Lok Sabha Election: आखिर क्यों सिसायत में जरूरी है राजस्थान का दौसा...? मंत्री राज्यवर्धन ने बताई अहमियत
Lok Sabha Election: देश में छिड़े सियासी रण में भाजपा-कांग्रेस के साथ सभी राजनीतिक दलों के नेता शब्द बाणों के साथ पूरी तरह से उतर गए है। हर कोई नेता अपने अपने जुमलों और बयानों से जनता को मोहित करने में कसर नहीं छोड़ रहा है।
भजनलाल सरकार के कैबिनेट मंत्री राज्यवर्धन सिंह राठौड़ ने आज एक ऐसा बयान दिया कि हर कोई हंस पड़ा। साथ ही वाह भी कर उठा। मंत्री राठौड़ अपनी हाजिर जवाबी को लेकर प्रदेश की सियासत से जुड़ा हर व्यक्ति उससे वाफिक भी है।

मंत्री राठौड़ इन दिनों राजस्थान के लोकसभा चुनावों के सियासी रण में एक योद्धा की तरह जुटे हुए है। कभी जयपुर ग्रामीण से सांसद का चुनाव लड़कर केंद्र सरकार में मंत्री हे राठौड़ ने आज दौसा में एक सभा के दौरान यहां तक कहा कि "राजनीति में एमए करनी हो तो दौसा आना पड़ेगा"
राजस्थान में जैसे-जैसे चुनाव की तारीख नजदीक आती जा रही है वैसे-वैसे नेता भी मतदाताओं को रिझाने में जुट गए हैं। बांदीकुई में दौसा लोकसभा के चुनावी कार्यालय के उद्घाटन समय पर राज्यवर्धन सिंह राठौड़ ने कहा कि आठवीं और दसवीं की राजनीति कहीं से भी कर लो लेकिन एम ए करनी है तो दौसा आना पड़ेगा।
मैं तो राजनीति के अंदर अभी-अभी आया था और मुझे एमए की क्लास दे दी गई, लेकिन मुझे इसमें जीतना है क्योंकि मैं देश की परवाह करता हूं इसलिए जीतना है।
भाजपा में लोकसभा चुनाव कार्यालय के उद्घाटन समय पर राज्यवर्धन सिंह राठौड़ सहित भाजपा के कई नेता पहुंचे जहां उन्होंने दौसा से भाजपा के लोकसभा उम्मीदवार कन्हैया लाल मीणा को जीतने के लिए वोट मांगे।
राज्यवर्धन सिंह राठौड़ ने कहा कि राजस्थान की 25 में से 25 सीट जीतकर जब मोदी जी के हाथ मजबूत करेगा तो राजस्थान अगले 25 सालों में विकसित भारत का राज्य होगा, लड़ाई लंबी है।
राठौड़ ने कहा कि दौसा के हर एक मतदाता के लिए मोदी लड़ते हैं तो क्या यहां की जनता मोदी के लिए लड़ने के तैयार है।
राठौड़ ने कहा कि जब मुझे लोकसभा दौसा का प्रभारी नियुक्त किया तो मेरे मन में यह बात उठी की अलग-अलग राजनीतिक क्षेत्र होते हैं उसकी अलग-अलग पची दिया होती है जो राजनीति का छात्र होता है किसी के लिए आठवीं क्लास होती है तो किसी के लिए दसवीं क्लास होती है और यदि M.A. करना है तो दौसा पड़ेगा।
इस बयान का मतलब यहां के मतदाता का मन टटोलना आसान नहीं होता है साथ ही दौसा लोकसभा सीट पर स्वतंत्रता सेनानी रामकरण जोशी,पंडित नवल किशोर शर्मा,राजेश पायलट रमा पायलट,सचिन पायलट डॉक्टर किरोडी लाल मीणा सहित कई दिग्गज चुनाव लड़ चुके हैं ।
2014 लोकसभा चुनाव के दौरान दो सगे भाई जिसमें कांग्रेस से नमो नारायण मीणा तो भाजपा से हरीश मीणा चुनाव आमने-सामने लड़ चुके, इसलिए भी दौसा लोकसभा सीट हमेशा चर्चित सीट रही है।
राठौड़ ने इस मौके पर आगे कहा कि जयपुर के अंदर जयपुर ग्रामीण तो अपना परिवार है ही झोटवाड़ा भी अपना परिवार है और एक बार परिवार बनने के बाद परिवार बन ही रहता है, लेकिन जयपुर के लिए जो रास्ता आता है वह भी अपना हो जाए तो इससे अच्छी कोई बात नहीं हो सकती।
दौसा की टिकट के बारे में बोलते हुए राज्यवर्धन सिंह राठौड़ ने कहा कि दौसा के टिकट की जब बारी आई तो जनता का मन टटोला गया जहां एक तरफ लड्डू और एक तरफ जलेबी थी जलेबी खाने में बड़ी पची दिया थी इसलिए कन्हैया लाल को दौसा लोकसभा का टिकट दिया गया।












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