Jal Jeevan Mission Scam: कौन हैं राजस्थान के पूर्व मंत्री Mahesh Joshi? जो मनी लॉन्ड्रिंग केस में गिरफ्तार
Jal Jeevan Mission Scam Mahesh Joshi: राजस्थान में जल जीवन मिशन (JJM) के तहत हुए कथित घोटाले की जांच ने नया मोड़ ले लिया है। कांग्रेस नेता और पूर्व मंत्री महेश जोशी को प्रवर्तन निदेशालय (ED) ने मनी लॉन्ड्रिंग मामले में गिरफ्तार कर लिया है।
यह गिरफ्तारी धन शोधन निवारण अधिनियम (PMLA) के तहत की गई है और आरोप है कि महेश जोशी के मंत्री रहते जल जीवन मिशन योजना में गंभीर अनियमितताएं हुईं।

क्या है जल जीवन मिशन घोटाला?
- जल जीवन मिशन केंद्र सरकार की एक महत्त्वाकांक्षी योजना है जिसका उद्देश्य हर घर में नल से साफ और पर्याप्त पानी पहुंचाना है।
- राजस्थान में इस योजना का क्रियान्वयन जन स्वास्थ्य अभियांत्रिकी विभाग (PHED) के ज़रिए किया गया।
- उस समय महेश जोशी इसी विभाग के मंत्री थे।
राजस्थान भ्रष्टाचार निरोधक ब्यूरो (ACB) ने पहले ही इस योजना में अनियमितताओं को लेकर FIR दर्ज की थी। अब उसी मामले को आधार बनाकर ED ने मनी लॉन्ड्रिंग जांच शुरू की।
अब तक क्या-क्या हुआ?
- ईडी ने इस मामले में अब तक चार गिरफ्तारियां की हैं।
- महेश जोशी को गुरुवार को जयपुर से हिरासत में लिया गया।
- जांच एजेंसी का आरोप है कि घोटाले के जरिए बड़ी रकम की हेराफेरी की गई और उसका इस्तेमाल काले धन को सफेद करने के लिए किया गया।
महेश जोशी की सफाई
गिरफ्तारी के बाद महेश जोशी ने कहा, 'मेरी पत्नी की हालत गंभीर है। मैंने कोई गलत काम नहीं किया। जिन लोगों पर मैंने कार्रवाई की थी, वही लोग आज मेरे खिलाफ बयान दे रहे हैं। मुझे कानून पर भरोसा है और न्याय जरूर मिलेगा।'
राजनीतिक असर और सवाल
- महेश जोशी की गिरफ्तारी से राजस्थान की राजनीति में हलचल मच गई है, खासकर कांग्रेस खेमे में।
- यह मामला पूर्व मुख्यमंत्री अशोक गहलोत की सरकार के समय का है, इसलिए पूरे प्रशासनिक कार्यप्रणाली पर सवाल उठ रहे हैं।
- क्या यह गिरफ्तारी राजनीति से प्रेरित है या वास्तव में घोटाले का खुलासा?
घोटाले के अहम बिंदु
- योजना: जल जीवन मिशन (JJM)
- उद्देश्य: हर घर में नल कनेक्शन से पानी
- विभाग: PHED, राजस्थान
- मंत्री: महेश जोशी (तत्कालीन)
- आरोप: अनियमितताओं के जरिए फंड का दुरुपयोग और मनी लॉन्ड्रिंग
- जांच एजेंसी: ED (प्रवर्तन निदेशालय)












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