झालावाड़ हादसे के बाद जैसलमेर में स्कूल का पिलर गिरने से छात्र की मौत, उदयपुर-बांसवाड़ा में बरामदे ढहे
Jaisalmer school pillar accident: राजस्थान के सरकारी स्कूलों में छात्र अब सुरक्षित नहीं हैं। स्कूल की इमारतें ही उनकी जान की सबसे बड़ी दुश्मन बनती जा रही हैं। कक्षा-कक्ष ही नहीं बल्कि स्कूल का मुख्य दरवाजा भी जानलेवा साबित हो रहा है। राजस्थान के झालावाड़ जिले में पिपलोदी के राजकीय उच्च प्राथमिक विद्यालय में भवन गिरने से सात बच्चों की मौत के तीन दिन बाद अब जैसलमेर में सरकारी स्कूल के प्रवेशद्वार पिलर गिरने से एक बच्चे की मौत हो गई है।
बाड़मेर-जैसलमेर से कांग्रेस सांसद उम्मेदाराम बेनीवाल ने सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म एक्स पर पोस्ट शेयर करके घटना की जानकारी दी और राजस्थान की भजनलाल शर्मा सरकार पर कई सवाल उठाए हैं। बता दें कि जैसलमेर के पूनमपुर गांव के स्कूल का गेट 3 साल पहले टक्कर लगने से जर्जर हो गया था। आज उस जर्जर गेट ने एक मासूम की जान ले ली और एक अध्यापक के दो पैर तोड़ दिए।

सांसद उम्मेदाराम बेनीवाल के अनुसार जैसलमेर जिले के गांव पूनम नगर में राजकीय बालिका उच्च माध्यमिक विद्यालय के जर्जर प्रवेशद्वार के गिरने से नौ साल के छात्र अरबाज खान की मौत हो गई है।
सांसद बेनीवाल ने अपने संसदीय क्षेत्र के सरकारी स्कूल में जर्जर पिलर गिरने की घटना को प्रशासनिक लापरवाही बताया और लिखा कि झालावाड़ स्कूल हादसे में सात बच्चों की मौत से सबक न लेने का नतीजा जैसलमेर में अरबाज की मौत है।

सांसद बेनीवाल ने यह भी आरोप लगाया कि उन्होंने जिला परिषद की बैठकों में प्रशासनिक अधिकारियों को जर्जर स्कूल भवनों की मरम्मत और स्कूल परिसर के ऊपर से गुजर रही विद्युत लाइनों को शिफ्ट करने को लेकर निर्देशित कर चुका हूं, मगर प्रशासन अभी भी गंभीर नहीं।
सांसद ने जैसलमेर स्कूल हादसे के बाद राजस्थान की भजनलाल शर्मा सरकार से मांग की कि जर्जर स्कूलों की तुरंत मरम्मत करनी चाहिए। लापरवाह अफसरों पर कार्रवाई हो। पीड़ित परिवार को न्याय मिलना चाहिए।
राजस्थान में कुल कितने स्कूल जर्जर?
झालावाड़ हादसे के बाद शिक्षा विभाग ने स्कूल भवनों का सर्वे करवाया है, जिसमें 2256 जर्जर स्कूल चिह्नित किए गए हैं। वहीं, 7500 स्कूल भवनों को मरम्मत योग्य माना गया है। शिक्षा मंत्री मदन दिलावर ने समीक्षा बैठक में कहा कि जो सर्वे में जो स्कूल भवन जर्जर अवस्था में पाए जाएंगे, उन भवन को बंद करवाया जाएगा। जिला कलेक्टरों से 30 जुलाई तक रिपोर्ट मांगी है।
झालावाड़ स्कूल हादसा: अब 6 अधिकारी भी निलंबित
झालावाड़ के सरकारी स्कूल भवन हादसे में पांच शिक्षकों के बाद छह अधिकारियों पर भी गाज गिरी है। शिक्षा विभाग के सचिव कृष्ण कुणाल ने झालावाड़ जिला शिक्षा अधिकारी (प्रारंभिक) नरसो मीणा, मुख्य ब्लॉक शिक्षा अधिकारी प्रमोद बालासोरिया, पूर्व मुख्य ब्लॉक शिक्षा अधिकारी चंद्रशेखर लुहार, मनोहर थाना पंचायत प्रारंभिक शिक्षा अधिकारी मनपसर प्रभुलाल कारपेंटर, तत्कालीन प्रारंभिक पंचायत शिक्षा अधिकारी राधेश्याम मीणा और समग्र शिक्षा झालावाड़ के सहायक अभियंता कैलाश चंद्र पाटोदिया को निलंबित किया है।
उदयपुर-बांसवाड़ा के स्कूलों में भी हादसे
झालावाड़-जैसलमेर ही नहीं बल्कि राजस्थान के अन्य जिलों के सरकारी स्कूल भी सुरक्षित नहीं हैं। उदयपुर के वल्लभनगर के राजकीय उच्च प्राथमिक विद्यालय रूपावली में स्कूल का बरामदा गिर गया। गनीमत यह रही कि हादसा रविवार को अवकाश के दिन हुआ। वरना झालावाड़ जैसी त्रासदी यहां भी हो सकती थी। स्कूल में 90 बच्चे पढ़ते हैं।
इसी तरह बांसवाड़ा जिले के रोहनवाड़ी के एनएच 56 पर मोनाडुगर गांव के पास राजकीय प्राथमिक विद्यालय कल्लाजी मंदिर का बरामदा रात को गिर गया। इस स्कूल में 109 बच्चे पढ़ते हैं। पांच शिक्षकों का स्टाफ है।












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