छत्तीसगढ़: किसान महापंचायत में पहुंचे राकेश टिकैत, नवा रायपुर किसान आंदोलन का किया समर्थन
यपुर, छत्तीसगढ़ , नवा रायपुर, किसानो के आंदोलन , राकेश टिकैत , छत्तीसगढ़ प्रवास ,किसान महापंचायत ,आम बगीचा कयाबांधा ,आंदोलन ,नया रायपुर , दिल्ली , सियाराम पटेल ,नवा रायपुर, धरने
रायपुर, 27 अप्रैल। छत्तीसगढ़ के नवा रायपुर में जारी किसानों के आंदोलन को राकेश टिकैत का समर्थन मिल गया है। बुधवार को टिकैत अपने दो दिवसीय छत्तीसगढ़ प्रवास पर रायपुर पहुंचे। इस दौरान उन्होंने नवा रायपुर के किसानों के धरने में शामिल होकर अपने तेवर साफ कर दिए। टिकैत ने नवा रायपुर में आम बगीचा कयाबांधा किसान महापंचायत स्थल पर पहुंचकर किसानों में जोश भरा। इस दौरान उन्होंने कहा कि छत्तीसगढ़ सरकार समर्थन मूल्य तो दे रही है, लेकिन जमीन का सही दाम नहीं दे रही है। किसान किसी पार्टी के खिलाफ नहीं है, वह उसके विरोध में हैं, जो किसान विरोधी नीति बनाता है।

155 दिनों से जारी है किसान आंदोलन, अब मिला टिकैत का साथ
गौरतलब है कि नवा रायपुर में बीते 115 दिनों से किसानों का आंदोलन चल रहा है, जिसे हाल ही में सरकार ने रोकने का प्रयास किया था। नया रायपुर विकास प्राधिकरण के करीब किसानों के टेंट को हटा दिया गया था, जिसके बाद बुधवार को आम बगीचा कयाबांधा में आयोजित किसान महापंचायत आयोजित की गई, जिसमें राकेश टिकैत शामिल हुए। इस किसान महापंचायत ने नवा रायपुर प्रभावित 27 गांव के किसान शामिल हुए।

टिकैत ने किया किसान महापंचायत को संबोधित
रायपुर पहुंचे किसान नेता राकेश टिकैत ने कहा कि हम लोग नवा रायपुर के आंदोलन का हिस्सा हैं। किसानों का कई महीनों से आंदोलन चल रहा है, उसका समाधान कराएंगे। राकेश टिकैत ने कहा कि किसानों के आंदोलन को कुचलने का प्रयास गलत है। यह परंपरा नहीं होनी चाहिए, लेकिन आजकल हर सरकार यह काम करती है कि आंदोलन खत्म हो जाए। उन्होंने कहा कि अब सरकार को समझ आ गया कि लोग इकट्ठे होने वाले हैं, तो धरने की परमिशन दी गई है। उन्होंने कहा कि किसान आंदोलन किसी प्रेशर से खत्म नहीं होता, बल्कि बातचीत से आंदोलन खत्म होता है। अगर सरकार किसानों की मांग पूरी नहीं करेगी तो यह आंदोलन काफी लंबा चलेगा, क्योंकि नया रायपुर का आंदोलन दिल्ली से कमजोर नहीं है।

दिवंगत किसान सियाराम पटेल के परिजनों से मिले टिकैत
राकेश टिकैत ने नवा रायपुर में चल रहे आंदोलन के दौरान मरने वाले किसान सियाराम के परिजनों से भी मुलाकात की। गौरतलब है कि बुजुर्ग किसान सियाराम पटेल किसानों के पैदल मार्च में शामिल हुए थे, इसी दौरान अचानक तबियत बिगड़ने के बाद मौत हो गई थी। टिकैत ने सियाराम के पुत्र से मुलाकात करके उनकी जमीन के अधिग्रहण की जानकारी ली।

प्रशासन ने उखाड़ दिया था किसानो का पंडाल
दरअसल लगभग 2 महीनों से नवा रायपुर में किसान नया रायपुर विकास प्रधिकरण के दफ्तर के बाहर धरना दे रहे थे। इस विरोध के दौरान एक किसान की मौत हो गई थी। किसानों की मांग है कि नवा रायपुर बसाने के लिए अधिग्रहित की गई जमींन का अधिक और उचित मुआवजा मिलना चाहिए, इसके अलावा उन्हें दुकानें और रोजगार दिए जाने के साथ प्रतिबंधित इलाकों में जमीन खरीदने और बेचने की छूट मिलनी चाहिए। दो दिन पूर्व ही पुलिस ने अचानक किसानों के आंदोलन को अवैध बताकर उनका टेंट उखाड़ दिया था, जिसके बाद अब किसान नवा रायपुर में दूसरे स्थान पर धरने पर फिर से बैठ गए हैं।
यह भी पढ़ें छत्तीसगढ़: हसदेव अरण्य बचाने जारी है आदिवासियों का धरना, कभी सरकार से,कभी भगवान से कर रहे विनती !












Click it and Unblock the Notifications