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Rajasthan News: जयपुर में हिंदू शरणार्थियों के लिए पुनर्वास बोर्ड की मांग, हिंदू आक्रोश दिवस पर उठी आवाज

Rajasthan News: दशहरे के अवसर पर राजस्थान इंटरनेशनल सेंटर जयपुर में 12 अक्टूबर को निमित्तेकम सोसाइटी और धर्मांश फाउंडेशन द्वारा हिंदू आक्रोश दिवस का आयोजन किया गया। जिसमें पड़ोसी देशों में प्रताड़ित हिंदुओं के अधिकारों और उनके पुनर्वास के लिए विशेष रूप से आवाज उठाई गई। इस अवसर पर वक्ताओं ने पाकिस्तान, बांग्लादेश और कश्मीर में हिंदुओं के खिलाफ हो रहे अत्याचारों का विरोध करते हुए भारत में विस्थापित हिंदुओं के लिए पुनर्वास बोर्ड के गठन की मांग की।

पड़ोसी देशों में घटती हिंदू आबादी चिंता का विषय

कार्यक्रम में निमित्तेकम सोसाइटी के फाउंडर डॉ. ओमेन्द्र रत्नू ने बताया कि पाकिस्तान में हिंदुओं की आबादी 16 प्रतिशत से घटकर मात्र 2 प्रतिशत रह गई है।जबकि बांग्लादेश में यह संख्या 35 प्रतिशत से घटकर 8 प्रतिशत हो गई है। उन्होंने कहा कि हर दिन पाकिस्तान और बांग्लादेश में लगभग तीन हिंदू-सिख लड़कियों का अपहरण हो रहा है और आने वाले वर्षों में इन देशों में हिंदू और सिख समुदाय का पूरी तरह से सफाया करने का प्रयास किया जा रहा है। इसी के चलते इन शरणार्थियों के लिए भारत में पुनर्वास बोर्ड का गठन अति आवश्यक है। क्योंकि उनके पास भारत के अलावा कोई दूसरा ठिकाना नहीं है।

hindu akrosh divas

जागरूकता बढ़ाने के लिए वक्ताओं ने रखे विचार

इस कार्यक्रम में पुष्पेन्द्र कुलश्रेष्ठ, ओमेंद्र रत्नू, नीरज अत्री, रमणीक मान, वैभव सिंह, राकेश उत्तखंडी और प्रीतेश विश्वानाथ जैसे प्रमुख वक्ताओं ने अपने विचार रखे। पुष्पेन्द्र कुलश्रेष्ठ ने हिंदुओं को एकजुट होकर आवाज उठाने का आह्वान किया और कहा कि अगर हम एकजुट रहेंगे तो विश्व भी हमारे साथ खड़ा होगा। उन्होंने इजराइल का उदाहरण देकर यह बताया कि कैसे एकजुटता से पूरा देश अपने नागरिकों के अधिकारों के लिए लड़ सकता है।

शरणार्थियों के पुनर्वास के लिए सोसाइटी के कार्य

2016 में स्थापित निमित्तेकम सोसाइटी, पाकिस्तान, बांग्लादेश और अन्य पड़ोसी देशों में धार्मिक प्रताड़ना के शिकार हिंदुओं, सिखों, ईसाइयों और अन्य अल्पसंख्यकों के पुनर्वास के लिए काम कर रही है। यह सोसाइटी शरणार्थियों के दीर्घकालिक वीजा, भारत में शिविर स्थापित करने, कौशल विकास और रोजगार कार्यक्रम शुरू करने के साथ-साथ उनकी आजीविका को सुगम बनाने के लिए प्रयासरत है।

भारत में सुरक्षित जीवन की शुरुआत

प्रोजेक्ट आगमन के तहत सोसाइटी उन लोगों के भारत आने की प्रक्रिया को आसान बनाती है। जो अपने धर्म के कारण प्रताड़ित हो रहे हैं। पासपोर्ट, वीजा, यात्रा जैसी औपचारिकताओं का खर्च भी यह संगठन उठाता है और भारत में आगमन के बाद शरणार्थियों के प्रारंभिक आवास और भोजन की व्यवस्था करता है।

महिलाओं और बच्चों के सशक्तिकरण के लिए विशेष पहल

निमित्तेकम सोसाइटी ने जयपुर में ह्यूमन लाइफ फाउंडेशन के साथ साझेदारी में प्रोजेक्ट पालन के माध्यम से 120 बच्चों को भोजन, कपड़े और शिक्षा प्रदान की है। साथ ही प्रोजेक्ट आत्मनिर्भर के तहत महिलाओं को रोजगार और कौशल विकास कार्यक्रमों के जरिए सशक्त बनाने की दिशा में काम किया जा रहा है।

1500 से अधिक लोग हुए शामिल

इस कार्यक्रम में देशभर से आए 1500 से अधिक लोगों ने भाग लिया और हिंदू शरणार्थियों के कल्याण और सुरक्षा के लिए जोरदार समर्थन व्यक्त किया। सभी वक्ताओं ने एक स्वर में यह मांग की कि केंद्र और राज्य सरकारें हिंदू शरणार्थियों के लिए विस्थापित हिंदू पुनर्वास बोर्ड का गठन करें। ताकि वे सुरक्षित और सम्मानित जीवन जी सकें।

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