जोधपुर में पूर्व विधायक दिव्या मदेरणा ने फिर खोल दिया मोर्चा ? ग्रामीण एसपी पर लगा दिए यह आरोप
Rajasthan News: जोधपुर में ओसियां की पूर्व विधायक दिव्या मदेरणा एक बार फिर अपने तेवर में है। मदेरणा ने ग्रामीण एसपी पर अवैध खनन और भूमाफिया को संरक्षण देने का आरोप लगाया है। सोशल मीडिया एक्स पर पोस्ट कर लिखा कि अपराध के खिलाफ, पुलिस को नहीं अधिकार।
जोधपुर ग्रामीण एसपी धर्मेंद्र सिंह यादव पर ओसियां की पूर्व विधायक दिव्या मदेरणा ने अवैध खनन और भूमाफिया को संरक्षण देने का आरोप लगाया है।

दिव्या ने सोशल मीडिया एक्स पर एसपी की कार्यशैली पर सवाल उठाते हुए लिखा है कि आजकल पिक्चर देखकर सुपर कॉप या सिंघम बनने की होड़ लगी हुई है।
मेरे पर जानलेवा हमला भी एसपी धर्मेंद्र यादव की विफलता से हुआ था , पुलिस की मौजूदगी में असामाजिक तत्व डण्डे लेकर खड़े थे , मैंने एसपी को कहा तो उन्होंने कहा ऐसा कुछ नहीं है स्तिथि हमारे नियंत्रण में है ।ऐसा नियंत्रण है एसपी ने उस मामले में आज तक एक गिरफ़्तारी नहीं की । इनकी… https://t.co/jwbFlC4hv0 pic.twitter.com/h4Ws1BG2zO
— Divya Mahipal Maderna (@DivyaMaderna) May 14, 2024
सोशल मीडिया में पुलिस अधिकारी हीरो बनने के चक्कर में पब्लिक शेमिंग और पब्लिक ह्यूमैनिटेशन के अनेक हथकंडे अपनाते हैं। जबकि आम जनता या पीड़ित को ये जानकारी ही नहीं होती कि पुलिस कस्टडी में बने वीडियो में जुर्म कबूल करवा वायरल करवाना, सिर मूंछ दाढ़ी मुंडवाना और जुलूस निकलवाना पूरी तरह से गैरकानूनी है।
गौरतलब है कि गत पांच मई को जोधपुर के ओसियां थाना क्षेत्र में सिरमंडी टोल पर मारपीट के मामले में गिरफ्तार आरोपी के माफी मांगने के वायरल वीडियो को लेकर ओसियां की पूर्व विधायक दिव्या मदेरणा ने पुलिस की कार्यशैली पर सवाल उठाए हैं।
उन्होंने ग्रामीण एसपी पर आरोप लगाते हुए कहा कि एसपी धर्मेंद्र सिंह के निर्देशों पर ही थाने में ही गिरफ्तार होने वाले अपराधियों के वीडियो वायरल किए जाते हैं। इसमें पैर तोडना, पैर पर गोली मारना, उनके निर्देश से ही एक फर्जी एनकाउंटर भी हुआ जो अपने क्षेत्राधिकार से बाहर जाकर बायतु के ओमाराम जाट का किया था।
उन्होंने एक्स पर लिखा कि क्रिमिनल जस्टिस सिस्टम में लिखा है कि गिरफ्तार व्यक्ति के साथ दुर्व्यवहार नहीं किया जाए लेकिन पुलिस वाह वाही बटोरने के चक्कर में और कभी किसी से बदला लेने के चक्कर में या राजनीतिक दबाव में पुलिस पब्लिक शेमिंग कर अपना खुद का समानांतरण कर रही है।
इसे पूरी तरह से रोका जाना चाहिए क्योंकि इसका व्यक्ति पर घातक मनोवैज्ञानिक प्रभाव पड़ता है जो आत्महत्या का कारण बन सकता है ऐसे के खिलाफतुरंत दोषी पुलिस अधिकारी एक्शन लेना चाहिए। दिव्या ने लिखा कि हम अपराधी और आपराधिक गतिविधियों के सख्त खिलाफ है, लेकिन न्याय प्रणाली को धता बताकर नहीं।
पुलिस को पब्लिक शेमिंग का अधिकार नहीं है। अब जो मन में आए पुलिस उस अभियुक्त के साथ पुलिस कस्टडी में करने करने लग गई हैं। एसपी अपनी खुद की खुंदक निकालने के लिए इसका इस्तेमाल कर रहे हैं। वह इसे ट्रेंड की तरह चला रहे हैं, क्यों किसी ने इस गौरव उल्लंघन का विरोध नहीं किया। या तो उन्होंने इसे अपना राइट समझ लिया।
एसपी अगर इसे इतना सही मानते तो डीजी से सर्कुलर जारी करवाइए कि यह अधिकार पुलिस को दिया जाता है कि वह गिरफ्तार व्यक्ति के साथ ऐसा व्यवहार कर सकती है। दिव्या ने कहा की जोधपुर के किसी भी थाने में यदि एसपी के निर्देश पर गिरफ्तार व्यक्ति के साथ अधिकार का उल्लंघन किया तो हम घेराव करेंगे। ऐसा नहीं होने देंगे।
दिव्या ने लिखा कि खेड़ापा थाने में आरोपी के वीडियो वायरल होने पर उन्होंने थानेदार को फोन कर पूछा तो थानेदार ने बताया कि एसपी के निर्देश पर बनाया है। एडिशनल एसपी को फोन किया तो वह कह रहे हैं कि मुझे पता नहीं पता करते हैं। इतना ही नहीं उन्होंने थाने में सिर मुंडवाने के लिए नाई को बुला लिया।
मुझे जैसे ही पता चला मैने आईजी जोधपुर रेंज को फोन किया। उन्होने कहा कि यह बिल्कुल गैरकानूनी है और आश्वस्त किया कि वह यह नहीं होने देंगे। उन्होंने तुरंत निर्देशित किया जिसके कारण सिर मुंडवाने की घटना को रोक पाए, लेकिन नाई ने तब तक दाढ़ी बना दी।
ओसियां में ड्रग फैक्ट्री पकड़े जाने को लेकर जोधपुर ग्रामीण पुलिस अधीक्षक पर सवाल खड़े किए। कहा कि यह जोधपुर ग्रामीण पुलिस की विफलता को दर्शाता है।
इतने बड़े स्तर के ऑपरेशन के लिए पुलिस अधीक्षक की सहमति चाहिए होती है, इसके लिए थाने से एसपी को सूचना देते हैं और एसपी के निर्देश के बिना स्पेशल टीम, थानेदार, या एसएचओ के हाथ बंधे होते हैं और वह किसी प्रकार की रेड या कार्रवाई नहीं करते। जोधपुर ग्रामीण क्षेत्र में भू माफिया अवैध खनन को संरक्षण देने वालों का पुलिस का खुला खेल चल रहा है।












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