NEET एग्जाम में इनविजिलेटर के हाथ से छूटा चाय का कप OMR शीट पर गिरा, दिशा की 2 साल की मेहनत बर्बाद
जयपुर के बस्सी की रहने वाली दिशा शर्मा की नीट एग्जाम के दौरान ओएमआर शीट पर चाय गिरने का मामला राजस्थान हाईकोर्ट पहुंच चुका है।

राजस्थान में छात्रा दिशा की दो साल की कड़ी मेहनत पर चाय की वजह से पानी फिर गया। गलती इनविजिलेटर की है जबकि डॉक्टर बनने का ख्वाब दिशा का टूटा। अब दिशा ने न्याय के लिए हाईकोर्ट का दरवाजा खटखटाया है।
दैनिक भास्कर की एक रिपोर्ट के अनुसार जयपुर जिले के बस्सी की रहने वाली दिशा साइंस में काफी होशियार है। उसने दसवीं और बारहवीं में सौ फीसदी अंक हासिल किए। 17-17 घंटे पढ़ाई करके नीट की तैयारी की। सबको लगता था कि दिशा नीट क्रैक करके जल्द डॉक्टर बन जाएगी।
नीट परीक्षा के दौरान इनविजिलेटर के हाथ से छूटा चाय का कप दिशा की ओएमआर शीट पर गिर गया। कई सवालों के जवाब चाय फैलने से मिट गए। 17 सवालों के जवाब उसे आते हुए भी वे छूट गए। इनविजिलेटर की गलती पर वह महज पांच निमट का एक्सट्रा टाइम मांगने के लिए गिड़गिड़ाती रही।
दिशा ने 12वीं के बाद नीट की परीक्षा दी। 470 अंक मिले। पहले प्रयास में कुछ नंबर से MBBS की सीट पाने से चूक गई। 7 मई को नीट परीक्षा में दिशा का सेंटर जयपुर के रामनगरिया स्थित विवेक टैक्नो स्कूल में आया। पेपर तैयारी के अनुरूप ही आया। डेढ़ घंटा बीत चुका था। दिशा में काफी सवालों के आंसर ओएमआर सीट में भर दिए थे।
इसी दौरान एग्जाम हॉल में इनविजिलेटर चाय पीते हुए निरीक्षण कर रहे थे। चाय का कप उनके हाथ से छूटने पर चाय दिशा की ओएमआर शीट पर गिर गई, जिससे कई प्रश्नों के उत्तर मिट गए। चाय के धब्बों के कारण पूरी शीट खराब हो गई। 17 सवालों के जवाब आते हुए भी छूट गए।
मीडिया से बातचीत में दिशा में बताया कि ओएमआर शीट पर चाय गिरने से इनविजिलेटर एक कपड़ा लेकर आए और चाय साफ की। बोले कि ओएमआर शीट ज्यादा खराब नहीं हुई। जबकि ओएमआर शीट पूरी खराब हो चुकी थी। एक्स्ट्रा टाइम दिलाने का भरोसा दिलाया था, मगर दिया नहीं। दिशा एक्स्ट्रा टाइम की उम्मीद में दिशा फिर से ओएमआर शीट भरने लगी। इतने में टाइम पूरा हो गया।
दिशा की मां राजेश्वरी कहती हैं कि नीट एग्जाम के दौरान हुई चाय वाली घटना के बाद से बेटी सदमे में है। हमने स्कूल प्रबंधन से शिकायत भी की, मगर हमारी कोई सुनवाई नहीं हुई। प्रिंसिपल मैडम ने हमें दूर से ओएमआर शीट दिखाई। बोली कि देख लो ओएमआर शीट सही है। कुछ नहीं हुआ। फिर हमें वहां से भेज दिया। हमने पुलिस को भी शिकायत दी है।
बता दें कि दशिा के पिता नवीन शर्मा बस्सी में प्लास्टिक मोल्डिंग का काम करते हैं। शर्मा भी कहते हैं कि नीट एग्जाम में बेटी के साथ अजीब घटना हुई। उससे पूरा परिवार सदमे में हैं। बेटी ने दसवीं-बारहवीं बोर्ड में विज्ञान में सौ फीसदी अंक पाए थे। इस बार वो नीट क्रैक कर लेती।
उधर, राजस्थान हाईकोर्ट में जस्टिस एमएम श्रीवास्तव व जस्टिस अनिल उपमन की खंडपीठ ने मामले में NTA से दिशा की ऑरिजनल ओएमआर शीट समेत पूरा रिकॉर्ड तलब किया है। साथ ही परीक्षा सेंटर से क्लासरूम के सीसीटीवी फुटेज के साथ स्कूल प्रिंसिपल को 4 जुलाई को कोर्ट में हाजिर रहने का आदेश दिया है।
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