Exclusive:100 CC की बाइक से जीत ली सुपरक्रॉस बाइक रेसिंग, मिलिए उभरते BIKE RIDER कामेंद्र साहू से
Exclusive: Supercross bike racing with 100 CC bike, meet the emerging BIKE RIDER Kamendra SahuExclusive: Supercross bike racing with 100 CC bike, meet the emerging BIKE RIDER Kamendra Sahu ,chhattisgarh , raipur ,sports
रायपुर,12 मार्च। देश में साहसिक खेल यानि एडवेंचर स्पोर्टस तेजी से लोकप्रिय होते जा रहे हैं। बाइक राइडिंग के शौकीन युवा अब सुपर बाइक रेसिंग में करियर बनाने की दिशा में आगे बढ़ना चाहते हैं। सुपर बाइक रेसिंग को पसंद करने वाले लोगों की जुबान में इस समय छत्तीसगढ़ की राजधानी रायपुर में रहने वाले कामेंद्र साहू का नाम चढ़ा हुआ है। कामेंद्र में हाल ही में रायपुर में आयोजित हुई " राष्ट्रीय सुपरक्रॉस बाइक रेसिंग 2022" में अपनी 100 सीसी की साधारण सी मोटरसाइकल से 200 सीसी चला रहे नामी बाइकर्स को हराने का कारनामा कर दिखाया है। सामान्य परिवार के असाधारण साहसी युवा कामेंद्र साहू से वन इंडिया हिंदी संवाददाता धीरेंद्र गिरि गोस्वामी ने एक्सक्लुसिव चर्चा करके उनके फ्यूचर प्लान पर जानकारी हासिल की।

सवाल _ आप ही बताइए, आपने ऐसा क्या कर दिखाया है,जिसे देखकर लोग अब कह रहे हैं, कुछ भी हो सकता है?
जवाब _ मैंने हाल ही रायपुर में आयोजित नेशनल सुपरक्रॉस बाइक रेसिंग कॉम्पिटिशन 2022 में भाग लिया था। मुझे भी लगा था कि मेरे पास 100 सीसी की बाइक है और दूसरों के पास 200 से 250 सीसी की बाइक है ,जिसे देखकर मेरा कॉन्फिडेंस लेवल पहले डाउन हो चुका था ,मै डरा हुआ था, लेकिन फिर मैंने सोचा जब रेसिंग मैदान में उतर ही चुका हूं, तो खुद को पूरी तरह झोंक देता हूँ। मैंने देखा कि बाकी के लोग थोड़े डरे हुए और नर्वस थे। लेकिन मैंने ठान लिया था कि अब रुकना नहीं हैं। इसलिए सारी बाधाओं को पार करते हुए मैंने रेस जीत ली।
जब रेस खत्म हुई , तो अन्य राज्यों से आये बाइकर्स ने मेरी बाइक को आकर चैक किया कि क्या वाकई में यह बजाज की सीटी 100 है। सारे बाइकर्स में मुझे बधाई देते हुए कहा कि जब आप इस 100 सीसी की बाइक से कॉम्पिटिशन जीत सकते हैं, तो बेहतर बाइक से बड़ी-बड़ी रेसिंग में फाइट कर सकते हैं।
सवाल - इस रेस को जीतने के बाद एमआरएफ वालों ने भी आपसे सम्पर्क किया था?
जवाब - रेस में जीतने क बाद एमआरएफ वालों ने मुझसे बात की थी। उन्होंने मेरा नाम और नंबर नोट किया है और आगे संपर्क करने बात कही है ।
सवाल- अपने जो कॉम्पिटिशन जीता , उसमे और कौन थे? लोग इसे छत्तीसगढ़ के लड़के की जीत क्यों बता रहे हैं।
जवाब - मैंने छत्तीसगढ़ के ग्रुप में यह रेसिंग जीती थी। क्योंकि ग्रुप में नेशनल लेवल के खिलाडी भी शामिल थे,इसलिए इसका लेवल काफी ऊपर था। ग्रुप के दूसरे कॉम्पिटीटर इसलिए खुश थे ,क्योंकि मैं एकलौता छत्तीसगढ़ का प्लेयर था,जिसने 100 सीसी की बाइक से रेस जीती थी।
सवाल - एडवेंचर स्पोर्टस के अलावा आप क्या कर रहे हैं?
जवाब - मैं बाइक रेसिंग में ही आगे बढ़ना चाहता हूं, हालांकि मे बचपन से आर्मी में जाने की तैयारी कर रहा था,लेकिन मेडिकल टेस्ट पास नहीं कर पाने की वजह से मेरा सिलेक्शन नहीं हुआ। अब मै सब इंस्पेक्टर किम परीक्षा की तैयारी कर रहा हूं।
सवाल - बाइक राइडिंग के अलावा दूसरा कौन सा स्पोर्टस आपको पसंद है?
जवाब - मुझे साइकिलिंग पसंद है। मैं रायपुर से अंबिकापुर ,बस्तर ,डोंगरगढ़ तक की यात्रा कर चुका हूं।
सवाल - आपको क्या लगता है कि छत्तीसगढ़ के युवाओ को एडवेंचर स्पोर्ट्स में करियर बनाने के लिए सरकार सहयोग करेगी ? यूथ में कैसा रिस्पॉन्स देख रहे हैं?
जवाब - पहले जो भी बाइक राइडिंग इवेंट हुए हैं,उसमे पहले छत्तीसगढ़ के राइडर्स को तवज्जों नहीं दी जा रही थी। छत्तीसगढ़ सरकार के सहयोग से इसबार जो इवेंट हुआ,उसमे लोकल राइडर्स को भी मौका दिया गया। छत्तीसगढ़ सरकार ने लोकल राइडर्स के लिए एंट्री भी फ्री रखी थी,इसलिए मुझे लगता है कि अब युवाओं का रुझान सुपरक्रॉस बाइक रेसिंग की तरफ बढ़ा है।
सवाल - तकनीकी तौर पर ऐसा कैसे संभव है कि कोई 100 सीसी की बाइक से पावरफुल स्पोर्टस बाइक को हरा सकता है?
जवाब - आपके पास चाहे कितनी भी महंगी और बड़ी गाड़ी क्यों ना हो, रेस जीतने के लिए उसके पास जज़्बा होना चाहिए। अगर आप बिना डरे,तकनीक के साथ ,सारे नियमो का पालन करते हुए रेसिंग करते है,तभी आप रेसिंग जीत सकते हैं।
सवाल- क्या आपने बाइक राइडिंग की ट्रेनिंग ली है?
जवाब - नहीं मैंने बाइक राइडिंग की कोई ट्रेनिंग नहीं ली है। हां इतना जरूर है कि इंटरनेट पर वीडियोज देखकर मैंने तकनीक सीखी है,आगे मै बड़ी प्रतियोगिताओं में हिस्सा लेने के लिए प्रॉपर ट्रेनिंग करना चाहता हूं।
सवाल - सुपरक्रॉस बाइक रेसिंग काफी महंगा खेल है? आपको लगता है कि खुद के दम पर आप आगे कुछ कर पाएंगे?
जवाब - इस खेल में काफी महंगी बाइक्स और परिधान लगते हैं,अगर सरकार सहयोग करे तो जरूर इसमें अच्छा किया जा सकता है। जब रायपुर में सुपरक्रॉस बाइक रेसिंग होने वाली थी ,तब दो दिन पहले मैंने दोस्तों और रिश्तेदारों से चीजे इकट्ठा की थी। मैंने हैलमेट गॉगल ,स्पोर्टस जैकेट ,शूज और अन्य समान अलग- अलग लोगों से मांगे थे। रेसिंग के दौरान मेरे पास केवल 100 सीसी की बाइक ही थी,जिसे मैं अपना कह सकता हूं।
सवाल - आप अपनी तरफ से कुछ कहना चाहते हैं?
जवाब - जब मैंने नेशनल सुपरक्रॉस बाइक रेसिंग 2022 में भाग लेने के बारे में सोचा ,तब काफी लोगो से राय ली थी। 95 प्रतिशत लोगों ने कहा कि सुपरक्रॉस बाइक रेसिंग में इसमें खतरा होता है ,इसलिए कॉम्पिटिशन में हिस्सा मत लो। मुझे अपनी गाड़ी को मॉडिफाई करवाना था और उसका टायर बदलना था। इन दोनों कामों में काफी खर्चा था,इसलिए पहले में प्रतियोगिता से अपना नाम वापस ले लिया था ,लेकिन मेरे सीनियर कविश पांडेय ने मुझसे कहा कि मौका मिला है,तो जरूर कॉम्पिटिशन में फाइट करना चाहिए, ना जाने आगे कब मौका मिलेगा। उन्होंने मुझे मोटिवेट किया,तब जाकर मेरा हौसला बढ़ा और मुझे यह सफलता मिली है। मेरा मानना है कि इस सफलता में मेरे सीनियर का भी बहुत बड़ा हाथ हैं। मैं मुझे सपोर्ट करने वाले हर व्यक्ति को धन्यवाद कहना चाहता हूं।
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