Navjot Singh Sidhu: अमृतपाल को लेकर क्या बोले नवजोत सिंह सिद्धू, रिहाई के बाद 10 प्वाइंट्स में रखी अपनी बात
अमृतपाल सिंह के बारे में उन्होंने सीधा जवाब नहीं दिया। उन्होंने कहा कि मैं सबसे पहले सिद्धू मूसेवाला के घर जाऊंगा। मैं पंजाब की कानून पर बात करूंगा।

Navjot Singh Sidhu: नवजोत सिंह सिद्धू आज पंजाब की पटियाला जेल से रिहा हो गए। समय से 48 दिन पहले ही उनकी रिहाई हो गई। जेल से रिहा होने पर उनसे वारिस पंजाब दे प्रमुख अमृतपाल सिंह के बारे में पूछा तो उन्होंने सीधा जवाब नहीं दिया। उन्होंने कहा कि मैं सिद्धू मैं सिद्धू मूसेवाला के घर जाऊंगा। वहां मैं पंजाब की कानून और व्यवस्था की स्थिति के बारे में बात करूंगा। 10 महीने की कड़ी कैद के बाद सिद्धू शनिवार को पटियाला जेल से रिहा हो गए। जेल में उनके अच्छे आचरण के कारण उन्हें उनकी निर्धारित रिहाई से कुछ हफ्ते पहले रिहा कर दिया गया। हालांकि उनकी जल्द रिहाई की फाइल को एक बार पंजाब सरकार ने खारिज कर दिया था।
सिद्धू के जेल से बाहर आने की बात सुनकर उनके समर्थक खुशी से झूम रहे हैं और ढोल-नगाड़े भी बजा रहे हैं तो वहीं सिद्धू के परिवार वालों के लिए भी ये एक बड़ी राहत है क्योंकि उनकी पत्नी नवजोत कौर की हाल ही में सर्जरी हुई है, उन्हें सेकेंड स्टेज का ब्रेस्ट कैंसर था।
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दरअसल कैदियों के लिए Prison Rules होते हैं, जिसके तहत अगर कोई कैदी अच्छा बर्ताव करता है तो जेल प्रशासन उनकी सजा में से 5 से 7 दिन कम कर देता है। यही नहीं कैदियों को भी साप्ताहिक छुट्टी के साथ-साथ सरकारी छुट्टियां भी मिलती हैं और कैदी पैरोल पर भी बाहर आते हैं। लेकिन सिद्धू ने जेल जाने के बाद ना तो कोई वीकली ऑफ लिया और ना ही उन्होंने सरकारी छुट्टी पर आराम किया और ना ही वो पैरोल पर बाहर आए, बल्कि उन्होंने जेल की ओर से कराए जा रहे सारे कामों को वक्त पर पूरा किया।
रिहाई के बाद क्या बोले नवजोत सिंह सिद्धू
1. लोकतंत्र नाम की कोई चीज नहीं होती। लोकतंत्र बेड़ियों में है।
2. पंजाब देश की ढाल है। लेकिन उस ढाल को नुकसान पहुंचाने की कोशिश हो रही है।
3. पंजाब को कमजोर करोगे तो तुम भी कमजोर हो जाओगे।
4. जब भी तानाशाही होती है, एक क्रांति आती है। इस क्रांति का नाम राहुल गांधी है।
5. राहुल गांधी अपने पूर्ववर्तियों से प्रेरणा लेकर लोकतंत्र को उसकी बेड़ियों से मुक्त करने की कोशिश कर रहे हैं। जब एक बाघ दहाड़ता है, तो वह पूरी दुनिया में - अमेरिका, जर्मनी में गूंजता है।
6. वाद-विवाद और असहमति इस लोकतंत्र का सार है।
7. सभी एजेंसियां आज गुलाम हैं। वे रबर स्टैंप हैं। वे केवल 4-6 लोगों के लिए काम करती हैं।
8. मैं इस चुनौतीपूर्ण समय में राहुल गांधी और प्रियंका गांधी के साथ और कांग्रेस के हर कार्यकर्ता के साथ एक दीवार की तरह खड़ा रहूंगा।
9. भगवंत मान मेरे छोटे भाई जैसे हैं लेकिन वे अखबारी मुखमंत्री बने हुए हैं।
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