Chinmayee Gopal IAS : राजस्थान की वो DM जिसने डोर टू डोर जाकर खोली अपने ही कर्मचारियों की पोल
Chinmayee Gopal IAS : राजस्थान की वो जिला कलेक्टर जिसने डोर टू डोर जाकर खोली अपने ही कर्मचारियों की पोल
टोंक, 24 जून। लोग अक्सर कहते हैं कि अफसर तो एसी के कमरों में बैठकर फैसला लेते हैं। उन्हें जमीनी हकीकत पता ही नहीं होती। यह बात कुछ हद तक सही भी है। इसकी एक बानगी राजस्थान के टोंक जिले में देखने को मिली है। यहां महिलाओं की दर्दभरी कहानी उस वक्त सामने जब खुद जिला कलेक्टर फील्ड में उतरीं। नाम है आईएएस चिन्मयी गोपाल।

चिन्मयी गोपाल आईएएस राजस्थान कैडर
राजस्थान कैडर की महिला आईएएस अधिकारी चिन्मयी गोपाल की बतौर जिला कलेक्टर टोंक में पहली पोस्टिंग है। इन्होंने निचले स्तर के कर्मचारियों की लीपा-पोती को क्रॉस चेक करने का जो तरीका अपनाया वो तारीफ के काबिल है। अन्य आईएएस अधिकारियों को भी इनसे सीख लेनी चाहिए।

टोंक डीएम चिन्मयी गोपाल का इंटरव्यू
वन इंडिया हिंदी से बातचीत में टोंक डीएम चिन्मयी गोपाल ( IAS Chinmayi Gopal DM Tonk Rajasthan ) ने घर-घर जाकर सर्वे करने का अपना अनुभव शेयर किया। साथ ही यह भी बताया कि टोंक जिले में कोई भी पात्र व्यक्ति पेंशन योजना से वंचित नहीं रहे इसके लिए वे क्या खास कदम उठा रही हैं? उनके डोर टू डोर सर्वे में जिन सरकारी कर्मचारियों की पोल खुली उनके खिलाफ कार्रवाई के बारे में भी बताया।

पहले के सर्वे में शून्य पात्र
टोंक जिला कलेक्टर चिन्मयी गोपाल कहती हैं कि वृद्धावस्था, विकलांगता, विधवा पेंशन व पालनहार योजना को लेकर आंगनबाड़ी कार्यकर्ता, एएनएम, ग्राम सेवक व पटवारी आदि से सर्वे करवाया गया था, जिसमें उन्होंने कई गांवों के बारे में रिपोर्ट दी कि उनमें पेंशन योजना से जोड़ने लायक एक भी पात्र नहीं है। इस पर गुरुवार को सर्वे की हकीकत जानने के लिए टीम के साथ फील्ड में गईं।

गांव बिणजारी में पेंशन के 10 नए पात्र मिले
टोंक जिले की उनियारा तहसील की ग्राम पंचायत बिलासपुर के गांव बिणजारी में जिला कलेक्टर कलेक्टर चिन्मयी गोपाल अपनी टीम साथ पहुंचीं। सात टीम बनाकर तीन घंटे तक घर-घर जाकर हकीकत जानीं तो सामने आया कि अकेले गांव बिणजारी में ही पेंशन पाने के 10 नए पात्र लोग मिल गए। इनमें वृद्धावस्था के चार और अन्य केस परित्यक्ता, विधवा व विकलांगता के थे।

एसडीओ को डोर टू डोर सर्वे के निर्देश
आईएएस चिन्मयी गोपाल कहती हैं कि गांव बिणजार में खुद अचानक डोर टू डोर सर्वे करने पर यह तो स्पष्ट हो गया कर्मचारियों ने सर्वे ठीक से नहीं किया। ऐसे में दोषियों को चार्जशीट देंगे। साथ ही एसडीओ को भी निर्देश दिए हैं कि वे रेंडमली दो-दो गांवों के घर-घर जाकर सर्वे करें। मैं खुद भी दो तीन अन्य गांवों में जाऊंगी। ताकि अधिक से अधिक पात्र लोगों को सरकारी पेंशन का लाभ मिल सके।

निकिता बैरवा की कहानी सामने आई
गांव बिणजार में निकिता बैरवा के घर जाकर आईएएस चिन्मयी गोपाल ने कहा कि वे जिला कलेक्टर है। उनकी समस्या जानने आई हैं तो पता चला कि निकिता बैरवा के पति की दुर्घटना में मौत हो गई। आर्थिक अभाव में उसके सामने तीन बच्चों को पालने का संकट है। इस पर जिला कलेक्टर ने अधिकारियों को आदेश दिया कि पालनहार योजना में आवेदन करवाकर निकिता के परिवार की मदद की जाए।

दूसरे प्रयास में बनीं आईएएस
बता दें कि टोंक जिला कलेक्टर चिन्मयी गोपाल मूलरूप से दक्षिण दिल्ली की रहने वाली हैं। साल 2014 कैडर की आईएएस हैं। 17 अगस्त 1984 को जन्मी चिन्मयी गोपाल ने यूपीएससी के अपने दूसरे प्रयास में 16वीं रैंक हासिल की थी। ये टोंक से पहले भीलवाड़ा, रामगंज मंडी कोटा में एसडीएम के पद पर भी सेवाएं दे चुकी हैं। इन्होंने अर्थशास्त्र में एमए कर रखा है।
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