सिद्धू मूसेवाला के जाने के बाद शेरू और बघीरा पर टूटा दुखों का पहाड़, दो दिन से खाना-पीना छोड़ा
नई दिल्ली: पंजाबी सिंगर और कांग्रेस नेता सिद्धू मूसेवाला की रविवार को गोली मारकर हत्या कर दी गई। जिसके बाद उनके परिवार पर दुखों का पहाड़ टूट पड़ा। मंगलवार को परिजनों, गांव वालों और उनके फैन्स ने उन्हें नम आंखों से श्रद्धांजलि दी। सिद्धू को जानवरों से बहुत प्यार था। उन्होंने दो कुत्ते पाल रखे थे। जिनकी इमोशनल स्टोरी अब सोशल मीडिया पर वायरल हो रही है।

हाथ से खाना खिलाते थे सिद्धू
मीडिया रिपोर्ट्स के मुताबिक शेरू और बघीरा को कई साल पहले सिद्धू घर लेकर आए थे। तब से वो दोनों उनके साथ ही रहते थे। यहां तक की सिद्धू दोनों को अपने हाथ से खाना खिलाते थे। सिद्धू के निधन के बाद दोनों पर दुखों का पहाड़ टूट पड़ा है। वो घर में शांत बैठे हैं और उन्होंने खाना भी छोड़ दिया। सिद्धू के घरवालों ने उन्हें खिलाने की बहुत कोशिश की, लेकिन वो खाना नहीं खा रहे।

पिता को देख लोगों के निकले आंसू
वहीं सिद्धू के पिता बलकौर सिंह सबसे मुश्किल हालात से गुजर रहे हैं। उन्होंने मंगलवार को अपने जवान बेटे को कंधा दिया। इसके बाद बेटे के प्रति लोगों के प्यार का सम्मान करते हुए उन्होंने अपनी पगड़ी उतार दी। अंतिम संस्कार से पहले बलकौर अपने बेटे की मूंछों को ताव देते हुए रो पड़े।

किसने रची हत्या की साजिश?
आपको बता दें कि इस हत्याकांड की जिम्मेदारी लॉरेंस विश्नोई और गोल्डी बराड़ ने ली है। विश्नोई अभी तिहाड़ जेल में बंद है, जबकि उसका गुर्गा गोल्डी कनाडा से गैंग को ऑपरेट करता है। इस हत्याकांड में रूसी ऑटोमैटिक राइफल का इस्तेमाल किया गया। पोस्टमार्टम रिपोर्ट के मुताबिक 24 गोलियां मूसेवाला के शरीर में दागी गई थीं।

क्या थी हत्या की वजह?
सिद्धू के पिता के मुताबिक उनके बेटे को बहुत से लोग रंगदारी के लिए फोन करते थे। लॉरेंस विश्नोई ने भी कई बार उनको फोन करके धमकी दी। हालांकि पंजाब पुलिस ने इस बात को खारिज कर दिया। उनका कहना है कि ये गैंगवार का मामला है। उनके मुताबिक विक्की मिड्डूखेड़ा हत्याकांड में मूसेवाला के मैनेजर का नाम आया था, जो विदेश भाग गया। उसी का बदला लेने के लिए विश्नोई गैंग ने इस वारदात को अंजाम दिया।












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