70 साल के दलित बुजुर्ग के सिर पर जूता रखवाकर मंगवाई माफी, चित्तौड़गढ़ में सुनाई गई तालिबानी सजा
Chittorgarh News: राजस्थान के चित्तौड़गढ़ से इंसानियत को शर्मसार कर देने वाली एक खबर सामने आई है, दरअसल एक वीडियो सोशल मीडिया पर वायरल हो रहा है, जिसमें एक बुजुर्ग के सिर पर जूतों की पोटली रखकर सैकड़ों लोगों के सामने उससे सार्वजनिक तौर पर माफी मंगवाई जा रही है।

इस वीडियो के सामने आने के बाद दलित समाज भड़क गया है और उसने चित्तौड़गढ़ के एसपी को परिवाद पेश कर तत्काल कार्रवाई की मांग की है।ये वीडियो 16 सितंबर का बताया जा रहा है।
कथा सुनाते वक्त बुजुर्ग की जुबान फिसल गई थी
वीडियो के हिसाब से ये घटना चित्तौड़गढ़ के बेगू उपखंड के दुगार गांव की है, इस बूढ़े व्यक्ति को ये दर्दनाक सजा इसलिए सुनाई गई क्योंकि एक लोक देवता की कथा सुनाने के दौरान उसकी जुबान फिसल गई थी और उसने 'बगड़ावत' शब्द का गलत उच्चारण कर दिया था।
तालिबानी फरमान सुना दिया गया
जिसके कारण उसे पहले काफी डराया-धमकाया गया , फिर पंचायत बुलाई गई जिसमें उस पर सिर पर जूतों की पोटली रखकर सार्वजनिक तौर पर माफी मांगने का तालिबानी फरमान सुना दिया गया।
दलित समुदाय बुरी तरह से भड़क गया
जिसके बाद डरे-सहमे बुजुर्ग ने जूतों की पोटली सिर पर रखकर सबके सामने माफी मांगी, बजुर्ग की इस पीड़ा को लोग कैमरे में कैद करते रहे लेकिन कोई भी उसे बचाने के लिए सामने नहीं आया। लेकिन इस वीडियो के वायरल होने पर दलित समुदाय बुरी तरह से भड़क गया है और उसने प्रशासन से एक्शन लेने की बात कही है। उसने मुख्यमंत्री, मुख्य सचिव, डीजीपी और मानवाधिकार आयोग को परिवाद भेजा है।
तीन लोगों को हमने अरेस्ट भी कर लिया-पुलिस
इस बारे में प्रशासन भी एक्टिव हुआ है, एसपी ने मीडिया से बात करते हुए कहा कि हम मामले की जांच कर रहे हैं , 20 लोगों के खिलाफ केस दर्ज किया गया है और तीन लोगों को हमने अरेस्ट भी कर लिया है।
'जान से मारने की धमकी मिल रही है...'
तो वहीं इस मामले में मीडिया से मुखातिब होते हुए दलित संरक्षक प्रोफेसर निर्मल देसाई ने कहा कि 'ये बेहद ही शर्मनाक घटना है, इस घटना के बाद से बुजुर्ग व्यक्ति और उसके परिवार को इतना डराया गया है कि वो लोग घर से बाहर नहीं निकल पा रहे हैं , उन्हें जान से मारने की धमकी मिल रही है।'
डालू सालवी के मुंह से बगड़ावत की जगह....
तो वहीं मीडिया रिपोर्ट के मुताबिक जिस बुजुर्ग का वीडियो वायरल हो रहा है, उसका नाम डालू सालवी है, जिनकी उम्र 70 वर्ष है। बताया जा रहा है कि चित्तौड़गढ़ जिले के दुगार ग्राम में भूरालाल गुर्जर और डालू सालवी ने प्रभु देवनारायण की कथा सुनाई थी जिसमें डालू सालवी के मुंह से 'बगड़ावत' की जगह 'फड़ वाचन' निकल गया।
जूता सिर पर रखकर माफी मांगने की सजा सुनाई
जिसके बाद कथा सुन रहे कुछ लोग अचानक से भड़क गए थे और उन्होंने उन दोनों पर कथा के दौरान देवी-देवताओं के खिलाफ आपत्तिजनक टिप्पणी करने का आरोप लगा दिया। जिस पर दुगार गांव में पंचायत बुलाई गई। जिसमें भूरा लाल गुर्जर पर 1100 रुपए का जुर्माना लगाया गया, जबकि डालू को जूता सिर पर रखकर माफी मांगने की सजा सुनाई गई थी।












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