Rajasthan News: मंत्री किरोड़ी सियासत से क्यों आहत ? राजनीति को लेकर खुले मंच से जाहिर कर दी मन की पीड़ा
Kirodi Lal Meena: राजस्थान में पेपर लीक से लेकर फिर सिसायत और अब घोटाले को लेकर बयानों से भजनलाल सरकार के कैबिनेट में कृषि मंत्री डॉक्टर किरोड़ी लाल मीना फिर से चर्चाओं में है।
इस बार पहले तो सबसे ज्यादा चर्चा में इस वजह से भी आए कि दौसा लोकसभा सीट पर भाजपा प्रत्याशी कन्हैयालाल मीना के चुनाव हारने पर अपने पद से इस्तीफा देने का ऐलान किया था।

लेकिन पिछले कुछ दिनों में मंत्री किरोड़ी लाल मीना फिर से सुर्खियों में बने हुए है। जिसकी वजह मंत्री पद से इस्तीफा देने की तारीख और दिन के सवालों पर चुप्पी साधने वाले वीडियो तो मानी ही जा रही है लेकिन अब उससे ज्यादा चर्चा माउंट आबू में एक कार्यक्रम में कृषि विभाग में घोटाले और राजनीति को उद्योग के बयान को लेकर भी है।
दरअससल मंत्री किरोड़ी लाल मीना ने सिरोही जिले के माउंट आबू में ब्रह्माकुमारीज संस्थान के आयोजित ज्ञान सरोवर कार्यक्रम के दौरान बड़ी बेबाकी से कह दिया कि "राजनीति सेवा नहीं, उद्योग बन गया है"।
मंत्री किरोड़ी लाल मीना के इस बयान को लेकर सियासी जानकार कई अर्थ और मायने निकाल रहे है। हर कोई अपने अपने तरीके से सियासी गुणा भाग कर रहा है।
कुछ लोग तो यहां तक कयास लगा रहे है कि दौसा विधानसभा सीट पर होने वाले उपचुनावों में मंत्री किरोड़ी लाल अपने भाई जगमोहन मीना को टिकट दिलवाकर सियासत का आखिरी दांव खेलना चाहते है।
और यहीं वजह है कि पहले मंत्री पद से इस्तीफा देने का बयान देकर आलाकमान पर दबाव बनाने की कोशिश की गई। 4 जून को नतीजे घोषित होने के साथ ही अपने सोशल प्लेटफार्म एक्स पर की गई पोस्ट को लेकर यहीं कयास थे कि मंत्री किरोड़ी लाल कभी भी इस्तीफा देने का ऐलान कर सकते है।
लेकिन 13 दिन बाद भी मंत्री किरोड़ी के इस्तीफा नहीं देने और मीडिया के सवालों पर चुप्पी साधकर ब्रह्माकुमारी संस्थान के आयोजन में जो बयान देकर सियासी हड़कंप मचाया है उससे एक बार फिर डॉक्टर किरोड़ी लाल मीना की राजनीतिक पीड़ा का आंकलन किया जा रहा है।
आपकों बता दे कि राजस्थान के कृषिमंत्री किरोड़ीलाल मीणा ने माउंट आबू के ब्रह्माकुमारीज संस्थान के ज्ञान सरोवर में आयोजित किसानों के सम्मेलन में बड़ा बयान दिया।
उन्होंने राजनीति पर प्रहार करते हुए कहा कि मेरा मानना है कि राजनीति आज सेवा नहीं बल्कि उद्योग बन गया है। भ्रष्टाचार का इतना बोलबाला है कि जैसे ही कोई फाईल उठाता हूं। उसमें घोटाला ही निकलता है।
हमारे विभाग में कुछ ऐसे अधिकारी थी जो लम्बे समय से अपने पद पर बने हुए थे। उन्हें हटाया तो शोर मच गया। इसके साथ ही उन्होंने सभी राजनेताओं के लिए अध्यात्म का पाठ पढ़ाने की अपील भी की।
सबसे बड़ी बात तो यह है कि उन्होंने स्वीकार किया वे राजस्थान के कृषि मंत्री है। प्रदेश के कृषि के क्षेत्र में आगे ले जाने का प्रयास करेंगे।
एक तरह से इस्तीफे की बात पर बिन्दू लगा दिया। इस बयान के कुछ घंटे पहले ही उन्होंने इस्तीफे के सवाल पर मुंह पर हाथ रखकर चुप्पी साध ली थी।












Click it and Unblock the Notifications