Rajasthan: राजस्थान में उपचुनाव के लिए भाजपा प्रत्याशियों के नाम पर मुहर, जानिए किस सीट से किसे मिलेगा टिकट
Rajasthan By-Election: राजस्थान में आगामी सात विधानसभा सीटों पर होने वाले उपचुनावों के लिए भारतीय जनता पार्टी ने अपनी रणनीति को अंतिम रूप देने की दिशा में महत्वपूर्ण कदम उठाए हैं। सीएमआर में रविवार को हुई एक महत्वपूर्ण बैठक के दौरान पार्टी की राज्य कोर कमेटी ने सर्वसम्मति से उम्मीदवारों की सूची पर सहमति जताई। अब इस सूची को दिल्ली में भाजपा अध्यक्ष जेपी नड्डा की अध्यक्षता में होने वाली उच्च स्तरीय बैठक में विचार के लिए पेश किया जाएगा।
दिल्ली में होने वाली बैठक में राजस्थान के मुख्यमंत्री भजनलाल शर्मा, भाजपा प्रदेश अध्यक्ष मदन राठौड़ और पार्टी के प्रमुख पदाधिकारी राधामोहन दास अग्रवाल, विजया राहटकर शामिल होंगे। हालांकि पूर्व मुख्यमंत्री वसुंधरा राजे की अनुपस्थिति ने कई अटकलों को जन्म दिया है और राजनीतिक हलकों में चर्चा का विषय बना हुआ है।

वीडियो लिंक से जुड़े केंद्रीय नेता
कोर कमेटी की इस बैठक में केंद्रीय मंत्री भूपेंद्र यादव और सतीश पूनिया ने वीडियो लिंक के माध्यम से हिस्सा लिया। उन्होंने उपचुनावों से संबंधित पार्टी की रणनीति और शासन के विभिन्न पहलुओं पर चर्चा की। केंद्रीय मंत्री गजेंद्र सिंह शेखावत ने कहा कि भारतीय जनता पार्टी में सामूहिक निर्णय की एक प्रक्रिया और पद्धति है। बैठक में राजस्थान में पार्टी के कामकाज को और बेहतर बनाने पर जोर दिया गया।
तीन-तीन उम्मीदवारों के पैनल तैयार
भाजपा की रणनीति का केंद्रबिंदु सभी सात सीटों के लिए तीन संभावित उम्मीदवारों का पैनल है। जिन पर सीएमआर बैठक के दौरान चर्चा की गई। पार्टी ने चुनावी चुनौती से निपटने के लिए माइक्रो मैनेजमेंट और रणनीतिक योजना बनाई है। जिसमें उम्मीदवार चयन से लेकर अभियान क्रियान्वयन तक का विस्तृत खाका तैयार किया गया है।
भाजपा का उद्देश्य राज्य और केंद्र की डबल इंजन सरकार द्वारा किए गए काम को जनता के सामने प्रस्तुत करना है। इसके साथ ही पार्टी राज्य के विकास के लिए अपने भविष्य के दृष्टिकोण को भी उजागर करने की योजना बना रही है।
उपचुनाव से पहले पीएम मोदी के दौरे का प्रयास
भाजपा की चुनावी तैयारियों को और मजबूत करने के प्रयास में राजस्थान सरकार प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी से उपचुनाव से पहले ईस्टर्न राजस्थान कैनाल प्रोजेक्ट और प्रधानमंत्री किसान योजना के पहले चरण का शिलान्यास कराने की योजना बना रही है। इसका उद्देश्य विशेषकर पूर्वी राजस्थान में समर्थन हासिल करना और क्षेत्र में विकास की प्रतिबद्धता को दिखाना है।
इन सात सीटों पर होगा उपचुनाव
झुंझुनू, दौसा, देवली-उनियारा, चौरासी, खींवसर, सलूंबर और रामगढ़ सीटों पर होने वाले उपचुनावों की पृष्ठभूमि में भाजपा ने अपने कार्यकाल के रिकॉर्ड, रणनीतिक उम्मीदवार चयन और हाई-प्रोफाइल प्रचार का मिश्रण तैयार किया है। इन सीटों की रिक्तियां लोकसभा चुनाव जीतने वाले विधायकों और कुछ मौजूदा विधायकों की मृत्यु के कारण उत्पन्न हुई हैं।
ऐतिहासिक रूप से इन सात में से भाजपा के पास केवल एक सीट थी। बाकी सीटों पर कांग्रेस, आरएलपी और बीएपी का कब्जा था। जिससे भाजपा के लिए एक कठिन लेकिन संभावनाओं से भरी चुनौती पैदा हो गई है।
उपचुनाव में दिखेगी कड़ी टक्कर
राजस्थान में राजनीतिक माहौल के गरमाने के साथ भाजपा की यह रणनीति न केवल राज्य में अपनी मौजूदगी बनाए रखने। बल्कि विधानसभा में अपने प्रभाव को विस्तार देने का भी संकेत देती है। पार्टी की तैयारी में माइक्रो मैनेजमेंट की योजनाओं और विकास पहलों को प्राथमिकता दी जा रही है। जिससे यह साफ है कि भाजपा सात विधानसभा सीटों पर मजबूती से चुनाव लड़ने के लिए तैयार है।
इन उपचुनावों की घोषणा के साथ ही राज्य की राजनीति में हलचल बढ़ गई है। सभी की निगाहें अब भाजपा की तैयारियों और उम्मीदवारों की घोषणा पर टिकी हुई हैं।












Click it and Unblock the Notifications