पंजाब सरकार की बढ़ सकती है मुश्किलें, ट्रांसपोर्टर्स ने दिया 31 अक्टूबर तक नई पॉलिसी बनाने का अल्टीमेटम
होशियारपुर में ट्रांस्पोट से जुड़े कारोबारी लोगों ने सरकार द्वारा लिए जा रहे फ़ैसले पर बैठक की और सरकार की साफ़ शब्दों में निंदा की।
चंडीगढ़, अक्टूबर 27, 2021: पंजाब में विधानसभा चुनाव के मद्देनज़र पंजांब सरकार के मंत्री एक्टिव मोड में नज़र आ रहे हैं। राजा वडिंग ने जब से परिवहन मंत्री का पदभार संभाला है तब से ही उन्होंने ताबड़तोड़ फैसले लेने शुरू कर दिए हैं। इनके कार्यों की सराहना भी हो रही है लेकिन इसके बावजूद ट्रांस्पोर्ट व्यवसाय से जुड़े मध्य वर्गी ट्रांसपोर्टस राजा वडिंग के फ़ैसलों से नाराज़ भी दिख रहे हैं। होशियारपुर में ट्रांस्पोट से जुड़े कारोबारी लोगों ने सरकार द्वारा लिए जा रहे फ़ैसले पर बैठक की और सरकार की साफ़ शब्दों में निंदा की। ट्रांसपोर्टस की बैठक में फैसला लिया गया की अगर सरकार ने ट्रांस्पोट से जुड़ी कोई नई पालिसी जल्द नहीं बनाई तो 31 अक्टूबर को सभी जिले के मध्यवर्गी ट्रांसपोर्टर अपनी बसों की सेवा बंद कर देंगे।

'सरकार वादे से मुकर रही है'
मध्यवर्गी ट्रांसपोर्टर ने कहा कि कोरोना काल में उन्हें काफ़ी नुकसान हुआ है और सरकार ने उन से 1 जनवरी 2021 से 31 मार्च 2022 तक टैक्स माफ करना का वादा भी किया था लेकिन सरकार अब उन वादों से मुकर रही है औऱ बस ट्रांसपोर्टरों को जानबूझ कर तंग कर रही है। मध्यवर्गी ट्रांसपोर्टर ने दीवाली वाले दिन बस स्टैंड बंद करेंगे जिसकी जिम्मेदार सरकार खुद होगी। जिला ट्रांसपोटरों की बैठक में पंजाब सरकार की मौजूदा ट्रांसपोटरों खिलाफ जो सख्त कार्यशैली है उसकी कड़े शब्दों में निंदा की गई और मध्यवर्गी ट्रांसपोटर्स ने चेतावनी दी है कि अगर सरकार और परिवहन मंत्री राजा वडिंग ने 31 तारीख तक उनके हल नहीं किए तो 31 अक्टूबर के बाद मध्यवर्गी ट्रांसपोर्टर अपनी बसों की सेवा बंद कर देंगे।

परिवहन विभाग की आय में इज़ाफ़ा
पंजाब के परिवन मंत्री अमरिंदर सिंह राजा वडिंग ने बताया कि परिवहन विभाग की आय में 17.24 प्रतिशत वृद्धि हुई है। विभाग की रोजाना की आय में करीब 53 लाख रुपये का इज़ाफ़ा हुआ है। 15 सितंबर से 30 सितंबर तक विभाग को 46.28 करोड़ रुपये की आय हुई, जबकि 1 अक्टूबर से 15 अक्टूबर तक 54.26 करोड़ रुपये रोजाना की आय दर्ज की गई। परिवहन मंत्री ने बताया कि 258 ऐसे बसों को जब्त भी किया गया जिनके टैक्सों का भुगतान न करने, गैरकानूनी परमिट, दस्तावेज वग़ैरह नहीं थे। डिफाल्टरों के विरुद्ध सख्ती के बाद विभाग ने लंबित सरकारी टैक्स की 3.29 करोड़ रुपये की रकम वसूल की है।

ट्रांसपोर्ट माफिया ने सरकार को लगाया चूना
मंत्री राजा वडिंग ने कहा कि डिफॉल्टर बस ऑपरेटर पिछले 10 महीनों से टैक्स जमा करवाने में टाल मटोल कर रहे हैं, जबकि यह पैसा वह यात्रियों से टिकट के रूप में ले चुके हैं। उन्होंने कि अभी तक किसी भी विरोधी पार्टी ने इस बात का विरोध नहीं किया कि विभाग गलत कार्यवाही कर रहा है। उन्होंने कहा कि विभाग ने आरटीए के साथ-साथ बस डिपूओं के जनरल मैनेजरों को भी और ज्यादा शक्तियां देते हुए उनको बस स्टैंड के आसपास के 500 मीटर के घेरे में वाहनों की जांच करने के अधिकार दिए हैं।मंत्री ने कहा कि 53 लाख रुपये रोजाना की आय बढ़ी है। अगर 15 वर्षों का अनुमान लगाए तो ट्रांसपोर्ट माफिया ने सरकार का करीब 3000 करोड़ रुपये चूना लगाया है।
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