पंजाब विधानसभा का विशेष सत्र: बाग़ी विधायक और नेताओं पर टिकी सबकी निगाहें, विधायकों को व्हिप जारी
अब कैप्टन अमरिंदर सिंह ने सिख समुदाय के वोट बैंक को साधने के लिए श्री गुरु तेग बहादुर जी के 400वें प्रकाश पर्व को समर्पित एक दिवसीय विधानसभा का विशेष सत्र की बैठक बुलाई । पंजाब विधानसभा का विशेष सत्र शुरू हो चुका है।
चंडीगढ़: सितम्बर 3, 2021। पंजाब विधानसभा चुनाव के मद्देनज़र कांग्रेस पार्टी वोट बैंक साधने में ज़रा सा भी चूक करना नहीं चाह रही है। अब कैप्टन अमरिंदर सिंह ने सिख समुदाय के वोट बैंक को साधने के लिए श्री गुरु तेग बहादुर जी के 400वें प्रकाश पर्व को समर्पित एक दिवसीय विधानसभा का विशेष सत्र की बैठक बुलाई । पंजाब विधानसभा का विशेष सत्र शुरू हो चुका है। एक दिन के इस सत्र के हंगामेदार होने के आसार हैं। कांग्रेस और आम आदमी पार्टी ने अपने विधायकों को व्हिप जारी किया है।

दिवंगत राजनेताओं और हस्तियों को श्रद्धांजलि
सदन में कैप्टान अमरिंदर सिंह कैबिनेट के बागी मत्रियों पर ख़ास निगाहें हैं। सदन की कार्यवाही शुरू होने के बाद सबसे पहले पिछले दिनों दिवंगत हुए राजनेताओं और हस्तियों को श्रद्धांजलि दी गईं। पूर्व मंत्री सुरजीत कौर कालक्ट, पूर्व मंत्री गुरनाम सिंह, पूर्व सांसद रघुनंदन लाल भाटिया, पूर्व मंत्री गुलजार सिंह, पूर्व विधायक जुगराज सिंह गिल, , पूर्व मंत्री चौधरी राधा कृष्ण, इंद्रजीत जीरा, पूर्व संसदीय सचिव जगदीश साहनी, विधायक सुखदर्शन सिंह मराहड़ को सदन में श्रद्धांजलि दी गई। शोक प्रस्तारव में खेलमंत्री राणा गुरमीत सिंह सोढ़ी ने क्रिकेटर यशपाल शर्मा, मिल्खा सिंह और निर्मल मिल्खा सिंह के नाम भी शामिल कराए। इसके अलावा सिपाही प्रभजीत सिंह, काला सिंह, गुरदेव कौर, रंजीत सिंह ,सुलखन सिंह को श्रद्धांजलि दी गई। प्रसिद्ध एथलीट मिल्खा सिंह, मान कौर, पूर्व सचिव वाईएस रतड़ा, पूर्व डीजीपी इजहार आलम , शशपाल मल्होत्रा, मोहिंदर कौर, कुलदीप सिंह को भी श्रद्धांजलि दी गई।
AAP और कांग्रेस विधायकों को व्हिप जारी
कांग्रेस के चीफ व्हिप हरदयाल सिंह कंबोज ने व्हिप जारी करते हुए सभी विधायकों सत्र में शामिल रहने के साथ सत्र खत्म होने तक मौजूद रहने के लिए कहा है। वहीं आप के विधायकों को भी व्हिप जारी किया गया व्हिप कुलतार सिंह संधवां ने विधायकों को सभी दिन का बिजनेस खत्म होने तक विधानसभा में रहने और पार्टी लाइन पर चलने के लिए कहा है। आपको बता दें कि आमतौर पर विधानसभा सत्र के दौरान व्हिप जारी नहीं किया जाता है। व्हिप जारी जारी उस वक़्त किया जाता है जब सरकार या विपक्षी पार्टी को यह लगता है कि किसी मामले में उनके सदस्यों की सदन में मौजूदगी ज़रूरी है।
AAP ने की थी बहुमत साबित करने की मांग
ग़ौरतलब है कि पिछले सप्ताह तक आम आदमी पार्टी सरकार के खिलाफ अविश्वास प्रस्ताव लाने की बात कर रही थी जिसके लिए उन्होंने तत्कालीन राज्यपाल वीपी सिंह बदनौर को ज्ञापन देकर मुख्यमंत्री को सदन में बहुमत साबित करने की मांग भी की थी। आम आदमी पार्टी के नेता हरपाल सिंह चीमा ने तत्कालीन राज्यपाल को लिखा था कि पंजाब कांग्रेस के मंत्री और विधायक ने सीएम कैप्टन अमरिंदर सिंह के ख़िलाफ़ होते हुए बग़ावत कर दी है। और मुख्यमंत्री के ख़िलाफ़ ही अविश्वास जता रहे हैं। ऐसे में सीएम को सत्ता में बने रहने का कोई हक नहीं है।
विधानसभा स्पीकर से मुलाक़ात
बता दें कि मुख्यमंत्री कैप्टलन अमरिंदर सिंह पिछले दिनों अविश्वा स जताने वाले कैबिनेट मंत्रियों तृप्तम राजिंदर सिंह बजावा और सुखबिंदर सिंह सरकारिया ने विधानसभा स्पी कर राणा केपी सिंह से मुलाकात की थी। उनके साथ विधाययक कुशलदीप सिंह ढिल्लों भी थे। इसके बाद कयासबाजी शुरू हो गई कि बागी नेता विधानसभ में कैप्टीन सरकार के खिलाफ विश्वाढस प्रस्ताथव ला सकते हैं। अविश्वास प्रस्ताव लाने के मुद्दे पर सभी की निगाहें बाग़ी नेताओँ पर टीकी हुई हैं।
ये भी पढ़े: पंजाब के चुनावी रण में ताल ठोकने के लिए बाजवा तैयार, जानिए किस क्षेत्र से भरेंगे दम ?












Click it and Unblock the Notifications