30 साल बाद बेटी जन्मी तो परिवार पूरे शहर में डीजे पर जमकर नाचा, बच्ची को सजी-धजी गाड़ी में ले गए घर
राजस्थान के चूरू जिला मुख्यालय पर एक परिवार ने बेटी जन्म पर जोरदार जश्न मनाया है। अस्पताल से लेकर घर तक नाचते-गाते पहुंचे हैं।

दुल्हन सी सजी कार। बारातियों की तरह नाचते परिजन। माहौल जश्न का और जश्न बेटी जन्म का। राजस्थान के चूरू जिला मुख्यालय पर संभवतया यह पहला मौका है जब किसी परिवार ने बेटी के जन्म पर इस तरह से खुशियां मनाई हो कि अस्पताल से लेकर घर के रास्ते में तमाम लोग इसके गवाह बने।

तीन दशक से था बेटी का इंतजार
दरअसल, चूरू के निर्मल सैनी के परिवार में 30 साल बाद कन्या का जन्म हुआ है। तीन दशक से बेटी के पैदा होने की उम्मीद लगाए बैठे परिवार का इंतजार 27 नवंबर को पूरा हुआ। निर्मल की पत्नी ललीता ने चूरू के भरतीया अस्पताल परिसर स्थित मातृत्व शिशु अस्पताल में सिजेरियन प्रसव से बेटी को जन्म दिया।
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सात दिन अस्पताल में भर्ती रही
जच्चा बच्चा की तबीयत को देखते हुए सात दिन अस्पताल में भर्ती रखा। 4 दिसम्बर को अस्पताल से छुट्टी मिली। इस पर निर्मल के परिवार ने पूरे घर को शानदार ढंग से सजाया और सजी हुई कार व डीजे लेकर नवजात बेटी को प्रसूता को लाने के लिए भरतीया अस्पताल पहुंच गए।

चार भाई व पोते के बाद पोती
वन इंडिया हिंदी से बातचीत में हेमंत सैनी ने बताया कि उनका घर चूरू जिला मुख्यालय पर नयाबास में टाउन हाल के पास है। परिवार में 30 साल पहले बेटी के रूप में बुआजी सुखी देवी का जन्म हुआ था। इसके बाद भाई निर्मल सैनी, विवेक, अरविंद और भतीजे देवांश का जन्म हुआ। बेटी एक भी पैदा नहीं हुई थी। अब भतीजी के रूप में भावी सैनी (नवजात का नाम) पैदा हुई तो खुशी का ठिकाना नहीं रहा।

2015 को हुई थी निर्मल ललीता की शादी
निर्मल सैनी की शादी 26 नवंबर 2015 को रतनगढ़ निवासी ललीता सैनी के साथ हुई थी। निर्मल के हैंडीक्राफ्ट की फैक्ट्री है। इनके एक बेटा देवांश है। अब 27 नवंबर को बेटी जन्मी है। निर्मल व ललीता का कहना है कि उनके परिवार ने कभी भी बेटा बेटी में फर्क नहीं समझा, मगर बीते 30 साल में कोई बेटी नहीं जन्मी। इसलिए पूरा परिवार चाहता था कि इस बार बेटी हो। सबका सपना पूरा हुआ तो शानदार जश्न मनाया है।












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