मुख्यमंत्री भजनलाल शर्मा ने ईआरसीपी प्रोजेक्ट को लेकर केंद्रीय मंत्री गजेंद्र सिंह शेखावत के साथ लिया बांधों क
rajasthan news: राजस्थान के मुख्यमंत्री भजनलाल शर्मा ने ईआरसीपी प्रोजेक्ट को धरातल पर उतारने की कवायद शुरू कर दी है। आज कोटा और टोंक के बांधों का दौरा कर अधिकारियों से चर्चा की।
मुख्यमंत्री भजनलाल शर्मा ने आज कोटा जिले की पीपल्दा विधानसभा क्षेत्र में काली सिंध नदी पर बन रहे राजस्थान के सबसे बड़े नोनेरा एबरा बांध का निरीक्षण किया।

केंद्रीय जल शक्ति मंत्री गजेंद्र सिंह शेखावत के साथ मुख्यमंत्री भजनलाल शर्मा ने बांधों का दौरा किया। कोटा के नोनेरा बांध और टोंक के निर्माणाधीन ईसरदा बांध का जायजा लिया।
इस दौरान हैलीकॉप्टर से यात्रा के दौरान कोटा औऱ टोंक दोनों ही जिलों की किसानों की सिंचित होने वाली जमीन को निहार कर खुद को अभिभूत महसूस किया।
नोनेरा बांध पर बनाए गए अस्थाई हेलीपैड पर सीएम भजनलाल शर्मा का हेलीकॉप्टर लैंड हुआ तो इस दौरान शिक्षा मंत्री मदन दिलावर और ऊर्जा मंत्री हीरालाल नागर, पीपल्दा विधायक चेतन पटेल ने गुलदस्ता भेंट कर अगुवानी की ।
मुख्यमंत्री भजन लाल शर्मा के साथ केंद्रीय जल शक्ति मंत्री गजेंद्र सिंह शेखावत भी साथ पहुंचे थे। सीएम भजनलाल शर्मा ने राजस्थान के सबसे बड़े बांध का जायजा लिया और निरीक्षण किया।
राजस्थान में सबसे बड़े बांध के रूप में पहचान बनाने वाले नोनेरा एबरा बांध के निर्माण कार्यों के बारे में भी जलसंसाधन विभाग के अधिकारियों से जानकारी ली और इसकी निर्माण प्रगति की रिपोर्ट भी ली गई।
आपको बता दे कि राजस्थान का यह बांध ईआरसीपी योजना का महत्वपूर्ण बांध है, और इस बांध से राजस्थान के 13 जिलों की प्यास बुझाने जाने को लेकर आगे की योजना तेयार की जा रही है।
राजस्थान के सबसे बड़े बांध के रूप में काली सिंध नदी पर नोनेरा एबरा बांध का निर्माण हो रहा है 601 करोड़ की लागत से बन रहे इस बांध का स्ट्रक्चर तैयार होगा।
वही 37500 करोड रुपए की यह ईआरसीपी की पूरी योजना है, जिससे तहत राजस्थान के 13 जिलों की प्यास बुझाई जा सके। पूर्वी नहर परियोजना के तहत इस बांध से का नहरे बनाकर पानी पहुंचाने का कार्य अमल में लाया जा सके।
संभागीय आयुक्त प्रतिभा सिंह,जिला कलेक्टर रविंद्र गोस्वामी से भी सीएम भजनलाल शर्मा ने चर्चा की निर्माण कार्यों की समीक्षा की।
सीएम बनने के बाद पहली बार हाड़ौती दौरे पर पहुंचे भजन लाल शर्मा
राजस्थान के मुख्यमंत्री बनने के बाद पहली बार भजन लाल शर्मा ने हाड़ौती का दौरा किया और हाड़ौती संभाग के साथ राजस्थान के सबसे बड़े नोनेरा एबरा बांध का निरीक्षण कर बांध का जायजा लिया इस दौरान जिले के आला अधिकारी सीएम के दौरे के दौरान मोजूद रहे।
170 किमी दूर जाएगा नदियों का सरप्लस पानी
ईआरसीपी प्रोजेक्ट के तहत बन रहे नोनेरा एबरा बांध का निर्माण पूर्ण होने पर पानी को हाड़ौती की नदियों के सरप्लस पानी को 170 किलोमीटर दूर तक ले जाया जाना है। इसके लिए पंपिंग, ग्रेविटी चैनल एस्कैप, ग्रेविटी फीडर, कैनाल, सुरंग और पानी के लिए पुलिया बनेगी।
करीब 37,500 करोड़ की इस परियोजना में 2 लाख हेक्टेयर जमीन को संचित करना और करीब 62 लाख की आबादी को पेयजल उपलब्ध कराना है। साथ ही ईआरसीपी से हाड़ौती के चारों जिलों बारां, बूंदी, कोटा और झालावाड़ के अलावा सवाई माधोपुर, अजमेर, टोंक, जयपुर, दौसा, करौली, अलवर, भरतपुर और धौलपुर जिले को इस बांध से पानी पहुंचाने की केंद्र सरकार और राज्य सरकार की योजना है।
राजस्थान के सबसे बड़े बांध का स्ट्रेकचर
राजस्थान के सबसे बड़े नोनेरा एबरा बांध का निर्माण कार्य पूर्ण होने के पश्चात इस बांध में 27 गेट होंगे वहीं इस बांध की सतह से ऊंचाई करीब 26 मीटर रहेगी। इस बांध में 226.65 मिलियन घन मीटर पानी की भराव क्षमता रहेगी। जिससे इस बांध का पानी राजस्थान के 13जिलों को पहुंचाया जा सकेगा।
इटावा क्षेत्र में बढ़ेगा वाटर लेवल
राजस्थान के सबसे बड़े नोनेरा एबरा बांध के निर्माण के बाद जब इस बांध में पानी का भराव किया जाएगा। तो इस बांध में पानी भरने के साथ ही इटावा उपखंड और दीगोद उपखंड क्षेत्र के कई गांवों के किसानों को भी फायदा मिलेगा और इस बांध के निर्माण के साथ ही क्षेत्र में वाटर लेवल ऊपर आएगा।
जिससे की नलकूप कुएं आदि में पानी की कमी नहीं आएगी और किसानों को इस बांध का खासा फायदा मिल पाएगा












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