Barmer @46.2 डिग्री: आसमां से बरसते अंगारों के बीच बॉर्डर की सुरक्षा, BSF जवान ऐसे जीतते हैं 'हीटवेव से जंग'

Barmer Rajasthan: राजस्‍थान में गर्मी के तेवर तीखे हो चले हैं। दोपहर को सूबे का कोना-कोना गर्म भट्टी की मानिंद धधकने लगा है। भारत-पाकिस्‍तान सरहदी इलाकों में धोरे (मिट्टी) सुलगने लगे हैं बल्कि आसमां से आग भी बरसने लगी है। इस बात का अंदाजा इससे लगाया जा सकता है कि 9 अप्रेल 2025 को राजस्‍थान का बाड़मेर सबसे गर्म स्‍थान रहा है।

मौसम विभाग जयपुर के निदेशक राधेश्याम शर्मा के अनुसार इस दिनों राजस्थान के अभी अधिकांश जिलों में अधिकतम तापमान 44-46 डिग्री सेल्सियस तक पहुंच चुका है। 9 अप्रेल 2025 को अधिकांश इलाकों में हीट वेव की स्थिति बनी रही। बाड़मेर में अधिकतम 46.2 डिग्री सेल्सियस तापमान दर्ज़ हुआ है।

BSF Jawan Battle with Heat Waves

राजस्‍थान में अप्रेल माह माह में जून जैसी गर्मी पड़ रही है। दोपहर को तन झुलसा देने वाली लू ने हर किसी का जीना मुहाल कर रखा है। नौतपा तो अभी बाकी है। नौतपा का मतलब है, जब सूर्य रोहिणी नक्षत्र में प्रवेश करता है तो उस दौरान भीषण गर्मी पड़ती है। इन अधिकत तापमान 50 डिग्री तक पहुंच जाता है।

गर्मी को देखते हुए सवाल उठता है कि राजस्‍थान में सबसे गर्म जगह बाड़मेर-जैसलमेर में भारत-पाकिस्‍तान सरहद पर सीमा सुरक्षा बल (BSF) के जवान सुरक्षा कैसे कर पाते हैं, क्‍योंकि देश के दुश्‍मन पाकिस्‍तान के साथ-साथ फौजियों को गर्मी से भी जंग लड़नी पड़ती है।

BSF Jawan Battle with Heat Waves

गर्मियों में सीमा पर विशेष इंतजाम

राजस्‍थान में सरहद की रक्षा करते जवान गर्मी को मात देने के लिए देसी तौर-तरीके भी अपनाते हैं। पूर्व में एक मीडिया इंटरव्‍यू में भारतीय सेना के अधिकारी ने बताया था कि सरहद पर जवानों के हौसलें बुलंद हैं। भीषण गर्मी में राजस्‍थान बॉर्डर पर तैनात होने वाले बीएसएफ जवानों के लिए दिन में 3 बार निम्बू पानी की व्यवस्था की जाती है।

BSF Jawan Battle with Heat Waves

सीमा पर तैनात जवानों के दोपहर के भोजन में उसके अलावा खाने में प्याज तथा छाछ-राबड़ी व ग्लूकोन डी वगैरह कई तरीके के इंतजाम किए जाते हैं। इसके अलावा गर्मियों में बीएसएफ की तरफ से वाहनों और ऊंटों के जरिए पेट्रोलिंग बढ़ाई जाती है ताकि जवानों को थार मरुस्थल की गर्म रेत पर ज्यादा पैदल न चलना पड़े।

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तापमापी यंत्र तक पिघल जाते, फिर भी डटे रहते जवान

राजस्‍थान के बाड़मेर-जैसलमेर में रेत इस कदर गर्म हो जाती है कि सीमा की सुरक्षा कर रहे जवानों के जूते तक पिघल जाते हैं। सीमा चौकियों पर मौसम का मिजाज जानने के लिए लगाई तापमापी समेत अन्‍य उपकरण लू की वजह से काले पड़ जाते हैं। भीषण गर्मी की चपेट में आने से बचने के लिए सेना के जवान छाछ-राबड़ी और नीबू पानी के साथ-साथ मुंह पर कपड़ा भी बांधकर रखते हैं।

14 अप्रैल से फिर बढेगी गर्मी

मौसम विभाग जयपुर के निदेशक राधेश्याम शर्मा ने बताया कि अभी पश्चिम विक्षोभ सक्रिय होने की वजह से गर्मी से राहत मिलने की उम्‍मीद है, मगर 14 और 15 अप्रैल से पश्चिमी राजस्‍थान बाड़मेर, जैसलमेर और फलोदी इलाके में अधिकतम तापमान 45 डिग्री सेल्सियस पार जाने की संभावना है। लू का प्रकोप भी देखने को मिल सकता है।

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