IAS Tiba Dabi की इस बात पर फिदा हुआ किशन राज, पाक से राजस्थान आकर लिख दी दर्दभरी कहानी
IAS Tina Dabi Book: राजस्थान कैडर की आईएएस अधिकारी टीना डाबी अक्सर सुर्खियों रहती हैं। कभी अपने काम को लेकर तो कभी निजी जिंदगी की वजह से।
हाल ही टीना डाबी मैटरनिटी लीव से लौटे हैं। आते ही उन्हें EGS में आयुक्त पद पर लगाया गया है। जैसलमेर जिला कलेक्टर रहते हुए टीना डाबी मैटरनिटी लीव पर चली गई थीं।

बेटे निखिल के जन्म के बाद काम पर लौटी आईएएस टीना डाबी पर लिखी गई किताब की वजह से वे छाई हुई हैं। पुस्तक उनके प्रशंसक किशन राज भील ने लिखी है।
किशन राज मूलरूप से पाकिस्तानी हैं। महज सात साल की उम्र में किशन पाकिस्तान से भारत चला आया और राजस्थान के जैसलमेर की भील बस्ती में रहने लगा। किशन राज को भारत की नागरिकता भी मिल चुकी है।
टीना डाबी जैसलमेर में जिला कलेक्टर रही थीं तब किशन राज उनके काम करने के तरीके से काफी प्रभावित हुआ। खास तब जब साल 2023 में टीना डाबी के आदेश पर पाक विस्थापितों की अस्थायी बस्ती पर बुलडोजर चला।

इस कार्रवाई को लेकर टीना डाबी सोशल मीडिया में खूब ट्रोल हुई थीं। हालांकि बाद में टीना डाबी ने जब कदम उठाया, उसने सबका दिल जीत लिया और किशन राज को भी उन पर किताब लिखने को मजबूर कर दिया। किताब के कवर फोटो टीना डाबी की तस्वीर छापी गई है।
मीडिया से बातचीत में किशन राज ने बताया कि वो पाक विस्थापित हैं। उनके परिवार को कई कठिनाइयों का सामना करना पड़ा। उनके जैसे यहां कई परिवार हैं। ऐसे में उन्होंने पाक विस्थापित की दर्दभरी कहानियों पर पुस्तक लिख दी।
किशन राज कहते हैं कि साल 2023 में जैसलमेर में पाक विस्थापित को 40 घरों को अवैध बताकर उन पर जेसीबी चली। हालांकि बाद में जिला कलेक्टर टीना डाबी की वजह से पाक विस्थापित को स्थायी जमीन मिली। घर फिर से आबाद हुए। ऐसे में पुस्तक में टीना डाबी का आभार जताया गया है।












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