Hanuman Meena: 5 साल में 100 को दिला दी सरकारी नौकरी, 15 लाख में SI व 9 लाख में बनाया पटवारी
Rajasthan Paper Leak Case: मिलिए हनुमान मीना से। यह गजब का जुगाड़ी वो शातिर शख्स है, जिसने राजस्थान में 'जॉब की दुकान' खोल रखी थी। लोगों को फर्जीवाड़ा करके सरकारी नौकरी लगवा रहा था। बीते 5 साल में 100 लोगों को सरकारी जॉब दे दिलवा दी। अब दो दिन पहले राजस्थान एसओजी की पकड़ में आया है।
राजस्थान सब इंस्पेक्टर (SI) भर्ती पेपर लीक व डमी अभ्यर्थी प्रकरण में दो दिन पहले हनुमान मीना को पकड़ा है। एससओजी की पूछताछ में 50 हजार रुपए के ईनामी हनुमान मीना ने कई चौंकाने वाले खुलासे किए हैं। उसने हर भर्ती की रेट तय कर रखी थी।

हनुमान मीना ने एसओजी को बताया कि उसने पांच साल 100 लोगों को फर्जीवाड़े से सरकारी नौकरी लगवा दिया। सात भर्तियों में 16 डमी अभ्यर्थी बैठाए हैं। उनमें से 9 तो सरकारी नौकरी भी कर रहे हैं।
कौन है हनुमान मीना?
राजस्थान की अशोक गहलोत सरकार के कायर्काल में सरकारी नौकरी लगवाने की दुकान खोलने वाला आरोपी हनुमान मीना मूलरूप से राजस्थान के टोंक जिले के अलीगढ़ का रहने वाला है। खुद भी राजस्थान विभाग में कर्मचारी है।
एडीजी वीके सिंह के अनुसार हनुमान मीना ने अलग-अलग भर्ती परीक्षाओं में डमी अभ्यर्थी बैठाने वाली गैंग बना रखी थी, जिसमें जालौर, सांचोर, पाली व जोधपुर के युवक शामिल थे। ये दो से तीन लाख रुपए लेकर डमी अभ्यर्थी के रूप में परीक्षा में बैठते थे।

हनुमान मीना का रेट कार्ड
आरोपी हनुमान मीना ने बाकायदा रेट कार्ड बना रखा था। मतलब जिनती बड़ी पोस्ट, उतनी ही ज्यादा पैसे लेता।
विद्युत विभाग में हेल्पर- 3 लाख रुपए
वन रक्षक व लैब असिस्टेंट-7 लाख रुपए
पवटवारी व ग्राम सेवक-9 लाख रुपए
सब इंस्पेक्टर-15 लाख
भाई को भी लगवाया नौकरी
साल 2018 में एलडीसी में भर्ती हुआ हनुमान मीना वर्तमान में कोटा सेटलमेंट विभाग में कार्यरत है। साल 2018 में ही हनुमान ने अपने भाई सुनील मीना को भी एलडीसी बनवा दिया था। एसओजी की पूछताछ में हनुमान मीना ने बताया कि उसने लगभग सभी नजदीकी रिश्तेदारों को नौकरी दिलवाई है।
कहां-कहां किया फर्जीवाड़ा?
आयुर्वेदिक विभाग में चतुर्थ श्रेणी कर्मचारी भर्ती परीक्षा 2021 में टोंक बिलोता निवासी मूल अभ्यर्थी हस्तीमल मीना की जगह नरेश कुमार बिश्नोई ने परीक्षा दी। छह लाख रुपए लेकर जयपुर में परीक्षा दिलवाई। फिलहाल जयुपर में पोस्टेड।
द्वितीय श्रेणी अध्यापक भर्ती परीक्षा 2022 में टोंक के बिलोता निवासी मूल अभ्यर्थी रामलाल मीणा की जगह सांचौर निवासी प्रवीण बिश्नोई को डमी अभ्यर्थी बैठाया। 10 लाख लेकर टोंक में परीक्षा दिलवाई। पास होने के बाद दस्तावेज जांच में पकड़ा गया। टोंक कोतवाली पुलिस थाने में मामला दर्ज।
राजस्थान हाईकोर्ट एलडीसी परीक्षा 2022 में अलीनगर टोंक के मूल अभ्यर्थी राकेश कुमार मीना की जगह नारायण चौधरी से 8 लाख में सौदा तय कर टोंक में परीक्षा दिलवाई।
एलडीसी भर्ती परीक्षा 2018 में टोंक बिलोता के मूल अभ्यर्थी उग्रसेन मीना की जगह नरेश कुमार को
डमी अभ्यर्थी बना टाईप टेस्ट दिलवाया। डेढ़ लाख रुपए में सौदा तय हुआ। जयपुर में परीक्षा देकर पास हुआ। वर्तमान में जलदाय विभाग केशोराय पाटन जिला बूंदी में पोस्टिंग।
इसी परीक्षा में टोंक अलीनगर के मूल अभ्यर्थी राजेन्द्र मीना की जगह बाड़मेर धोरीमन्ना के मोहनलाल बिश्नोई को डमी अभ्यर्थी बैठाया। डेढ़ लाख रुपए लिए। जयपुर में परीक्षा देकर सचिवालय में नौकरी दिलवाई।
इसी परीक्षा में सवाई माधोपुर के खेड़ा निवासी मूल अभ्यर्थी सतपाल मीना की जगह बाड़मेर धोरीमन्ना निवासी मोहनलाल बिश्नोई को डमी अभ्यर्थी बैठाया। डेढ़ लाख लेकर बारां कलेक्ट्रेट में नौकरी दिलवाई।
बूंदी के समेदी निवासी मूल अभ्यर्थी मस्तराम मीना की जगह भी मोहन बिश्नोई ने परीक्षा दी। इससे भी डेढ़ लाख में सौदा तय हुआ। जयपुर में परीक्षा दिलवाई। पीडब्ल्यूडी बालोतरा में पदस्थापित।












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