फर्जी मामले में फंसाकर 45 लाख लेने का था प्लान, पहली किश्त लेते वक्त रंगे हाथों पकड़ी गई महिला दरोगा
जयपुर। भ्रष्टाचार निरोधक ब्यूरो मुख्यालय जयपुर देहात की टीम ने मंगलवार को कार्रवाई करते हुए शिप्रा पथ थाना मानसरोवर जयपुर में कार्यरत सब इंस्पेक्टर बबिता चौधरी को 5 लाख रुपये की रिश्वत लेते रंगे हाथों गिरफ्तार किया। सब इंस्पेक्टर बबीता और उसका पति जो पेशे से वकील हैं, दोनों मिलकर एक व्यापारी को झूठे मामले में फंसाने की कोशिश कर रहे थे और इसकी एवज में 50 लाख रुपये की मांग की थी। हालांकि भ्रष्टाचार निरोधक टीम ने आरोपियों को रंगे हाथ पकड़ लिया है और मामले में आगे कार्रवाई की जा रही है।

भ्रष्टाचार निरोधक ब्यूरो महानिरीक्षक सचिन मित्तल ने बताया कि परिवादी ने एसीबी में इससे संबंधित शिकायत दी थी। परिवादी ने बताया की मेरी एक रजिस्टर्ड फर्म है जिसके माध्यम से में वेब एडवर्टाइजमेंट का बिजनेस करता हूं। किसी ने मेरे बिजनेस की (बिटकॉइन) पेमेंट संबंधी रिकॉर्डिंग शिप्रा पथ थाने में कार्यरत सब इंस्पेक्टर बबीता चौधरी को दे दी। जिस पर सब इंस्पेक्टर बबीता चौधरी एवं इनके वकील पति अमरदीप मिलकर मुझ पर थाने में आईटी एक्ट में मुकदमा दर्ज कर फंसाने की धमकी देकर 50 लाख रुपए की रिश्वत की मांग कर रहे थे। भ्रष्टाचार निरोधक ब्यूरो अतिरिक्त अधीक्षक पुलिस नरोत्तम वर्मा के नेतृत्व में उक्त मांग का सत्यापन करवाया एवं 45 लाख रुपये में मामला तय हुआ जिस पर आज एसीबी की ट्रैप कार्रवाई के दौरान सब इंस्पेक्टर बबिता चौधरी एवं इनके वकील पति अमरदीप थाने के सामने रेस्टोरेंट में 5 लाख रुपये रिश्वत की पहली किश्त लेते रंगे हाथों गिरफ्तार कर लिया गया जिसके बाद उनपर अग्रिम कार्रवाई की जा रही है।












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