आखिर क्यों किया गया लुधियाना विस्फोट? बर्खास्त पुलिसकर्मी था हमलावर, जानें अब तक की बड़ी बातें
आखिर क्यों किया गया लुधियाना विस्फोट? बर्खास्त पुलिसकर्मी था हमलावर, जानें अब तक की बड़ी बातें
चंडीगढ़, 25 दिसंबर: पंजाब के लुधियाना जिला एवं सत्र न्यायालय में 23 दिसंबर को हुए विस्फोट में एक व्यक्ति की मौत हो गई और पांच अन्य घायल हो गए थे। लुधियाना विस्फोट में मरने वाले व्यक्ति की पहचान बर्खास्त पुलिसकर्मी के रूप में की गई है। ये वही बर्खास्त पुलिसकर्मी है, जिसने विस्फोट किया था। बर्खास्त पुलिसकर्मी का नाम गगनदीप है। गगनदीप को पुलिस ने बर्खास्त कर दिया था, जिससे उसके और उसकी पत्नी के बीच अनबन भी हो गई थी। बाद में वह अवैध गतिविधियों में भी शामिल हो गया था। पंजाब पुलिस ने भऊी इस बात की पुष्टि की है।
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आखिर कैसे हुआ लुधियाना कोर्ट में ब्लास्ट?
यह पूछे जाने पर कि क्या लुधियाना विस्फोट पीड़ित की पहचान की पुष्टि की गई है? इस सवाल के जवाब में पंजाब के डीजीपी सिद्धार्थ चट्टोपाध्याय ने कहा है, ''मृतक व्यक्ति पूर्व पुलिसकर्मी गगनदीप सिंह लुधियाना विस्फोट को अंजाम दे रहा था। ड्रग-तस्करी मामले में गिरफ्तारी के बाद उन्हें 2019 में सेवा से बर्खास्त कर दिया गया और दो साल जेल में बिताए थे।''
सूत्रों के मुताबिक विस्फोट के वक्त गगनदीप का मोबाइल फोन फट गया। लेकिन गगनदीप के पास एक डोंगल था जिसके जरिए वह इंटरनेट का इस्तेमाल कर रहे थे। एनआईए और पंजाब पुलिस को शक है कि गगनदीप किसी से ऑनलाइन बम असेंबल करने और उसे एक्टिवेट करने की जानकारी ले रहा था।

परिजनों ने टैटू देखकर शव की पहचान की
गगनदीप के उसी इंटरनेट डोंगल के सिम के आधार पर गगनदीप की पहचान हुई और बाद में परिजनों ने उसका टैटू देखकर शव की पहचान की। बताया जा रहा है कि गगनदीप पुलिस विभाग से बर्खास्त होने के बाद 2 सालों के लिए जेल में था। एनएसजी और पुलिस अधिकारियों का मानना है कि मृतक वही था जिसने अदालत परिसर में बम लगाया था और जब उसने गलती से इसे बंद कर दिया तो उसकी मौत हो गई।

आखिर क्यों किया गया लुधियाना विस्फोट?
पंजाब पुलिस और एनआईए अब इस बात की जांच में जुटी है कि आखिर ये लुधियाना के जिला एवं सत्र न्यायालय में हुए विस्फोट के पीछे का मकसद क्या था। बर्खास्त पुलिसकर्मी को कोर्ट परिसर में विस्फोट करने के पीछे की क्या मंशा थी। इंडिया टुडे ने अपने सूत्रों के हवाले से दावा किया है कि लुधियाना कोर्ट ब्लास्ट के पीछे पाकिस्तान समर्थित बब्बर खालसा का हाथ होने का शक है।
पंजाब के लुधियाना जिला एवं सत्र न्यायालय में हुए विस्फोट में एक व्यक्ति की मौत हो गई और पांच अन्य घायल हो गए। यह विस्फोट लुधियाना में जिला एवं सत्र न्यायालय परिसर की दूसरी मंजिल पर 23 दिसंबर की दोपहर करीब 12:22 बजे एक शौचालय में हुआ। विस्फोट की तीव्रता ने आसपास की इमारतों को हिलाकर रख दिया। दीवारों और कांच की खिड़कियों के चकनाचूर हो जाने से इमारत के कई हिस्से क्षतिग्रस्त हो गए।












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