General Budget 2024: पूर्व सीएम गहलोत का बड़ा आरोप, यह आम बजट नहीं, यह तो सिर्फ ? जानिए
General Budget 2024: केंद्र सरकार की वित्त मंत्री निर्मला सीतारमण ने आज संसद में आम बजट पेश किया। इस दौरान कई सौगातों का पिटारा खोला लेकिन राजस्थान को लेकर इस बजट में जो घोषणा हुई है अब उन घोषणाओं को लेकर कांग्रेस ने मोर्चा खोल दिया है।
आम बजट को लेकर एक ओर जहां भाजपा नेता तारीफ में कसीदें गढ़ रहे है तो वहीं कांग्रेसी नेता इस बजट के नाम पर आमजन से छलावा बता कर जुबानी वार कर रहे है।
अब मोदी सरकार 3.0 के आम बजट को लेकर राजस्थान के पूर्व मुख्यमंत्री अशोक गहलोत ने भी जमकर पलटवार किया है।

पूर्व सीएम गहलोत ने कहा कि आज वित्त मंत्री निर्मला सीतारमण द्वारा पेश किये गए बजट में राजस्थान को केवल निराशा हाथ लगी है। ऐसा लगा कि राजनैतिक कारणों से केन्द्र सरकार ने केवल आंध्र प्रदेश एवं बिहार को ही पूरे देश का बजट सौंप दिया हो।
वित्त मंत्री श्रीमती निर्मला सीतारमण द्वारा पेश किये गए बजट में राजस्थान को केवल निराशा हाथ लगी है। ऐसा लगा कि राजनैतिक कारणों से केन्द्र सरकार ने केवल आंध्र प्रदेश एवं बिहार को ही पूरे देश का बजट सौंप दिया हो।
भौगोलिक एवं सामाजिक रूप से हमारे राजस्थान को विशेष पैकेज की…
— Ashok Gehlot (@ashokgehlot51) July 23, 2024
भौगोलिक एवं सामाजिक रूप से हमारे राजस्थान को विशेष पैकेज की आवश्यकता थी परन्तु पूरे बजट भाषण में राजस्थान का नाम तक नहीं आया जबकि पिछले विधानसभा चुनाव के दौरान तथाकथित डबल इंजन की सरकार से डबल विकास के भ्रामक दावे के बगैर प्रधानमंत्री का कोई भाषण समाप्त नहीं होता था।
हमें आशा थी कि केन्द्र सरकार इस बजट में ERCP को राष्ट्रीय परियोजना का दर्जा देगी एवं ERCP के लिए विशेष फंड मिलेगा लेकिन केन्द्र सरकार ने ERCP पर भी कोई घोषणा ना कर राजस्थान के हितों के साथ खिलवाड़ किया है।
पहले भाजपा सरकार का वादा 2 करोड़ रोजगार प्रतिवर्ष का था परन्तु अब 5 साल में 1 करोड़ इंटर्नशिप एवं 5,000 रुपये महीने देने की घोषणा बजट में की गई है।
महंगाई को काबू करने के लिए इस बजट में कोई उपाय नहीं किए गए हैं। ना तो पेट्रोल डीजल पर कोई टैक्स कम किया गया और ना ही रसोई गैस सस्ती की गई। राजस्थान में हमारी सरकार ने 500 रुपये में गैस सिलेंडर दिया। जब राजस्थान राज्य ऐसा कर सकता है तो केन्द्र सरकार ऐसा क्यों नहीं कर सकती?
पूरे बजट भाषण को पढ़ने के बाद जनता निराश है। ऐसा दिशाहीन बजट देश की अर्थव्यवस्था को पटरी पर लाने में शायद ही कामयाब हो।












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