पति ने वीडियो भेज कहा था मर जा, कोर्ट ने उसी वीडियो व चैट को आधार मान सुनाई दस साल की सजा
जालोर, 29 अप्रैल। राजस्थान के जालोर की बहू आयशा के सुसाइड के मामले में गुरुवार को कोर्ट का फैसला आया है, जिसमें पति को दस साल की सजा सुनाई गई है। गुजरात और राजस्थान के बहुचर्चित आयशा सुसाइड केस में एक साल दो माह बाद फैसला आया है। आयशा का सुसाइड वीडियो सोशल मीडिया में काफी वायरल हुआ था।
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सुसाइड से ठीक पहले पति की डिमांड पर वीडियो बनाने और फिर उसे वायरल करने वाली जालोर की बहू आयशा मूलरूप से अहमदाबाद की रहने वाली थी। आयशा ने पति की दहेज प्रताड़ना से परेशान होकर पिछले साल 25 फरवरी को गुजरात में साबरमती नदी में कूदकर खुदकुशी कर ली थी। राजस्थान के जालोर निवासी पति आरिफ खां पर आत्महत्या के लिए दुष्प्रेरित करने का आरोप लगाया था। पुलिस उसे अरेस्ट किया था।
अहमदाबाद सेशंस कोर्ट ने आरिफ को दस साल की सजा सुनाई है। कोर्ट ने मौत से पहले बनाए वीडियो और आरिफ के प्रताड़ना वाले मैसेज के स्क्रीनशॉट को अहम सबूत माना। मौत से पहले आयशा ने करीब 70 मिनट तक आरिफ से बात की थी। आरिफ ने कहा था कि मर जा। इससे पहले एक वीडियो बनाकर भेज देना। आयशा ने वैसा ही किया। दो मिनट का वीडियो बनाकर भेज देना। आयशा ने वैसा ही किया।
आयशा ने मरने से पहले दो मिनट का इमोशनल वीडियो बनाकर भेज दिया। यह वीडियो वायरल हुआ तो आरिफ को फांसी देने की मांग उठी। आयशा ने वीडियो में कहा था कि कि 'मेरा नाम आयशा आरिफ खान...। मैं जो कुछ करने जा रही हूं, अपनी मर्जी से कह रही हूं। समझ लीजिए कि खुदा की दी जिंदगी इतनी ही थी। मुझे इतनी जिंदगी बहुत सुकून वाली मिली और डैड, कब तक लड़ोगे? केस विड्रॉल कर लीजिए। आयशा लड़ाइयों के लिए नहीं बनी है। आरित से तो प्यार करते हैं। उसे परेशान थोड़े न करेंगे। अगर उसे आजादी चाहिए तो ठीक है। वो आजाद रहे। आयशा ने सुसाइड से पहले अपने परिजनों से भी बात की थी।












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