में सवाल उठाया गया है कि यदि यात्रा सरकारी नहीं है, तो राजस्थान सरकार टेंडर क्यों निकाल रही है?

राजस्थान हाईकोर्ट में न्यायाधीश प्रदीप नंद्राजोग की खंडपीठ में वसुंधरा राजे की राजस्थान गौरव यात्रा मामले को लेकर मंगलवार को सुनवाई हुई। पिछली सुनवाई में राजस्थान सरकार ने यात्रा से पल्ला छाड़ते हुए जवाब पेश किया था कि यात्रा सरकारी नहीं है, बल्की पार्टी की है। इसके बाद हाईकोर्ट ने भाजपा से यात्रा पर हो रहे खर्चे का ब्यौरा मांगा था, जिसे भाजपा ने मंगलवार को हाईकोर्ट को सौंपा। भाजपा द्वारा खर्चे का ब्यौरा हाईकोर्ट को देते ही, याचिकाकर्ता विभूति भूषण ने एक अर्जी दाखिल कर दावा किया कि यात्रा पर सरकारी धन खर्च हो रहा है। अर्जी में कहा गया कि यात्रा को लेकर सरकार टेंडर निकाल रही है। इसकी पुष्टि की जाए। इस अर्जी पर राजस्थान सरकार और भाजपा दोनों को जवाब देना होगा। गौरतलब है कि 16 अगस्त की सुनवाई में सरकार ने जवाब दिया था कि ये यात्रा बीजेपी अपना निजी कार्यक्रम है, इस कारण यात्रा में सीएम के शामिल होने की वजह से उन्हें प्रोटोकॉल, सुरक्षा और अन्य व्यवस्था करने के लिए सरकार बाध्य है। इसके बाद हाईकोर्ट ने 21 अगस्त को भाजपा को खर्चे का ब्यौरा देने को कहा था।
सचिन पायलट और अशोक गहलोत ने भी घेरा
प्रदेश कांग्रेस अध्यक्ष सचिन पायलट और राष्ट्रीय महासचिव अशोक गहलोत ने वसुंधरा राजे की गौरव यात्रा के लिए कहा है कि जब यात्रा भाजपा की है, तो पीडब्ल्यूडी द्वारा निविदाएं क्यों निकाली जा रही हैं। यात्रा की तैयारियों के लिए सार्वजनिक निर्माण विभाग, पिण्डवाडा-आबू ने 18 अगस्त को निविदाएं आमंत्रित की हैं, जो हाईकोर्ट के आदेश का पूर्ण रूप से उल्लंघन है। पायलट और गहलोत ने यात्रा के नाम पर सरकारी तंत्र के दुरुपयोग का भी आरोप लगाया है। अशोक गहलोत ने कहा है कि मुख्य सचिव को सभी कलेक्टरों और अधिकारियों को इस पार्टी विशिष्ट सम्मेलन में किसी भी तरह की भागीदारी से रोकने के लिए निर्देश देने चाहिए। गौरव यात्रा में जिस कदर सरकारी धन का दुरुपयोग किया गया, मुख्यमंत्री इसके लिए जनता से माफी मांगे। सचिन ने कहा कि भाजपा प्रदेश अध्यक्ष मदनलाल सैनी, गौरव यात्रा को कभी सरकारी तो कभी पार्टी का कार्यक्रम बता रहे हैं, इसी बीच माननीय हाइकोर्ट ने भी यात्रा के खर्च का हिसाब मांगा है। इस सरकार का जाना तय है मगर टैक्स पेयर की गाढ़ी कमाई को विकास के कार्यों में न लगाकर झूठे प्रचार में बर्बाद किया जा रहा है। पायलट ने कहा कि यह दिखाता है कि राज्य सरकार करदाताओं के पैसे का बिलकुल भी सम्मान नहीं करती।












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