Godhan Nyay Yojna: सीएम भूपेश ने हितग्राहियों के खाते में डाले 7.83 करोड़ रुपए, महिला समूहों को मिला लाभांश
मुख्यमंत्री भूपेश बघेल ने आज गोधन न्याय योजना के तहत 62517 गोबर संग्राहको को चार करोड़ 65 लाख की राशि का भुगतान किया। इसके अलावा गौठान समितियों एवं महिला समूह के खाते में राशि अंतरित की।

छत्तीसगड़ सरकार की महत्वकांक्षी योजना का लाभ जनता तक पहुंचाने के लिए प्रदेश सरकार लगातार काम रही है। जिसके तहत आज गोधन न्याय योजना हितग्राहियों के खाते में फिर से राशि का भुगतान किया गया। मुख्यमंत्री भूपेश बघेल ने अपने निवास कार्यालय में आयोजित वर्चुअल कार्यक्रम में गोधन न्याय योजना के हितग्राहियों को 7 करोड़ 83 लाख रूपए का भुगतान किया।

मुख्यमंत्री ने 16 नवम्बर से 30 नवम्बर तक गौठानों में पशुपालक ग्रामीणों, किसानों, भूमिहीनों से क्रय 2.31 क्विंटल गोबर के एवज में उनके खाते में 4 करोड़ 62 लाख रूपए की राशि ऑनलाईन अंतरित किया गया। 62517 गोबर संग्राहकों को इस राशि का भुगतान किया गया। गोधन न्याय योजना के तहत अब तक गोबर विक्रेताओं को 188 करोड़ रूपए से अधिक राशि का भुगतान किया जा चुका है।
महिला स्व-सहायता समूहों को 170 करोड़ का भुगतान
मुख्यमन्त्री की गोधन न्याय योजना में गोबर बिक्री करने वाली गौठान समितियों को एक करोड़ 28 लाख रुपए का भुगतान आज किया गया। इसी प्रकार महिला समूहों के खाते में एक करोड़ 93 लाख रूपए की लाभांश राशि अंतरित की गई। गौठान समितियों एवं महिला स्व-सहायता समूहों को भी अब तक 170.05 करोड़ रूपए से अधिक राशि का भुगतान किया जा चुका है।

स्वावलंबी गौठानों ने किया 2.88 करोड़ का भुगतान
कृषि विभाग से मिली जानकारी के अनुसार पिछले पखवाड़े में गोबर खरीदी के लिए प्रदेश के स्वावलंबी गौठनों ने कृषि विभाग की तुलना में अधिक राशि का भुगतान किया। गोबर विक्रेताओं को आज भुगतान की गई 4.62 करोड़ रुपए की राशि में से 2.88 करोड़ रुपए का भुगतान स्वावलंबी गौठानों ने अपने संसाधनों से और 1.74 करोड़ रूपए का भुगतान कृषि विभाग द्वारा किया गया।
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महिलाएं बन रही आत्मनिर्भर, परिवार में आई खुशहाली
मुख्यमंत्री की इस योजना का लाभ पशुपालकों, किसानों, और भूमिहीन के साथ साथ महिला समूहों, गौठान समितियों को भी मिल रहा है। महिला समुहें इस योजना का लाभ लेकर आत्म निर्भर बन रहें है। महिलाओं द्वारा गोबर से वर्मी कम्पोस्ट बनाकर पुनः सरकार को बेचा जा रहा है। सरकार की गोधन न्याय योजना से किसानों ने अपने बच्चों की पढ़ाई, नई गाड़ियां, घर निर्माण, गहने आदि खरीदने की क्षमता आई है। पशुपालकों को अब चारे की बढ़ती कीमत की चिंता से छुटकारा मिल है।












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