नवजात शिशुओं की खरीदी-ब्रिक्री मामला, आरोपी नर्स हुई गायब, रायपुर पुलिस ने बढ़ाया जांच का दायरा
रायपुर, 23 जुलाई। छत्तीसगढ़ की राजधानी रायपुर में निसंतानों को बच्चे बेचने वाले गिरोह का खुलासा होने के बाद पुलिस एक्शन मोड पर आ गई है। इस मामले में 4 लाख में बच्चे की सौदेबाजी करने वाली आरोपी नर्स गायब हो गई है ।
रायपुर, 23 जुलाई। छत्तीसगढ़ की राजधानी रायपुर में निसंतानों को बच्चे बेचने वाले गिरोह का खुलासा होने के बाद पुलिस एक्शन मोड पर आ गई है। इस मामले में 4 लाख में बच्चे की सौदेबाजी करने वाली आरोपी नर्स गायब हो गई है । पुलिस ने जब महिला की धरपकड़ करने के लिए प्रयास शुरू किये,तो उसका मोबाइल बंद बताने लगा और मकान में भी ताला लगा नजर आया। अब आरोपी महिला को रायपुर पुलिस तलाश करने में जुट गई है।

कई राज्यों में फैला है आरोपी महिला का नेटवर्क
रायपुर शहर के कोतवाली सीएसपी की तरफ से गठित पुलिस एक्शन टीम आरोपी नर्स की तलाश कर रही है। पुलिस को नर्स के मोबाइल में किये गए बातचीत का ब्यौरा निकाला है,जिससे ज्ञात हुआ है की वह रायपुर ही नहीं बल्कि बिहार, उत्तर प्रदेश , आंध्र प्रदेश, राजस्थान और गुजरात के मेडिकल प्रोफेशनलों और अस्पतालों के कर्मचारियों के सम्पर्क में थी। मोबाइल डिटेल खंगालने के बाद पुलिस का शक बढ़ गया है। शुरुआती जांच के मुताबिक महिला का नेटवर्क 6 से अधिक राज्यों तक फैला हुआ है।

कई अस्पतालों के शामिल होने की आशंका,पुलिस जुटा रही जानकारी
नर्स से पूछताछ के बाद बच्चो को बेचे जाने वाले बड़े रैकेट के खुलासे के आसार बन रहे हैं। पुलिस अधिकारियों के मुताबिक डाक्टरों और अस्पताल प्रबंधकों को पूछताछ के लिए बुलाया गया है। पुलिस ने फिलहाल सभी को जांच के दायरे में रखा है। जिसमे से कुछ आईवीएफ और सरोगेसी का काम करने वाले अस्पताल शामिल हैं।
पुलिस की तरफ से इन्ही अस्पतालों को चिट्ठी लिखकर जानकारी मांगी जाएगी। CSP कोतवाली अविनाश मिश्रा ने बताया का कहना है कि उन्होंने एसएसपी के निर्देश पर मामले की पड़ताल शुरू कर दी है। पुलिस ने अपनी जाँच के लिए एक दर्जन 12 बिंदु तय किए गए हैं,जिसके आधार पर जांच की जा रही है। बताया जा रहा है कि आरोपी नर्स मूलत: मध्यप्रदेश की रहने वाली है। चंगोराभाठा क्षेत्र में किराए के मकान में रहती थी।

अविवाहित लड़कियों से सरोगेसी के संबंध में खुलासा
गौरतलब है कि बीते दिनों दरअसल एक अख़बार ने अपनी खबर में बताया था कि किस तरह रायपुर में एक नर्स की तरफ से 4 लाख रुपए में बच्चे को बेचने किए लिए राजी ही गई थी।छत्तीसगढ़ में प्रतिबंध होने के बावजूद अविवाहित लड़कियों से सरोगेसी के संबंध में खुलासा किया गया था।
इस खबर के बाद स्वास्थ्य महकमे के साथ ही प्रशासन और पुलिस भी सतर्क हो गया है।मामले का खुलासा होने के बाद रायपुर सीएमएमएचओ ने भी माना था कि यह मामला अत्यंत गंभीर है। मामले के सामने आने के अब हेल्थ डिपार्टमेन्ट ने अपने स्तर पर कार्यवाही शुरू कर दी है। वही सीएमएचओ मीरा बघेल ने रायपुर एसएसपी प्रशांत अग्रवाल को लिखकर जांच करके आरोपियों को गिरफ्तार करने की मांग की थी।

क्लू ढूंढकर छापेमारी करेगी पुलिस
बताया जा रहा है कि पुलिस रायपुर के अलावा पड़ोसी जिलों में भी क्लू ढूंढकर छापेमारी करेगी। पुलिस को अपनी शुरुआती पड़ताल में यह जानकारी मिली है कि बाहरी इलाकों में बच्चों के माता पिता से सम्पर्क करके उन्हें बेचने के लिए तैयार किया जाता है।
ऐसे प्रकरण में दोनों पक्षों की सहमति करवा ली जाती थी, इसलिए मामला पुलिस के पास नहीं पहुंच पाता था,क्योंकि तय होने के कारण सभी बातें सेटल हो जाती थी। एक जानकारी के मुताबिक पूरे छत्तीसगढ़ में फ़िलहाल 2200 अनाथ बच्चे हैं, किन्तु इनको गोद लेने की प्रक्रिया इतनी कठिन है कि कई एप्लीकेशन पांच साल से पेंडिंग हैं।
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