'Sorry, हैप्पी बर्थडे पापा, मैंने जो भी किया मर्जी से किया...', कोटा के 18 वर्षीष छात्र का सुसाइड नोट रुला देग
'Sorry, हैप्पी बर्थडे पापा, मैंने जो भी किया है, अपनी मर्जी से किया है, तो प्लीज मेरे दोस्तों और पैरेंट्स को परेशान ना करें..', हैप्पी बर्थडे पापा...', ये बात राजस्थान के कोटा में गुरुवार (03 अगस्त) को मेडिकल प्रवेश परीक्षा की तैयारी कर रहे एक 18 वर्षीय छात्र ने आत्महत्या करने से पहले लिखी थी।
कोटा में रह रहे 18 वर्षीय छात्र मनजोत छाबड़ा की आत्महत्या से मौत हो गई है। मनजोत उत्तर प्रदेश के रामपुर का रहने वाला था और इस साल अप्रैल में कोटा डॉक्टर बनने का सपना लेकर आया था।

पुलिस ने कहा कि पिछले पांच महीनों से कोटा के एक कोचिंग संस्थान में NEET-UG की तैयारी कर रहे उत्तर प्रदेश के रामपुर के 18 वर्षीय छात्र मनोजत सिंह ने बुधवार और गुरुवार की रात में कथित तौर पर आत्महत्या कर ली। इस साल में अब तक 19 छात्रों ने कोटा में आत्महत्या कर ली है।
मुंह पर पॉलीथिन, हाथ में बंधी रस्सी बांध, छात्र ने दी जान
पुलिस ने कहा कि मृतक मनजोत ने अपना चेहरा ढंकने के लिए प्लास्टिक बैग का इस्तेमाल किया था। उसका मुंह पर पॉलीथिन बंधा था और दोनों हाथों में रस्सी बंधी थी और वह बेड पर लेटा हुआ था।
पुलिस ने कहा कि विज्ञान नगर पुलिस स्टेशन क्षेत्र में अपने हॉस्टल के कमरे में दम घुटने से उसकी मौत हो गई। मौत का पता गुरुवार सुबह तब चला जब उसके माता-पिता ने फोन किया और कमरे का दरवाजा तोड़ा गया तो वह अपने बिस्तर पर मृत पड़ा हुआ था।
विज्ञान नगर सर्कल अधिकारी (सीओ) धर्मवीर सिंह ने कहा, "मनजोत छाबड़ा ने अपने सिर और चेहरे पर एयर-टाइट प्लास्टिक बैग पहना, चेहरे और दोनों हाथों को कपड़े के टुकड़ों से बांध दिया ताकि दम घुटने से उसकी मौत हो जाए।"
धर्मवीर सिंह ने कहा, मनोजत ने फांसी लगाने का इसलिए नहीं सोचा क्योंकि उसे पता था कि हॉस्टल के कमरों में छत के पंखे आत्महत्या रोधी उपकरण से लैस हैं और उनके वजन के कारण वह नीचे आ जाएंगे।
कैसे चला आत्महत्या का पता...?
गुरुवार की सुबह जब मनजोत अपने माता-पिता के बार-बार कॉल करने पर भी नहीं उठा रहा था। तो उसके माता-पिता ने हॉस्टल के केयरटेकर को सूचित किया। जिसके बाद हॉस्टल के कमरे का दरवाजा तोड़ा गया। सीओ धर्मवीर सिंह ने कहा, 'कमरे का दरवाजा खुलते ही हमने देखा कि मनोजत अपना चेहरा ढंके हुए और हाथ बंधे हुए बेड पर लेटा हुआ है।'
उन्होंने, "कमरे की दीवार पर चिपका हुआ एक सुसाइड नोट बरामद हुआ है, जिसमें पीड़ित ने लिखा है कि वह अपनी मर्जी से यह कदम उठा रहा है और इसके लिए किसी को जिम्मेदार नहीं ठहराया जाए।''
12वीं का टॉपर था मनजोत
मनजोत बारहवीं कक्षा का टॉपर था और NEET-UG की तैयारी के लिए अप्रैल में अपने शहर के तीन अन्य सहपाठियों, जिनमें दो लड़कियां और एक लड़का शामिल था, के साथ कोटा आया था। अधिकारी ने कहा, सभी चार छात्र एक ही छात्रावास में अलग-अलग कमरों में रहते थे, लड़कियां गर्ल वार्ड में रहती थीं।
मनजोत के तीनों दोस्त ने कहा, ''मनजोत बहुत ही हंसमुख और मजाकिया किस्म का था। वह पढ़ने में बहुत तेज था। उसे 12वीं में 93% अंक हासिल किए थे। वहीं कोचिंग संस्थान के टेस्ट में वह लगातार 608 और 611 अंकों के साथ अच्छा स्कोर कर रहा था।''
तीनों दोस्त ने कहा, ''मनजोत कोचिंग छात्रों द्वारा आत्महत्या की घटनाओं पर यह कहकर प्रतिक्रिया देता था कि अगली बारी उनकी होगी। उनके दोस्तों ने कहा कि वे उसकी बातों को मजाक के रूप में लेते थे।"
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