जयपुर साहित्य महोत्सव 2024: कन्हैयालाल सेठिया कविता पुरस्कार से अरुंधति सुब्रमण्यम होगीं सम्मानित
Jaipur Literature Festival 2024: जयपुर लिटरेचर फेस्टिवल 2024 में कन्हैयालाल सेठिया कविता पुरस्कार से अरुंधति सुब्रमण्यम को सम्मानित किया जाएगा।
जयपुर लिटरेचर फेस्टवल 2024 इस बार 1 फरवरी से 5 फरवरी तक जयपुर के होटल क्लार्क्स आमेर में आयोजित किया जा रहा है।

अरुंधति सुब्रमण्यम एक कवि और लेखिका है। जिनकों जयपुर लिटरेचर फेस्टिवल की जूरी द्वारा कन्हैया लाल सेठिया कविता पुरस्कार 2024 के लिए चुना गया है।
इस पुरस्कार समारोह में फेस्टिवल की जूरी की ओर से अरुंधति सुब्रमण्यम को 3 फरवरी को एक लाख रूपए राशि के चेक और प्रशस्ति पत्र से सम्मानित किया जाएगा।
कौन हैं अरुंधति सुब्रमण्यम ?
अरुंधति सुब्रमण्यम अब तक कविता की चार पुस्तकें लिख चुकी है। हाल ही में 'व्हेन गॉड इज ए ट्रैवलर' की अनुवादित नई किताब "पोएट्री बुक सोसाइटी", यूके की विंटर चॉइस है, जो टीएस एलियट पोएट्री पुरस्कार के लिए भी चुनी गई है।
सुब्रमण्यम ने एक कला पत्रकार, क्यूरेटर और कविता संपादक के रूप में काम किया है। उनके गद्य कार्यों में एक समकालीन रहस्यवादी, सद्गुरु की सबसे अधिक बिकने वाली जीवनी, 'मोर दैन ए लाइफ' और 'द बुक ऑफ बुद्धा' शामिल हैं।
क्या हैं कन्हैयाल सेठिया कविता पुरस्कार ?
यह पुरस्कार प्रसिद्ध कवि कन्हैयालाल सेठिया की स्मृति में जयपुर लिटरेचर फेस्टिवल के आयोजकों द्वारा हर साल किसी एक कवि,लेखक या साहित्यकार का चयन कर दिया जाता है। इस बार इस पुरस्कार के लिए अरुंधति सुब्रमण्यम का चयन किया गया है। इस पुरस्कार के तहत अरुंधति सुब्रमण्यम को एक लाख रूपए की राशि के चेक के साथ प्रशंसा पत्र भी दिया जाता है।
कौन थे कन्हैया लाल सेठिया जिनकों मिला था पद्मश्री ?
महाकवि कन्हैयालाल सेठिया का जन्म 11 सितम्बर 1919 में जन्मे थे और 11 नम्बर 2008 को उनका निधन हो गया था। सेठिया राजस्थानी भाषा के प्रसिद्ध कवि थे। उन्हें साल 2004 में पद्मश्री से भी सम्मानित किया जा चुका है। साथ ही साहित्य अकादमी पुरस्कार तथा 1988 में ज्ञानपीठ के मूर्तिदेवी साहित्य पुरस्कार से भी सम्मानित किया गया था।
राजस्थान के प्रसिद्ध गीत गाए जाने वाली कविता 'धरती धोरा रे' के लिए प्रसिद्ध महाकवि कन्हैयालाल सेठिया ने देश के साहित्यिक परिदृश्य पर एक अमिट छाप छोड़ी है।
सेठिया की गान, कविता पर आधारित गौतम घोष द्वारा निर्देशित एक वृत्तचित्र फिल्म, 'लैंड ऑफ सैंड ड्यून्स' को भारत सरकार से राष्ट्रीय पुरस्कार गोल्डन लोटस मिला। यह कविता नई दिल्ली में 2016 के गणतंत्र दिवस परेड में प्रदर्शित की गई थी।
हिंदी, उर्दू और राजस्थानी के विपुल लेखक महाकवि कन्हैयालाल सेठिया ने 42 पुस्तकें लिखीं। 2004 में पद्म श्री और 2012 में राजस्थान रत्न से सम्मानित, उन्होंने सामाजिक सक्रियता और पर्यावरण चेतना की भावना को मूर्त रूप दिया।
जयपुर साहित्य महोत्सव के बारे में
जयपुर लिटरेचर फेस्टिवल पिछले 16 वर्षों से राजस्थान के पिंक सिटी जयपुर में आयोजित किया जा रहा है। इस बार 17 वां जयपुर लिटरेचर फेस्टिवल होटल क्लार्क्स आमेर में आयोजित होगा।
इसमें अब तक देश और दुनियां के करीब 2000 वक्ता शिरकत कर चुके है। सदी के महानायक अमिताभ बच्चन भी बतौर वक्ता शिरकत कर चुके है। अमर्त्य सेन, दिवंगत ए.पी.जे. अब्दुल कलाम, धार्मगुरू 14वें दलाई लामा, ओपरा विन्फ्रे, स्टीफन फ्राई, थॉमस पिकेटी और अफगानिस्तान के पूर्व राष्ट्रपति हामिद करजई भी शामिल हो चुके है।
खास बात यह है कि नोबेल पुरस्कार विजेता जे.एम. कोएत्ज़ी, ओरहान पामुक और मुहम्मद यूनुस, मैन बुकर पुरस्कार विजेता बेन ओकरी, मार्गरेट एटवुड और पॉल बीटी, साहित्य अकादमी विजेता गिरीश कर्नाड, गुलज़ार, जावेद अख्तर, एम.टी. भी शामिल हैं। वासुदेवन नायर के साथ-साथ दिवंगत महाश्वेता देवी और यू.आर. अनंतमूर्ति के साथ-साथ अमीश त्रिपाठी, चिम्मांडा नगोज़ी अदिची और विक्रम सेठ सहित साहित्यिक सुपरस्टार भी शामिल हुए।












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