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Monika Jat: राजस्‍थान पुलिस सब इंस्‍पेक्‍टर मोनिका जाट की वो 12 गलतियां, जो अब छीन सकती खाकी वर्दी

Monika Jat SI Rajasthan Police: मोनिका जाट उर्फ मोनिका खेदड़ को राजस्‍थान पुलिस की खाकी वर्दी मिल गई। कंधे पर दो स्‍टार व माथे पर अशोक स्तंभ सज गया। झुंझुनूं जिले में अभी ट्रेनिंग चल रही थी। कुछ समय बाद फील्‍ड पोस्टिंग मिलनी वाली थी। इस बीच राजस्थान पुलिस के स्पेशल ऑपरेशन ग्रुप (SOG) ने मोनिका को हिरासत में लेकर पूछताछ की तो कई चौंकाने वाले राज खुल गए।

एसओजी की जांच में सामने आया है कि 15 सितंबर 2021 को मोनिका जाट ने अजमेर के एक केंद्र पर एसआई भर्ती परीक्षा 2021 दी थी। तब उसने राजस्‍थान पेपर लीक गिरोह के सरगना पौरव कालेर से 15 लाख रुपए में सौदा करवाया और ब्लूटूथ की मदद से परीक्षा के दौरान नकल की और पास हो गई।

Monika Jat

राजस्‍थान पुलिस में उप निरीक्षक बनने के बाद मोनिका जाट को झुंझुनूं जिले में ट्रेनिंग पर लगाया गया। इस दौरान मोनिका ने झुंझुनूं पुलिस अधीक्षक को आमद (उपस्थिति) के लिए प्रार्थना दिया, जिसमें 20 लाइनों में ही हिंदी वर्तनी की एक दर्जन से अधिक गलतियां कर दी जबकि उसने एसआई भर्ती परीक्षा-2021 के हिंदी विषय में 200 में से 184 अंक प्राप्त कर 34वीं रैंक हासिल की थी।

प्रार्थना पत्र में मोनिका जाट की 12 गलतियां

1. पुलिस अधीक्षक के पीछे महोदय नहीं लगाया।
2. झुंझुनूं को झुन्‍झुनू लिखा, जो वर्तनी में गलत है।
3. आमद करने बाबत लिखना था जबकि आमद करवाने बाबत लिखा।
4. उप निरीक्षक की जगह उप-निरक्षक लिखा।
5 मेडिकल पर थी किंतु मेडिकल पे लिखा।
6 डॉक्यूमेंट लिखना था डॉक्यूमेट लिखा।
7. संदिग्ध लिखना था, सध्गिद लिखा।
8. इसलिए की जगह इसीलिए लिखा।
9. गई / हुई श्रुतिमूलक गलती की।
10. उपस्थिति लिखना था उपस्थिती लिखा।
11. कृपा करवाने आई तो या कृपया करके विनती करने आई थी ये बात स्पष्ट नहीं की।
12. विराम का सही प्रयोग नहीं किया गया।

मोनिका में प्रार्थना पत्र में क्‍या लिखा?

11 नवंबर 2024 को मोनिका ने झुंझुनूं एसपी को प्रार्थना पत्र लिखकर बताया कि वह 5 जून 2024 से 2 जुलाई 2024 तक मेडिकल लीव पर थी। उसने मेडिकल डॉक्‍यूमेंट के अलावा अन्‍य कोई रोग प्रमाण पत्र नहीं होने का जिक्र करते हुए बताया कि 3 जून 2024 के बाद किसी अन्‍य संदिग्‍ध मोनिका की जगह न्‍यूज पेपर में उसका नाम आ गया था। इसलिए वह डर के कारण वापस राजस्‍थान पुलिस अकादमी नहीं गई। इसलिए वह अब उपस्थित हुई है।

कालेर की गिरफ्तारी के बाद फरार हो गई थी मोनिका

मोनिका जाट राजस्‍थान पुलिस उस बैच की एसआई है, जिसमें पेपर लीक हुआ था। नकल के भी कई मामले सामने आए। अशोक गहलोत सरकार के कार्यकाल में हुई इस भर्ती प्रकिया की भजनलाल शर्मा सरकार ने एसओजी से जांच करवाई। एसओजी ने 52 लोगों को अरेस्‍ट किया, जिनमें अधिकांश ट्रेनी एसआई हैं।

एसओजी जांच में नकल गैंग के मास्टरमाइंड पोरव कालेर की गिरफ्तारी के बाद मोनिका जाट ट्रेनिंग बीच में छोड़कर फरार हो गई थी। अब 18 मार्च 2025 को मोनिका जाट को एसओजी ने झुंझुनूं पुलिस लाइन से पकड़ा है। मोनिका झुंझुनूं जिले के गांव सरदारपुरा की रहने वाली है। सीकर जिले में शादी हुई है।


यह भी पढ़ें- Monika Jat Sub Inspector: 15 लाख में सौदा कर थानेदारनी बनी थी मोनिका जाट, SP को लिखी अर्जी से कैसे खुली पोल?

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